सुप्रीम कोर्ट का वक्फ पोर्टल पर सम्पति पंजीकरण सीमा बढ़ाने से इंकार

Untitled 27 copy
अजय कुमार

सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ संपत्तियों का विवरण उम्मीद पोर्टल पर अपलोड करने की समय सीमा बढ़ाने से साफ इंकार कर दिया है। इस नियम के तहत सभी वक्फ संपत्तियों का डिजिटल पंजीकरण अनिवार्य है और इसके लिए 5 या 6 दिसंबर तक की अंतिम तारीख दी गई है। यदि कोई व्यक्ति या संस्था इसे समय पर पूरा नहीं करती है, तो उस पर सजा भी हो सकती है। इस फैसले से स्पष्ट है कि सरकार की डिजिटलाइजेशन पहल को समर्थन दिया गया है, जबकि तकनीकी दिक्कतों और अन्य समस्याओं के लिए अब संबंधित वक्फ ट्रिब्यूनल का सहारा लेना होगा।

ये भी पढ़े

कोलकाता में BLO का चुनाव कार्यालय के बाहर प्रदर्शन

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में याचिकाकर्ताओं के उन दावे को खारिज कर दिया, जिनमें उन्होंने पोर्टल की तकनीकी कठिनाइयों और देखरेख कर्ताओं की अनुपलब्धता का हवाला दिया था। न्यायाधीशों ने कहा कि जो लोग पोर्टल पर विवरण अपलोड नहीं कर पाते, वे वक्फ ट्रिब्यूनल के पास जा सकते हैं, जो हर मामले को देखेगा और समाधान देगा। अदालत ने साफ कहा कि वक्फ अधिनियम के तहत दी गई समय सीमा का पालन आवश्यक है और इस कानून के संचालन में हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है। केंद्र सरकार ने लगभग 6 लाख से अधिक वक्फ संपत्तियों का सफलतापूर्वक पंजीयन कर लिया है, जबकि बाकी संपत्तियों के पंजीकरण को 6 दिसंबर तक पूरा करने का निर्देश दिया गया है। उम्मीद पोर्टल की शुरुआत 6 जून 2025 को की गई थी, जिसका मकसद सभी वक्फ संपत्तियों का डिजिटल और भू-स्थानिक रिकॉर्ड बनाना है। इससे एक पारदर्शी और सुगठित प्रणाली तैयार होगी और वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में सुधार आएगा।

ये भी पढ़े

विदेशी फंडिंग से अब नहीं हो पायेगी देश-संस्कृति के खिलाफ साजिश

इस फैसले पर विभिन्न लोगों की प्रतिक्रियाएं आई हैं। कुछ वक्फ बोर्ड सदस्यों ने कहा कि तकनीकी दिक्कतों और संसाधनों के अभाव के कारण समय सीमा पूरी करना चुनौतीपूर्ण है। वहीं, कुछ विशेषज्ञों ने फैसला सराहा है, क्योंकि इससे वक्फ संपत्तियों की पारदर्शिता बढ़ेगी और अवैध कब्जों पर अंकुश लग सकेगा। स्थानीय स्तर पर वक्फ संपत्तियों के रख-रखाव में सुधार के लिए इस कदम को एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से यह संकेत मिलता है कि वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण की प्रक्रिया को समय रहते पूरा करना आवश्यक है। तकनीकी कठिनाइयों का सामना करने वाले व्यक्ति और संस्थाओं के लिए राहत वक्फ ट्रिब्यूनल के माध्यम से उपलब्ध है, जिससे सभी पक्षों के हितों का संरक्षण किया जा सकेगा। यह कदम वक्फ संपत्तियों के सुचारु और जवाबदेह प्रबंधन की दिशा में एक बड़ी पहल है।

Spread the love

Lucknow
Crime News homeslider Uttar Pradesh

शिवा शर्मा हत्याकांड: इनामी मॉडल श्रद्धा दुबे नागपुर से गिरफ्तार

यूपी STF और नागपुर पुलिस की मदद से श्रद्धा दुबे गिरफ्तार नौ अक्टूबर 2026 से श्रद्धा बहन सहित तीन लोगों के साथ चल रही थी फरार ए अहमद सौदागर Lucknow: कैफे संचालक शिवा शर्मा हत्याकांड के मामले में फरार चल रही पचास हजार की इनामी नामजद आरोपित श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और चालक तनवीर […]

Spread the love
Read More
Azad Hind Fauj
homeslider National

आज़ाद हिंद सरकार की कल हुई थी स्थापना

Azad Hind Fauj: आज़ाद हिंद सरकार की स्थापना भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास की एक महत्वपूर्ण घटना थी। 21 अक्टूबर 1943 को नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने सिंगापुर में स्वतंत्र भारत की अस्थायी सरकार यानी ‘आज़ाद हिंद सरकार’ की घोषणा की थी। इसका उद्देश्य भारत को ब्रिटिश शासन से मुक्त कराना और देश में स्वतंत्र […]

Spread the love
Read More
Gorakhpur
homeslider Uttar Pradesh

विजयादशमी पर योगी ने किया गुरु गोरखनाथ का विशेष पूजन

अखंड ज्योति और मंदिर परिसर के सभी देव विग्रहों की भी सीएम योगी ने की पूजा सीएम योगी ने महंत अवेद्यनाथ सहित नाथपंथ के संतों को किया नमन Gorakhpur: गोरखनाथ मंदिर में विजयादशमी (दशहरा) के पावन पर्व पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिवावतार महायोगी गुरु गोरखनाथ जी का विशिष्ट पूजन-अनुष्ठान किया। विशेष पारंपरिक […]

Spread the love
Read More