
उत्तर भारत में सर्दी ने अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में तापमान तेजी से गिर रहा है, वहीं घने कोहरे ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार 16 और 17 दिसंबर को उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई इलाकों में बहुत घना कोहरा छाए रहने की संभावना है।
सुबह के समय कोहरे के कारण दृश्यता बेहद कम हो सकती है, जिससे सड़क और रेल यातायात पर असर पड़ने की आशंका जताई गई है। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में भी सुबह के समय घने कोहरे से रोजमर्रा की गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। वहीं पहाड़ी राज्यों हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के साथ-साथ पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में भी अगले कुछ दिनों तक कोहरे का असर बना रहने का अनुमान है।
पिछले 24 घंटों में देश के कई राज्यों में न्यूनतम तापमान 5 से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र, ओडिशा, असम, मेघालय, तेलंगाना, तमिलनाडु और छत्तीसगढ़ में सर्द हवाओं के कारण ठंड बढ़ गई है। मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान 4.8 डिग्री सेल्सियस पंजाब के बठिंडा में दर्ज किया गया।
मौसम विभाग ने 16 से 18 दिसंबर के बीच हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, चंडीगढ़ और दिल्ली में सुबह के शुरुआती घंटों में बहुत घना कोहरा छाने की चेतावनी जारी की है। लोगों को सावधानी बरतने और आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है।
दिल्ली-एनसीआर के मौसम की बात करें तो मंगलवार सुबह हल्का से मध्यम कोहरा छाए रहने की संभावना है, जबकि कुछ इलाकों में घना कोहरा भी देखने को मिल सकता है। दिन के समय हवाओं की रफ्तार 15 से 25 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है। राजधानी में अधिकतम तापमान 22 से 24 डिग्री और न्यूनतम तापमान 9 से 11 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।
वहीं पहाड़ी इलाकों में ठंड और बढ़ सकती है। मौसम विभाग के अनुसार जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद और हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है। 21 दिसंबर तक उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है।
दक्षिण भारत में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है। 16 और 17 दिसंबर को तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में गरज और बिजली गिरने की संभावना है। वहीं अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

