भोजपुरी व्यंग्यः विकास खातिर गदहन के जरूरत बा…
आशीष द्विवेदी हम त कहऽ तानी लोकू की बेमारी के एतना खतरा लागत रहे त देश के सब गदहन के दिल्ली बोला लेवे के चाहत रहल हा, एके जगह रहला पर सुरक्षा के चिंता ना रहीत और गदहन के मीटिंगों हो जाईत। हमार त सरकार से निवेदन बा की गदहन के वैल्यू दिहल जाए। देश … Continue reading भोजपुरी व्यंग्यः विकास खातिर गदहन के जरूरत बा…
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