मशक्कत वसूली में कौशांबी ने लखनऊ जेल को पीछे छोड़ा!

  • जेल में बैठकी और मशक्कत के लिए वसूले जा रहे 4700 रुपए
  • वरिष्ठ सहायक बाबू का जेल में अभी भी जलवा बरकरार

लखनऊ। कौशांबी जेल अधिकारियों ने मशक्कत और बैठकी के नाम पर की जा रही वसूली में लखनऊ जेल को पीछे छोड़ दिया है। इस जेल में बंदियों से मशक्कत के नाम पर 4100 के साथ बैठकी के लिए 600 रुपए मिलकर कुल 4700 रूपये वसूल किए जा रहे है। इस जेल में लंबे समय से तैनात एक बाबू का जलवा अभी भी पहले की तरह ही बरकरार है। इसके उत्पीड़न से बंदी और सुरक्षाकर्मी दोनों ही त्रस्त है। उधर जेल अफसर इस मसले पर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।

प्रयागराज जेल परिक्षेत्र की कौशांबी जिला जेल में तैनात बड़े बाबू की प्रताड़ना और अवैध कार्यों में संलिप्तता से जेल के अधिकारी और सुरक्षाकर्मी काफी त्रस्त हैं। कौशांबी जेल में कनिष्ठ लिपिक संवर्ग के दो पद सृजित है। दो पदों के एवज में इस जेल में चार बाबू तैनात है। एक बाबू इस जेल पर पिछले करीब 10 साल से अधिक समय से तैनात है। लंबे समय से एक ही जेल पर तैनात होने की वजह से उसने अपने प्रभाव के कारण जेल प्रशासन के अधिकारियों पर दबदबा बना रखा है। लंबे समय से तैनात होने की वजह से उसके रसूखदार बंदियों से अच्छे संबंध है। वह उनके लिए अप्रत्यक्ष रूप से अवैध सामान पहुंचा करके बंदियों से मोटी रकम वसूल करता है। यह बाबू प्रभावी, रसूखदार बंदियों की मुलाकात अपने कार्यालय में कराता है। इसमें बाहर से महिलाएं भी आती है। जिन्हें बंदी के साथ अकेले कार्यालय में छोड़ दिया जाता है। इसके बदले में बाबू बंदियों से मोटी रकम वसूल करता है।

सूत्रों का कहना हैं कि यही नहीं जेल में अधिकारियों के मशक्कत और बैठकी के नाम पर हो रही अवैध वसूली से बंदी काफी परेशान है। बताया गया है कि इस जेल में अधिकारियों और प्रभारी बाबू ने वसूली में लखनऊ जेल को भी पीछे छोड़ दिया है। इस जेल में मशक्कत के नाम पर 4100 रुपए और काम नहीं करने के एवज में बैठकी के लिए 600 रुपए प्रति बंदी वसूल किया जा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि कारागार मुख्यालय के आला अफसर सब कुछ जानकर अनजान बने हुए। उच्चाधिकारियों के दोषियों के खिलाफ कार्यवाही नहीं करने की वजह से जेल के बंदियों को उत्पीड़न का शिकार होना पड़ रहा है।

सीएम का आदेश जेल अफसरों के ठेंगे पर

कौशांबी जेल की अव्यवस्थाओं के संबंध में जब कौशांबी जेल अधीक्षक अभिजीत कुमार से बात करने का प्रयास किया गया तो कई प्रयासों के बाद भी उनका सीयूजी नंबर (9454469152) नहीं उठा। इसी प्रकार प्रयागराज जेल परिक्षेत्र के प्रभारी डीआईजी राजेश कुमार श्रीवास्तव के सीयूजी नंबर (9454418172) पर संपर्क करने का प्रयास किया गया तो यह फोन स्विच ऑफ मिला। ऐसा तब है जब पिछले दिनों प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक आदेश जारी किया था। जिसमें स्पष्ट रूप से निर्देश दिया गया कि कोई भी अधिकारी सरकारी (सीयूजी) फोन न तो बंद नहीं रखेगा।

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