- पुलिस सक्रिय, कांग्रेस सांसद इमरान मसूद, इमरान प्रतापगढ़ी, पूर्व सांसद दानिश अली को रोका गया
बरेली। ‘आई लव मुहम्मद’ मुद्दे पर हिंसा के बाद बरेली शहर तनाव के घेरे में है। अब तक कुल 82 गिरफ्तारियों के साथ शहर के पुराने इलाकों में दुकानें बंद, घरों पर ताले लटक रहे हैं। कुछ परिवारों ने दावा किया है कि उन्हें गिरफ्तार लोगों से मिलने तक की इजाजत तक नहीं मिल रही है। कई मुहल्ले पुलिस छावनी बन गए हैं। पुलिस की घेरेबंदी से मुहल्ले के लोग बाहर नहीं निकल पा रहे हैं, न ही वहां बाहर का कोई शख्स पहुंच पा रहा है। इससे तनाव बढ़ता जा रहा है।
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मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बरेली के हालात का जायज़ा लेने के लिए कांग्रेस सांसद इमरान मसूद, इमरान प्रतापगढ़ी, पूर्व सांसद दानिश अली ने जाने की कोशिश की लेकिन उससे पहले यूपी पुलिस ने उन्हें रोक दिया या उनके घरों में नज़रबंद कर दिया। नगीना से सांसद और भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने गुरुवार को इस संबंध में ट्वीट करके लिखा है , अगर बरेली में मेरे मुस्लिम भाइयों के साथ कुछ गलत नहीं हुआ है? नाइंसाफी नहीं हो रही है? तो योगी सरकार अपनी पुलिस के दम पर मुझे वहां जाने से क्यों रोकना चाहती है?
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यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने सरकार पर आरोप लगाया कि वे सिर्फ मुद्दे को हवा देना चाहते हैं और प्रोपगैंडा फैलाना चाहते हैं। संभल के बाद अब बरेली में भी यही हो रहा है। योगी सरकार राहुल गांधी के वोट चोरी के आरोपों से ध्यान भटकाना चाहती है।” सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने दावा किया कि उन्हें नजरबंद किया गया है। उन्होंने मांग की है कि धार्मिक स्थलों से राजनीतिक घोषणाओं पर रोक लगानी चाहिए।

बरेली में हिंसा की शुरुआत 26 सितंबर को जुमे की नमाज के बाद हुई थी। जब IMC के नेताओं ने प्रदर्शन किया। इसके बाद सोमवार को तौकीर खान की गिरफ्तारी के साथ ही झड़पें भड़क उठीं। मंगलवार को आईएमसी के जिला अध्यक्ष ताजिम को एक एनकाउंटर में पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार किया गया। बुधवार को फतेहगंज पश्चिमी के नहर इलाके में विशेष अभियान दस्ते (SOG) और सीबीगंज पुलिस ने दो आरोपियों मोहम्मद इदरीस उर्फ बोरा (50) और इकबाल खान (48) को घेराबंदी के दौरान गिरफ्तार किया। उन्होंने कथित तौर पर भागने की कोशिश में गोलीबारी का सामना किया। जवाबी कार्रवाई में दोनों के पैरों में गोली लग गई। पुलिस ने चेतावनी दी है कि अशांति फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। शहर में भारी पुलिस बल तैनात है, लेकिन स्थानीय निवासियों का डर कम नहीं हो रहा। स्थिति पर नजर रखी जा रही है। बरेली के SSP अनुराग आर्य ने कहा कि यह कार्रवाई उन लोगों के खिलाफ है जिन्होंने अशांति भड़काने की कोशिश की। जांच के लिए SIT गठित की गई है। हमें सबूत मिले हैं कि कुछ बाहरी लोग भी इस घटना में शामिल थे।
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बरेली में जो नौ प्रमुख गिरफ्तारियां हुई हैं, उनमें डॉ. नफीस खान (65) और उनके बेटे फरहान खान (32), शान (32), मोहम्मद नदीम (45), रिजवान (24), ताजिम (26) और अमान हुसैन (24) भी शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, इदरीस पर चोरी, डकैती और गैंगस्टर एक्ट के तहत 20 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं, जबकि इकबाल पर लूट और आर्म्स एक्ट के 17 मामले हैं। लोगों का कहना है कि ये सब आरोप हैं। किसी मामले में किसी भी आरोपी को कोर्ट से सज़ा नहीं हुई है।
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