हाथ पर लिखा सुसाइड नोट और होटल में दी जान…लेडी डॉक्टर ये कहानी

Untitled 15 copy 17

मुंबई । महाराष्ट्र के सतारा में एक बेटी के हाथ पर पेन से लिखे शब्दों ने पूरे राज्य में हड़कंप मचा दिया है। हाथ पर पेन से लिखे डॉक्टर बेटी के आखिरी शब्दों ने सिस्टम की कलई खोल कर रख दी है। दुनिया को बता दिया कि ये सिर्फ एक आत्महत्या नहीं, बल्कि सरकारी सिस्टम की विफलता की कहानी है। दरअसल, सतारा के फलटण अस्पताल में गुरुवार रात एक सरकारी महिला डॉक्टर ने आत्महत्या कर ली। लेकिन क्यों? जो सरकारी डॉ. दूसरों की जान बचाती थी, उसे खुद जान क्यों देनी पड़ी? डॉ. बेटी के हाथ दूसरों को जिंदगी देते थे, उन हाथों पर अंतिम शब्द लिखने के लिए किसने मजबूर किया? इन सारे सवालों का जवाब हाथ पर लिखे सुसाइड नोट में है, जिसे पढ़कर लोगों के होश उड़ गए।

ये भी पढ़े

गजब ढा रहा है बिकनी पहन कर गंगा में नहाती विदेशी महिला का वीडियो

आत्महत्या करने वाली इस सरकारी डॉक्टर ने सुसाइड नोट में दो पुलिस वालों पर गंभीर इल्जाम लगाए। सरकारी डॉक्टर ने आत्महत्या से पहले अपने हाथ पर लिखे सुसाइड नोट में साफ-साफ बताया कि PSI गोपाल बदने ने पाँच महीनों तक लगातार उसका शारीरिक शोषण और बलात्कार किया। पुलिसकर्मी प्रशांत बनकर ने मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।

ये भी पढ़े

गर्लफ्रेंड के साथ होटल में ठहरे डॉक्टर की मौत

इस सुसाइड नोट के सामने आते ही ये मामला गरमाया और महाराष्ट्र पुलिस कटघरे में खड़ी हो गई। इसकी वजह इस डॉक्टर बेटी के परिवार का दावा है, जिसके मुताबिक, फलटण के डिप्टी एसपी और स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को आत्महत्या करने वाली इस बेटी ने चिट्ठी लिखकर पुलिस अधिकारियों पर परेशान करने का आरोप लगाया था। लेकिन सवाल ये है कि पुलिस विभाग की तरफ से एक सरकारी डॉक्टर को परेशान क्यों किया जा रहा था और क्यों आत्महत्या करने वाली डॉक्टर लगातार अपने वरिष्ठ अधिकारियों से कह रही थी कि अगर मेरे साथ अन्याय नहीं रुका तो मैं आत्महत्या कर लूंगी।

हाथ पर लिखे शब्द, होटल में दी जान

बताया गया है कि आत्महत्या करने वाली ये डॉक्टर बेटी कुछ महीनों से पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के बीच चल रहे एक विवाद में फंसी हुई थीं। बताया जा रहा है कि एक मेडिकल जांच से जुड़े मामले में पुलिस अधिकारियों से उनके बीच वाद-विवाद हुआ था। परिवार का दावा है कि बेटी पर पोस्टमार्टम रिपोर्ट बदलने का दबाव था। लेड़ी डॉक्टर के साथ काम करने वाले कर्मचारियों का भी कहना है कि आत्महत्या करने से पहले सरकारी डॉक्टर तनाव में थी, सवाल ये है कि पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टर की शिकायतों पर कार्रवाई क्यों नहीं की? अगर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने समय रहते इस मामले की जांच की होती तो एक डॉक्टर बेटी को आत्महत्या नहीं करनी पड़ती। लेकिन किसी के कान पर जूं नहीं रेंगी। मृतक डॉक्टर के चाचा ने मीडिया से कहा कि भतीजी लंबे समय से मानसिक तनाव में थी और बार-बार सिस्टम से न्याय की गुहार लगा रही थी। उसने DSP फलटण के कार्यालय में औपचारिक शिकायत भी दर्ज कराई थी, लेकिन प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। चाचा ने कहा कि अगर समय रहते कार्रवाई होती, तो आज वह जिंदा होती।

ये भी पढ़े

रंगरेलिया मना रही थी पत्नी और पिट गया बेकसूर

Spread the love

Horoscope
Astrology homeslider

शनिवार का दिन इन राशियों के लिए रहेगा बेहद शुभ

Horoscop  आज शनिवार का दिन शनि देव को समर्पित है। ज्योतिष के अनुसार ग्रह-नक्षत्रों की चाल का प्रभाव सभी 12 राशियों पर अलग-अलग पड़ता है। किसी के लिए आज सफलता और आर्थिक लाभ के योग बन रहे हैं, तो कुछ राशियों को कामकाज, स्वास्थ्य या रिश्तों में सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी। आइए जानते हैं […]

Spread the love
Read More
Lucknow
Central UP homeslider

लखनऊ में भव्य गुरु सम्मान समारोह, किशोर चतुर्वेदी के भजनों ने बांधा समा

Lucknow भातखण्डे एलुमनी एसोसिएशन के गुरु सम्मान समारोह में 22 गुरुजनों का हुआ सम्मान भातखण्डे एलुमनी एसोसिएशन एवं भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय, लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित “पद्म भूषण डॉ. एस.एन. रतनजंकर स्मृति गुरु सम्मान समारोह 2026” का आयोजन शुक्रवार को कलामंडपम् प्रेक्षागृह, कैसरबाग में भव्य एवं गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का प्रमुख […]

Spread the love
Read More
homeslider Religion

Belpatra Plant: सावन में लगाएं बेल का पौधा,भगवान शिव की कृपा पाने का माना जाता है खास उपाय

Belpatra Plant : सावन का पवित्र महीना भगवान शिव की आराधना के लिए बेहद खास माना जाता है। इस दौरान शिव भक्त भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए जलाभिषेक, पूजा-पाठ और बेलपत्र अर्पित करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन में घर या मंदिर में बेलपत्र (बिल्व) का पौधा लगाना बेहद शुभ माना जाता […]

Spread the love
Read More