यशोदा श्रीवास्तव
लखनऊ। मात्र दो दिन के आंदोलन में नेपाल लावारिस हाल हो जाएगा इसकी कल्पना नेपाली हुक्मरानों ने नहीं की होगी। नेपाली युवा शक्ति का आंदोलन मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। दूसरे दिन का आंदोलन ऐसा था कि न केवल ओली को गद्दी छोड़ भागना पड़ा, राष्ट्र पति रामचंद्र पौडेल को भी अपने पद से हटना पड़ा। मंत्री और सांसदों के इस्तीफे का सिलसिला जारी है।
मंगलवार को काठमांडू में हालात इस कदर बेकाबू हुए कि पुलिस और सेना असहाय दिखने लगी।ओली ने सपने भी नहीं सोचा होगा कि उनके तीसरे कार्यकाल का अंत इतना भयावह होगा। सोमवार और मंगलवार की घटना से नेपाल के सभी राजनीतिक दल भौंचक हैं। उन्हें सूझ ही नहीं रहा कि क्या करें। ओली ने मंगलवार को दोपहर में ही त्याग पत्र दे दिया। सेना के हेलीकॉप्टर से उनके भैरहवा जाने की चर्चा है। इस सूचना पर आंदोलन कारी भैरहवा हवाई अड्डे पर पंहुच कर तोड़ फोड़ किए।
अभी सामान्य हालात की संभावना कम
उम्मीद थी कि ओली के इस्तीफे के बाद स्थिति सामान्य होगी लेकिन देर रात तक माहौल अशांत ही बना रहा। सेना द्वारा आगजनी के शिकार मंत्री आवासों से मंत्रियों को निकाल कर सेना कैंपों में सुरक्षित ले जाया गया। सेना प्रमुख ने आंदोलनकारियों को वार्ता के लिए आमंत्रित किया है लेकिन आंदोलनकारियों की कुछ शर्तें हैं जिस पर निर्णय होना बाकी है।

पूर्व पीएम झलनाथ खनाल की पत्नी की आंदोलनकारियों की आग से मौत
मंगलवार को बड़ी घटना यह हुई कि पूर्व पीएम झलनाथ खनाल की पत्नी राज लक्ष्मी आंदोलनकारियों की आगजनी में झुलस कर मर गई। पूर्व पीएम शेर बहादुर देउबा और उनकी पत्नी आरजू राणा आंदोलनकारियों के आक्रमण में बुरी तरह ज़ख़्मी हुए हैं। आंदोलनकारियों का हौसला इतना बुलंद था और और वे इतने बेखौफ थे कि अपने हाथों से अपने देश को आगे के हवाले कर रहे थे। संसद भवन, राष्ट्र पति सचिवालय और राष्ट्र पति निवास में आगजनी की गई। पूर्व पीएम प्रचंड,पीएम ओली,माधव नेपाल सहित तमाम बड़े नेताओं के घरों में आगजनी की गई। की नेताओं और मंत्रियों को दौड़ा दौड़ा कर पीटा गया।
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सेना और पुलिस दिखी असहाय
सेना और सुरक्षा बलों के आगे आंदोलनकारी इतने सशक्त साबित हुए कि वे काठमांडू के लक्खू जेल में बंद पूर्व गृहमंत्री रवि लामी छामें को भी जबरिया रिहा करा लिए। रवि लामी छामें और काठमांडू के मेयर बालेंदु शाह लगा तार आंदोलन कारी युवाओं से शांति की अपील कर रहे हैं लेकिन इसका कोई असर नहीं दिख रहा। सेना के अफसर भी शांति की अपील कर रहे हैं।
मालूम हो कि सोशल मीडिया पर बैन के खिलाफ सोमवार को युवा और छात्र संगठन सरकार के खिलाफ आंदोलन में कूद पड़े। ओली सरकार युवाओं के आंदोलन की ताकत को भांपने में विफल रही। उसने इसे सेना पुलिस और गोली बंदूक के बल पर दबाने की कोशिश की नतीजा मामला बिगड़ता गया।
पुलिस की गोली से दो दर्जन मौत और तीन सौ घायल
पुलिस की गोली में दो दर्जन से अधिक लोगों की मौत हुई और तीन सौ से अधिक घायल हुए। इससे गुस्साए आंदोलनकारियों के आंदोलन से दूसरे दिन मंगलवार को भी हालात बेकाबू रहे। नेपाल के सभी 77 जिलों में आंदोलन की आग देखी गई। काठमांडू के हालात न केवल उग्र थे, प्रदर्शन कारियों के समक्ष पुलिस और सेना लाचार थी।
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बालेंदु शाह और रवि लामी छामें के इर्द-गिर्द नई सरकार को लेकर चर्चा
इस बीच अन्य राजनीतिक दलों ने भी प्रतिनिधि सभा से त्यागपत्र देना प्रारंभ कर दिया है। रवि लामी छामें के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के सभी 20 सदस्यों ने दोनों सदनों से इस्तीफा दे दिया है। इसी तरह राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी के सभी 42 सदस्यों ने भी सांसद और विधायक पद से इस्तीफा दे दिया है। देर रात तक संसद के पूरी तरह भंग कर दिए जाने की भी संभावना है। नेपाल में नई सरकार कब और किसके नेतृत्व में गठित होगा,यह अभी अनिश्चित है। लेकिन बालेंदु शाह और रवि लामी छामें के इर्द-गिर्द ही नई सरकार के गठन की चर्चा है।
भारत सीमा तक पहुंची आंदोलन की आग
नेपाल में आंदोलन की आग की लपटे भारत सीमा से सटे नेपाली इलाकों तक पहुंच गई। प्रधानमंत्री ओली के इस्तीफा देने के बाद सेना के हेलीकॉप्टर से भैरहवा आने की खबर सुनकर आंदोलनकारी भैरहवा हवाई अड्डे पर पंहुच कर तोड़ फोड़ किए। वहीं कपिलवस्तु जिले में भारत में नेपाल के राजदूत रहे दीप कुमार का घर जला दिया गया। यह आग यहीं नहीं थमी। कपिलवस्तु और भैरहवा जिले में रह रहे तमाम नेताओं और पूर्व मंत्रियों के घर में आग जलनी की गई।उप मेयर रीता दारु, कपिलवस्तु के नेकपा एमाले के पूर्व जिलाध्यक्ष राम शर्मा के घर तोड़ फोड़ की गई। बाणगंगा के मेयर चक्रपाणि आर्याल,भूमि मंत्री बलराम अधिकारी, राष्ट्रीय सभा के उपाध्यक्ष विमला घिमिरे नेकपा माओवादी के सचिव पूर्व मंत्री बलदेव खनाल के घरों में तोड़ फोड़ की गई। उग्रवादी इस क्षेत्र में छ घंटे तक जमे रहे। इस बीच पुलिस और सेना की हिम्मत मौके पर आने की नहीं हुई। मंगलवार को नेपाल के सीमावर्ती तक आंदोलन की आंच से बार्डर पर सुरक्षा एजेंसियां चौकस रहीं। नेपाल से आने जाने वालों पर पूरी तरह पाबंदी रही। नेपाल से भारत लौट रहे टूरिस्ट वाहनों को भी आने की अनुमति नहीं थी। करीब 4000 भारतीय टूरिस्ट अभी भी नेपाल में फंसे हुए हैं।
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कहीं जेल से कैदी हो रहे फरार और कहीं किए जा रहे रिहा
महोतरी जिले में स्थित जलेश्वर जेल की दीवार तोड़कर 572 कैदी फरार हो गए हैं। महोत्तरी जिला पुलिस कार्यालय के पुलिस अधीक्षक हेरम्बा शर्मा ने बताया कि शाम 8 बजे 500 से ज़्यादा प्रदर्शनकारियों और अंदर बंद कैदियों द्वारा एक साथ दीवार तोड़ने के बाद स्थिति बेकाबू हो गई। उन्होंने कहा, “जब प्रदर्शनकारियों के हाथों में लाठी था और कैदियों के पास पकाने के लिए लाया गया चिरपाट था, तब पुलिस कुछ नहीं कर पाई। जलेश्वर में स्थिति फिलहाल तनावपूर्ण है। सुरक्षा बलों की एक बैठक हो रही है, जबकि जिला प्रशासन कार्यालय ने आज शाम 6:40 बजे से कल सुबह 8 बजे तक कर्फ्यू का आदेश जारी किया है। दूसरी ओर पोखरा में कास्की जिला जेल के कैदियों को रिहा कर दिया गया है। 773 कैदियों वाली कास्की जेल से कैदियों को मंगलवार शाम करीब 7:30 बजे प्रदर्शनकारियों की मदद से रिहा किया गया। जेल के मुख्य जेलर राजेंद्र शर्मा ने कहा, “प्रदर्शनकारी आए और उन्हें रिहा करा करा ले गए। हमें कोई परवाह नहीं थी। उन्होंने जेल खाली कर दी और उन्हें ले गए।” उनके अनुसार, जेल में बंद 773 लोगों में से फिलहाल 35 महिलाएं, दो बच्चे और बाकी पुरुष हैं।

