डायबिटीज, हार्ट और सांस के मरीजों का अमेरिका जाना मुश्किल, ट्रंप का नया फैसला

Untitled 25 copy 2

नयी दिल्ली। अब डायबिटीज, हार्ट और सांस के मरीजों का अमेरिका जाना मुश्किल कर दिया गया है। ट्रंप प्रशासन ने भारत समेत दूसरे देश के नागरिकों के लिए अमेरिकी वीजा और ग्रीन कार्ड की पात्रता के नियमों को और सख्त कर दिया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने पिछले दिनों गुरुवार को जारी इस नीति के तहत दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों को निर्देश दिए हैं कि वे ऐसे आवेदकों की पहचान करें, जिनके इलाज को कवर करने में “हजारों डॉलर का खर्च” आ सकता है। अमेरिका की इस नयी शर्त से विदेश पढ़ने और नौकरी के लिए जाने वाले तमाम युवाओं को और भी परेशानी झेलनी पड़ सकती है।

ये भी पढ़े

दिल्ली NCR की हवा ज़हरीली, नोएडा और गाजियाबाद शहर भी गैस चैंबर बने

अमेरिका के नए दिशानिर्देशों के तहत डायबिटीज, हृदय रोग, कैंसर, सांस रोग, मेटाबॉलिक विकार, न्यूरोलॉजिकल बीमारियां और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं जैसी पुरानी बीमारियों से पीड़ित आवेदकों के वीजा को अस्वीकार किया जा सकता है। ट्रंप प्रशासन के इस नियम का मकसद ऐसे तमाम अप्रवासियों को अमेरिका से बाहर रखना है जो सरकारी सहायता पर निर्भर हो सकते हैं। पारंपरिक रूप से यह नियम टीबी जैसी इन्फेक्शन वाली बीमारियों पर केंद्रित था, लेकिन अब इसमें पुरानी बीमारियों को भी शामिल किया गया है। दिशानिर्देशों में कहा गया है कि वीजा अधिकारी यह जांचें कि क्या आवेदक अपने “पूरे अपेक्षित जीवनकाल” में इलाज के खर्चों को बिना सरकारी नकद सहायता के उठा सकता है।

ये भी पढ़े

प्रधानमंत्री मोदी देहरादून में करेंगे ₹8260 करोड़ की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास

अमेरिकी विदेश विभाग के केबल में वीजा अधिकारियों को सलाह दी गई है कि वे मोटापे जैसी स्थितियों को भी ध्यान में रखें, जो अस्थमा, स्लीप एप्निया और हाई ब्लडप्रेशर जैसी जटिलताओं का कारण बन सकती हैं। इन बीमारियों से जुड़े लंबे समय तक इलाज खर्च को अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर बोझ माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह नीति धनी और स्वस्थ आवेदकों को प्राथमिकता देगी, जबकि बुजुर्गों और सामान्य पुरानी बीमारियों से ग्रस्त लोगों के लिए कानूनी अप्रवासन नाटकीय रूप से कम हो जाएगा। यह नीति सभी प्रकार के वीजा आवेदनों पर लागू हो सकती है, जिसमें पर्यटन (बी-1/बी-2) और अध्ययन (एफ-1) के लिए गैर-आप्रवासी वीजा भी शामिल हैं। हालांकि, पर्यटक वीजा आवेदकों को अभी भी अपनी यात्रा के लिए पर्याप्त वित्तीय साधनों का प्रमाण देना होगा और अमेरिका छोड़ने का इरादा दिखाना होगा। लेकिन स्थायी निवास की तलाश करने वालों पर इसका प्रभाव सबसे ज्यादा पड़ेगा।

Spread the love

Gaya to Gyeongju Exhibition
International Tourism

‘गया से ग्योंगजू’ प्रदर्शनी में दिखी भारत-कोरिया की ऐतिहासिक दोस्ती

Gaya to Gyeongju Exhibition:  दक्षिण कोरिया के बुसान शहर में आयोजित चार दिवसीय प्रतिष्ठित ‘बुसान इंटरनेशनल बुद्धिज्म एक्सपो 2026’ में भारत ने अपनी गहरी आध्यात्मिक और ऐतिहासिक छाप छोड़ी है। ‘बेक्सको’ कन्वेंशन सेंटर में आयोजित इस वैश्विक सांस्कृतिक समागम में दक्षिण कोरिया स्थित भारतीय दूतावास ने सक्रिय रूप से भाग लिया। एक्सपो की मुख्य थीम […]

Spread the love
Read More
Islamic NATO
International

दो दिन भी नहीं चला ‘इस्लामिक नाटो’ का गुब्बारा

सऊदी पर हमला, बचाने नहीं आए पाकिस्तान और तुर्की Islamic NATO: सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच हाल ही में घोषित मक्का संयुक्त रक्षा समझौता अपने पहले ही बड़े इम्तिहान में फेल होता नजर आ रहा है। ईरान समर्थित यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के जाजान स्थित अरामको रिफाइनरी पर ड्रोन से […]

Spread the love
Read More
China's eyes on Bhutan
International

भूटान पर चीन की नजर! कंवल सिब्बल ने खोली ड्रैगन की रणनीति, भारत के लिए क्यों बढ़ी चिंता?

China’s eyes on Bhutan : भारत और चीन के बीच सीमा विवाद लंबे समय से तनाव का प्रमुख कारण रहा है। अरुणाचल प्रदेश के कई स्थानों के नाम बदलने की चीन की कोशिश के बीच भारत ने भी अपना रुख स्पष्ट और आक्रामक किया है। अब पूर्व विदेश सचिव कंवल सिब्बल ने चीन की रणनीति […]

Spread the love
Read More