- समय से पहले जांच एजेंसियों ने तोड़ी इनकी कमर
- गिरफ्तार डॉ शाहीन और उसके भाई ने बदला लेने की जिम्मेदारी सौंपी थी उमर
ए अहमद सौदागर
लखनऊ। एक सप्ताह पहले सोमवार को देश की राजधानी दिल्ली के लाल किला मैट्रो स्टेशन के पास हुए बम धमाके से गिरफ्तार हुई डॉ शाहीन शाहिद, उसका भाई डॉ परवेज अंसारी, डॉ मुजम्मिल, डॉ आदिल सहित अन्य आतंकियों को जम्मू-कश्मीर पुलिस और जांच एजेंसियों की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार कर उनके पास से अत्याधुनिक हथियारों एवं खतरनाक बारूद के साथ गिरफ्तार किया था। जबकि इनका सहयोगी आतंकी डॉ उमर का नाम उस समय सामने आया जब दिल्ली मैट्रो स्टेशन के पास बम ब्लास्ट हुआ।
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सूत्र बताते हैं कि जांच एजेंसियों व ATS के हत्थे चढ़े आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने उमर को जिम्मेदारी सौंपी थी।
डॉ शाहीन और उसके भाई डॉ परवेज के पास से मिले दस्तावेज और मोबाइल फोन की डिटेल के बाद दबोचे गए आतंकियों के बयानों से यह बात साफ हुई है।
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ATS ने इन सबसे जुड़े संदिग्धों पर नजर टिका दी है। जम्मू-कश्मीर पुलिस और जांच एजेंसियों की संयुक्त टीम ने लखनऊ की रहने वाली डॉ शाहीन शाहिद, उसके भाई डॉ परवेज अंसारी, डॉ मुजम्मिल व डॉ आदिल को दस नवंबर 2025 को गिरफ्तार किया था। जबकि इनका साथी उमर पकड़ से दूर था। जांच एजेंसी और एटीएम टीम गिरफ्तार आतंकियों से ठीक से पूछताछ भी नहीं कर पाई थी। इसी तारीख यानी सोमवार शाम आतंकियों ने मैट्रो स्टेशन के पास बम ब्लास्ट कर दर्जन भर बेगुनाहों की जान ले ली थी। धमाके के बाद जांच एजेंसी व आतंकवाद निरोधक दस्ते ने छानबीन की तो सामने आया कि इस घटना को अंजाम इन्हीं से ताल्लुक रखने वाला आतंकी उमर ने दिया है।
