कोलकाता में BLO का चुनाव कार्यालय के बाहर प्रदर्शन

स्वदेश कुमार
स्वदेश कुमार

पश्चिम बंगाल में 11 राज्यों के मुकाबले SIR की प्रक्रिया को लेकर रोज नई खबरें और विरोध देखने को मिल रहे हैं, जबकि अन्य राज्यों में यह शांतिपूर्वक चल रही है। BLO को एक तरफ भड़काया जा रहा है तो दूसरी तरफ उनके ऊपर तृणमूल कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता भी जबरन लोगों के नाम जोड़ने का दबाव डाल रहे हैं। इसी स्थिति से हैरान–परेशान BLO ने आज कोलकाता में चुनाव आयोग के कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया, जिसमें राजनीतिक तनाव गहरा रहा है। इस विरोध के पीछे काफी हद तक राजनीति है, जिसमें ममता बनर्जी की प्रमुख भूमिका सामने आ रही है।

ये भी पढ़े

दूल्हे ने पांचवें दिन दुल्हन को निकाला बाहर, वजह सुनकर रह जाएंगे दंग

दरअसल, ममता बनर्जी ने SIR को साइलेंट इनविजिबल रिगिंग यानी शांत और अदृश्य धांधली करार देते हुए केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया है। उन्होंने बंगाल में SIR को लागू नहीं होने देने की कठोर चेतावनी भी दी है और अपने विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व खुद कर रही हैं। ममता बनर्जी की अपील को लेकर टीएमसी ने इसे बंगाली अस्मिता और संविधान की रक्षा के संघर्ष के रूप में पेश किया है। उनके समर्थन में बड़ी संख्या में टीएमसी कार्यकर्ता विरोध मार्चों में शामिल होते हैं, जो लोकतंत्र बचाओ और बंगाल का वोट बंगाल का हक जैसे नारे लगाते हैं। उधर, बंग्लादेशी घुसपैठिये देश छोड़कर भाग रहे हैं। इस सबके बीच ममता बनर्जी ने भाजपा पर लोगों के मताधिकार छीनने का आरोप भी लगाया है।

ये भी पढ़े

नहीं मिला प्यार तो प्रेमी के लाश से रचाई शादी, क्या है मामला… जानिए

BLO यानी बूथ लेवल ऑफिसर के विरोध प्रदर्शन के बारे में राजनीतिक दलों में आरोप–प्रत्यारोप का दौर चला है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि ममता बनर्जी की सरकार मतदाता सूची के डेटा में हेरफेर कर रही है और BLO को दबाव में रखा जा रहा है। वहीं ममता बनर्जी BLO के साथ जमीन पर हैं, लेकिन उनका कहना है कि वे किसी फॉर्म पर हस्ताक्षर नहीं करतीं। इस बीच, कुछ जगहों से BLO के आत्महत्या की खबरें भी आई हैं, जिनके पीछे भी राजनीतिक तनाव को कहा जा रहा है। ममता बनर्जी के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन इस विवाद को एक संवेदनशील राजनीतिक मुद्दा बना चुका है, जहां वे चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठा रही हैं और इसे बंगाल तथा बंगालियों के वोट अधिकार के खिलाफ मानती हैं। उन्होंने SIR को एनआरसी से जोड़कर भी इसका विरोध किया है।

ये भी पढ़े

एकतरफा इश्क ने तांत्रिक तक पहुंचाया… फिर हुआ ऐसा कि छिन गई जिंदगी

ऐसे माहौल में विरोध प्रदर्शन के दौरान वे जनता को सक्रिय करती दिख रही हैं, जिससे यह साफ है कि वे SIR के खिलाफ जनता में नाराजगी भड़काने में भूमिका निभा रही हैं। इस पूरे विवाद में चुनाव आयोग की भूमिका, BLO के विरोध प्रदर्शन, और ममता बनर्जी के तेवर राजनीतिक और वास्तविकता दोनों का मिश्रण हैं। जहां एक ओर प्रक्रिया की तर्कसंगत समीक्षा जरूरी है, वहीं राजनीतिक विरोध इसे चुनावी रणनीति का हिस्सा भी बना रहा है, खासकर पश्चिम बंगाल में जहां ममता बनर्जी इस मुद्दे को अपने राजनीतिक एजेंडा का केंद्र बना चुकी हैं।

Health homeslider

फैटी लिवर से बचना है तो आज ही शुरू करें ये 3 सब्जियां, एक्सपर्ट की सलाह

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और खराब खान-पान के चलते लिवर से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में सही डाइट अपनाना बेहद जरूरी हो जाता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, कुछ खास सब्जियां लिवर को स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाती हैं। AIIMS के डॉक्टर डॉ. सौरभ सेठी ने हाल ही में एक […]

Read More
Crime News homeslider Uttar Pradesh

कानपुर गैंगरेप केस: आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद वायरल फोटो से सियासत तेज

कानपुर।  शहर में 16 साल की नाबालिग के साथ गेस्ट हाउस में हुए गैंगरेप के मामले ने तूल पकड़ लिया है। पुलिस ने इस जघन्य अपराध में शामिल तीनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन अब मामला सियासी रंग लेता दिख रहा है। दरअसल, सोशल मीडिया पर आरोपियों की कुछ तस्वीरें वायरल हो […]

Read More
Business Delhi homeslider National

गैस और तेल पर बढ़ती निर्भरता को लेकर सियासत तेज, कांग्रेस का मोदी सरकार पर तीखा हमला

LPG-पेट्रोल को लेकर घबराहट के बीच जयराम रमेश ने उठाए सवाल नया लुक डेस्क देश में LPG, पेट्रोल और डीजल को लेकर फैली घबराहट के बीच सियासी बयानबाज़ी तेज हो गई है। शुक्रवार को कांग्रेस ने कच्चे तेल, LPG और PNG के आयात पर भारत की बढ़ती निर्भरता को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा […]

Read More