नए अध्यक्ष का कारनामा: किसी के चलाए तीर को लपककर BJP की पीठ में घोंप दिया

Untitled 22 copy 7
  • पिंकी, पंकज, पंकज चौधरी से अध्यक्ष  तक की दिलचस्प यात्रा

संजय तिवारी

भाजपा के नवनिर्वाचित अध्यक्ष पंकज चौधरी ने किसी अंजान तीर को पकड़ कर भाजपा की पीठ में ही घोंप दिया है। सामान्य ब्राह्मण जो कभी जाति की राजनीति नहीं करता, इस समय भाजपा का ही दुश्मन दिख रहा है। जातियों के सम्मेलन और विमर्श करने वाली पार्टी के इस नए अध्यक्ष को कुछ ब्राह्मण विधायकों की एक छोटी बैठक इतनी नागवार गुजरी कि तत्काल फतवा जैसा पत्रक जारी कर गंभीर चेतावनी दे डाली। परिणाम इतना भयावह है कि तीन दिन में यह मुद्दा सरकार में ब्राह्मणों की उपेक्षा से बहुत आगे निकल कर भाजपा के विरोध का स्वरूप लेने लगा है। नए अध्यक्ष के चयन में किसी सलाहकार ने पार्टी हाई कमान को गजब का गच्चा दिया है। संगठन का दूर दूर तक अनुभव नहीं रखने वाले कुर्मी जाति के नाम से बली बताए जाने वाले इस नेता पर लगाया गया दांव महंगा पड़ने वाला हो सकता है।

ये भी पढ़े

कर्नाटक का एंटी-हेट बिल नफरत रोकने की मंशा या अभिव्यक्ति पर सियासी शिकंजा?

लखनऊ में 24 दिसंबर की रात विधायकों की जुटान की वजह चाहे जो रही हो, अध्यक्ष ने किसी अन्य के चलाए तीर को पकड़ कर सीधे पार्टी की पीठ में ही गाड़ दिया है। याद कीजिए, 2007 में विधानसभा चुनाव बीत जाने के बाद तक किसी को अंदाजा नहीं था कि मायावती सरकार बना सकती हैं। परिणाम अचानक पलट गए थे। इसके पीछे ब्राह्मण ही थे। सतीश चंद्र मिश्र के वे सम्मेलन याद कर सकते हैं। इसी तरह 2011 में अखिलेश यादव की ताजपोशी को भी याद कीजिए। उस बार भी ब्राह्मण ही थे।अब भाजपा के इस अध्यक्ष जी को पता नहीं कुछ याद भी है या नहीं। साल था 1989, गोरखपुर में नगर निगम का चुनाव। हैंड पंप चुनाव चिह्न पर पार्षद का चुनाव लड़ने आया एक नौजवान। दोस्तों में उसे सब पिंकी कहते थे। कुछ कहते थे पंकज। आज वह पंकज चौधरी हैं। केंद्र सरकार में मंत्री हैं। उत्तर प्रदेश भाजपा के शिखर पुरुष बनाए गए हैं। पिंकी से पंकज चौधरी तक के सफर की अनेक कथाएं हैं। सब कही नहीं जा सकती। इतना याद है कि 1989 के उस चुनाव में अपने क्षेत्र के घरों में हैंड पंप लगवाने में वह बहुत तेज थे। जीत कर निगम के सदन पहुंचे तो सौभाग्य और सुयोग से डिप्टी मेयर भी बने। उनका भाषण याद आता है जब उन्होंने कहा था कि चांदी के जूते बांट कर यहां तक आया हूँ। खैर, यह बहुत पुरानी बात हो गई। इनका संयोग देखिए कि केवल दो साल बाद ही पंकज चौधरी के रूप में महराजगंज लोकसभा सीट से इनको भाजपा से टिकट मिला और राम लहर में लोकसभा पहुंच गए। सिक्का जम गया।

ये भी पढ़े

तिरुवनंतपुरम में सत्ता परिवर्तन 45 साल का वाम राज खत्म भाजपा के हाथ नगर निगम

उस समय रमापति राम त्रिपाठी के नेतृत्व में गोरखपुर में भाजपा अपनी जड़ें जमा रही थी। कहा जाता है कि रमापति ने ही पंकज को भाजपा में दाखिला दिया और लगातार उन्हें निर्देशित करते रहे। 1991 के बाद से अब तक पंकज को केवल दो लोकसभा चुनावों में पराजय मिली है। इस बीच उनकी ताकत ऐसी हुई कि उनकी माता महाराज गंज से जिला पंचायत अध्यक्ष बनीं। उनके भाई प्रदीप चौधरी भी जिला पंचायत अध्यक्ष हुए। उनकी एक बहन सिद्धार्थ नगर से जिला पंचायत अध्यक्ष हुईं। उनके बहनोई विधायक बने। उनके एक बहनोई नेपाल में सांसद और मंत्री बने। पंकज चौधरी ने कभी किसी आंदोलन का नेतृत्व किया हो या भाग लिया हो, ऐसा कोई प्रमाण उपलब्ध नहीं है। भाजपा संगठन में उनकी किसी प्रकार की भूमिका भी कभी नहीं रही है। वे सीधा प्रदेश अध्यक्ष ही बने हैं।

IndiGo Flight
homeslider

इंडिगो फ्लाइट की जबलपुर में इमरजेंसी लैंडिंग, यात्री की इलाज के दौरान मौत

जबलपुर एयरपोर्ट पर उतरी इंडिगो फ्लाइट, गंभीर बीमार यात्री की अस्पताल में मौत IndiGo Flight मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित डुमना एयरपोर्ट पर शुक्रवार को उस समय अफरातफरी मच गई, जब अहमदाबाद से रांची जा रही इंडिगो की एक फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। विमान में सवार एक यात्री की अचानक तबीयत बिगड़ने के […]

Read More
Monthly Durgashtami
homeslider Religion

अधिक मास की मासिक दुर्गाष्टमी आज, माँ दुर्गा की पूजा से मिलेगी सुख-समृद्धि और शक्ति

Monthly Durgashtami मासिक दुर्गाष्टमी माँ दुर्गा को समर्पित एक अत्यंत पवित्र व्रत है, जो प्रत्येक माह शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन भक्त श्रद्धा और विधिपूर्वक पूजा कर माँ दुर्गा की कृपा प्राप्त करते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। मई माह में अधिक मास की मासिक […]

Read More
Horoscope
Astrology homeslider

Horoscope आज के दिन इन राशियों को मिलेगा जीवनसाथी का सहयोग

Horoscope ये बात सौ फीसदी सच है कि जीवन कर्म के हिसाब से चलता है, पर ये भी इतना ही सच है कि ग्रहों का साथ और इसकी दिशा–दशा भी आपके उतार–चढ़ाव, सफलता और कारोबार को आगे बढ़ाने में मदद करती हैं। ग्रहों की दिशा और दशा बदलती रहती है और उसी हिसाब से भविष्य […]

Read More