- चौथा स्तंभ भी खतरे में, अब पत्रकारिता करना आसान नहीं
- पुलिस अफसर भले ही पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर बयानबाजी कर रही हो, लेकिन सबकुछ कागजों में
- जिस तरह से पत्रकार LN सिंह को कातिलों ने मारा, इससे यही लग रहा है कि अब पत्रकार भी सुरक्षित नहीं हैं
- एक हत्यारा पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार, अन्य पुलिस की पकड़ से दूर
ए अहमद सौदागर
लखनऊ। बेखौफ बदमाशों ने शुक्रवार रात प्रयागराज जिले के सिविल लाइंस क्षेत्र में पत्रकार एलएन सिंह की चाकू मारकर हत्या कर दी। बदमाशों ने इस सनसनीखेज वारदात को तब अंजाम दिया, जब वे सिविल लाइंस स्थित धरनास्थल के पास बैठे थे।
घटना के बाद कातिल मौके से भाग निकले। हालांकि पुलिस ने पत्रकार हत्याकांड में शामिल एक आरोपी विशाल को वारदात के दो घंटे बाद ही मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया है।
कानून व्यवस्था पर सपा ने उठाए सवाल, कहा यूपी में जंगलराज
इस घटना को लेकर विपक्षी दलों ने कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कानून व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब है, प्रयागराज में हाई कोर्ट बार की पूर्व अध्यक्ष के भतीजे एवं पत्रकार की हत्या यूपी में कानून व्यवस्था को बेहद खराब बताया। सपा पार्टी ने कहा कि लगातार होते अपराध और हत्याएं भाजपा सरकार और इस सरकार के मुख्य महोदय के बयानों एवं दावों की पोल खोल रहे हैं, कानून व्यवस्था पिछले साढ़े 8 साल से खत्म है, अपराधियों का राज है, कानून व्यवस्था बेकार है। पुलिस, अपराधी और भाजपाइयों का आपसी गिरोह बन चुका है, यह गिरोह ही सारे अपराध कर और करवा रहा है।
मुठभेड़ में आरोपी गिरफ्तार
बताते चलें कि पत्रकार की हत्या में शामिल आरोपी को पुलिस ने मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी विशाल के दोनों पैर में तीन गोली लगी है, जिसको इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की जानकारी के बाद मौके पर पहुंचे संयुक्त पुलिस कमिश्नर कानून व्यवस्था अजय पाल शर्मा ने बताया कि आरोपियों से 22 अक्टूबर को किसी बात को लेकर मृतक से कहासुनी हुई थी, आशंका है कि उसी रंजिश में हत्या को अंजाम दिया गया है। हालांकि अभी इस घटना में शामिल एक अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। साथ ही दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
सनद रहे कि 50 वर्षीय पत्रकार एलएन सिंह प्रयागराज जिले के धूमनगंज थाना क्षेत्र के अल्कापुरी कालोनी के निवासी थे। वह पिछले कई वर्षों से प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े थे। शुक्रवार देर रात करीब दस बजे सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के धरना स्थल के पास एलएन सिंह बैठे हुए थे। तभी दो युवक मौके पर चापड़ लेकर पहुंचे और एलएन सिंह पर ताबड़तोड़ चाकुओं से हमला बोल दिया। जिसके बाद गंभीर रूप से घायल एलएन सिंह को अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मृतक पत्रकार एलएन सिंह के चाचा अशोक इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता हैं। घटना की सूचना के बाद अशोक सिंह भी अस्पताल पहुंचे, उन्होंने घटना पर रोष जताते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
पुलिस पर भारी पड़ रहे बेखौफ अपराधी
सूबे में लगातार पुलिस का इकबाल धाराशाई हो रहा है। जबकि अपराधियों की सक्रियता बढ़ती जा रही है। यूपी में जब सेवानिवृत्त हुए डीजीपी प्रशांत कुमार के बाद राजीव कृष्ण को पुलिस महानिदेशक बनाया गया, तब लोगों को उम्मीद जगी थी कि अब अपराधियों की सक्रियता ढीली पड़ेगी, लेकिन हुआ इसके ठीक उल्टा। जिस तरह से पत्रकार एल एन सिंह को बदमाशों ने निशाना बनाया, इससे साफ है कि पुलिस पर भारी पड़ रहे बेखौफ अपराधी। यही नहीं बीते कुछ महीनों में ही जहां अपराधियों की सक्रियता से कई पुलिसकर्मी भी मुठभेड़ के दौरान बदमाशों की गोली से जख्मी हो चुके हैं। इसके बावजूद भी पुलिस के जिम्मेदार अफसरों की नींद नहीं टूट रही है।
