बरेली जा रहे सपा नेता जगह-जगह रोके गए, कोई नजरबंद तो कहीं रास्ता बंद

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  • सपा सांसदों के दल को दिल्ली बार्डर पर रोका गया
  • बार्डर पर सांसदों के दल और पुलिस की तीखी झड़प
  • नेता प्रतिपक्ष को लखनऊ में हाऊस अरेस्ट किया गया
  • सांसद जियाउर्रहमान बर्क भी संभल में नजरबंद

आशीष द्विवेदी

लखनऊ। ‘आई लव मोहम्मद’ के विवाद में हुए लाठीचार्ज और तमाम गिरफ्तारियों का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। शनिवार को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर घटना का सच जानने और पीड़ितो के परिजनो से मिलने बरेली जा रहे 15 सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल को गाजियाबाद सीमा के यूपी गेट पर पुलिस ने रोक लिया। वहीं राजधानी लखनऊ में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पाण्डेय को सुबह ही लखनऊ में उनके निवास अवध विहार कालोनी में और संभल से सांसद जियाउर्रहमान बर्क को उनके आवास में नजरबंद कर लिया गया है।  इस दौरान सपा नेताओं, सांसदों और कार्यकर्ताओ की पुलिस के साथ तीखी नोंकझोंक भी हुई। सपा नेताओं ने इसे भाजपा का डर बताते हुए विपक्षी नेताओं पर इमरजेंसी लगाने हुए प्रदेश की योगी सरकार और पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों लिया।

 

दिल्ली से बरेली जा रहे सपा सांसदों के प्रतिनिधिमंडल को गाजियाबाद सीमा के यूपी गेट पर पुलिस ने रोक लिया। इस दौरान समाजवादी पार्टी सांसदों की पुलिस के साथ तीखी नोंकझोंक हुई। सांसद हरेन्द्र मलिक के साथ तो पुलिस की धक्का-मुक्की भी हुयी।  वहीं वहीं राजधानी लखनऊ में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पाण्डेय को सुबह ही लखनऊ में उनके निवास अवध विहार कालोनी में हाउस अरेस्ट कर लिया गया। संभल से सांसद जियाउर्रहमान बर्क के आवास के बाहर नखासा व रायसत्ती दो थानों की पुलिस तैनात कर उन्हें नजरबंद कर लिया गया है। सपा सांसदों ने इसे अघोषित इमरजेन्सी बताते हुए कहा कि यह भाजपा का डर है ताकि बरेली का सच जनता के सामने न आ सके । इस दौरान दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे पर घंटो तक लंबा जाम लगा रहा।

शनिवार सुबह करीब 11 बजे सपा सांसद इकरा हसन और हरेंद्र मलिक के साथ सपा सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल दिल्ली से बरेली के लिए रवाना हुआ । सपा सांसदोमं का यह काफिला जैसे ही यूपी गेट पहुंचा वहां मौजूद गाजियाबाद कमिश्नरेट पुलिस ने रोक लिया। वहीं राजधानी लखनऊ में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पाण्डेय को सुबह ही लखनऊ में उनके निवास अवध विहार कालोनी में हाउस अरेस्ट कर लिया गया।

समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल को शनिवार को बरेली जाना था। माता प्रसाद पाण्डेय को शनिवार को सुबह ही लखनऊ में उनके निवास अवध विहार कालोनी में हाउस अरेस्ट किया गया है। सपा सांसदों ने इसका विरोध किया औक उनकी पुलिस के साथ तीखी झड़प भी हुई। इतना ही नहीं पार्टी सांसद हरेंद्र मलिक के साथ तो पुलिस की धक्का-मुक्की भी हुई। इस सारे घटनाक्रम की जानकारी सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को फोन करके दे दी गयी है।

 

 

सांसद हरेंद्र मलिक इकरा हसन ने कहा कि भाजपा सरकार ने देश और प्रदेश में आपातकाल लगा रखा है। पुलिस ने हमें यहां रोक लिया है और जबरन रोक रही है। सांसदों ने कहा कि अगर योगी सरकार ने बरेली में प्रवेश निषेध कर रखा है या वहां कोई धारा लगाई है तो प्रतिनिधिमंडल को वहां रोकना चाहिए यहां दिल्ली बार्डर पर क्यों रोका जा रहा है?  क्या योगी सरकार इतना डर गयी है कि उसने विपक्षी पार्टी के नेताओं, सांसदों और विधायकों के सड़क पर चलने पर भी रोक लगा दी है। इसी दौरान हरेन्द्र मिलक और अन्य सांसदों ने आगे बढ़ने की कोशिश की पर मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल ने उन्हें आगे नहीं जाने दिया। इस दौरान हरेन्द्र मलिक समेत कुछ अन्य सांसदों के साथ पुलिस की धक्का-मुक्की छभी हुयी।

 

सांसद इकरा हसन ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर 15 सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल बरेली में घटना की सच्चाई जानने और पीड़ितों के परिजनो से मिलने के लिए वहां जा रहा था। उन्होंने कहा कि बरेली मे पुलिस और प्रशासन ने बहुत ज्यादती की। सपा सांसदों का यह दल माहौल खराब करने नहीं बल्कि लोगों का दुख दर्द बांटने जा रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की सरकार में एक समुदाय विशेष को जबरन निशाना बनाकर उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने पुलिस और प्रशासन पर भी सत्ता के दबाव में काम करने का आरोप लगाया। इस दौरान यूपी गेट पर करीब घंटो तक सपा का प्रदर्शन जारी रहा और काफी देर बाद सांसदों का प्रतिनिधिमंडल वापस दिल्ली लौट गया।

वहीं लखनऊ में हाउस अरेस्ट से नाराज नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पाण्डेय ने कहा कि बरेली में बेगुनाह लोगों को जेल भेजने की सूचना पर राष्ट्रीय अध्यक्ष ने प्रतिनिधिमंडल बनाया है। उन्होंने कहा कि हमको रोकने के लिए जिलाधिकारी को नोटिस देनी चाहिए थी। हमें बरेली मे पार्टी कार्यकर्ताओं और पीड़ितों से घटना की जानकारी लेनी थी। पुलिस-प्रशासन हमें पता नहीं क्यों रोकते हैं। रोकने का मतलब इनके अवैधानिक काम देखेंगे। हम इनके सारे अवैधानिक काम उजागर करेंगे।

 

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