सुखद स्मृतियों के साथ चार दिवसीय चित्रकला कार्यशाला का समापन

जमशेदपुर। शहर की जानी-मानी चित्रकार मुक्ता गुप्ता की संस्था ‘अन्विति’ की तरफ से आयोजित राष्ट्रीय चित्रकला कार्यशाला का रविवार को समापन हो गया। रविवार को जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय भी इस कार्यशाला में शरीक हुए और उन्होंने मुक्ता गुप्ता की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने वर्कशाप में आए हुए चित्रकारों को 14 से 20 नवंबर तक बोधि मैदान में आयोजित होने वाले बाल मेला के लिए आमंत्रित किया।

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रविवार की शाम जमशेदपुर के डीएफओ सबा आलम अंसारी ने सभी चित्रकारों को प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया और उनकी पेंटिंग की जम कर तारीफ की। गौरतलब है कि इस वर्कशॉप में बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश और कर्नाटक के कलाकार आए थे। वन विभाग के अतिथि विश्राम गृह के लॉन में इन कलाकारों ने अपने विषयों पर रोचक कलाकृतियां बनाईं जिनकी हर किसी ने प्रशंसा की। डीएफओ के निमंत्रण पर अधिकांश कलाकार शनिवार को दलमा में घूम कर आए। रविवार को कुछ कलाकारों ने दलमा की पृष्ठभूमि के मद्देनजर कलाकृतियां बनाईं।

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आयोजक मुक्ता गुप्ता ने कहा कि ये चार दिन कैसे बीत गये, पता ही नहीं चला। 25 कलाकार एक साथ बैठे। भोजन किया, भ्रमण किया और सैर-सपाटा भी किया।

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ये चार दिन स्मृति पटल पर अंकित हो गये। ये बेहद खास और सुखद रहे। चार दिनों तक चले इस वर्कशॉप में अखिलेश (भोपाल), रामानुज शेखर (रांची), जॉयदेव चटर्जी (जमशेदपुर), बिप्लब रॉय (जमशेदपुर), ओंकार सिंह (दिल्ली), अशोक कुमार मइती (जमशेदपुर), कृष्णा महतो (जमशेदपुर), कौशलश कुमार (असम), पब्लिक विश्वास (जमशेदपुर), नरेंद्र कुमार (बक्सर), डॉ. मल्लिकार्जुन बगोडी (कलाबुर्गी), अनूप सिन्हा (जमशेदपुर), संजय मजूमदार (कोलकाता), दिपांकर कर्मकार (रांची), रंजीत कुमार (बोकारो), एच. पी. मुखी (जमशेदपुर), लालोन दत्ता (जमशेदपुर), तपोन रॉय (जमशेदपुर), विषेन्द्र नारायण सिंह (जमशेदपुर), प्रशांत त्रिपाठी (देवबंद, सहारनपुर), चंदन कुमार (मुज़फ़्फ़रपुर) मनोज कुमार बच्चन (पटना)और अल्बर्ट अशोक (कोलकाता) मौजूद रहे।

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