चीन के वैज्ञानिकों को 2023 ग्लोबल एनर्जी प्राइज़ प्राप्त हुआ

मास्को/रूस । वग्लोबल एनर्जी एसोसिएशन फॉर द एडवांसमेंट ऑफ इंटरनेशनल एनर्जी रिसर्च एंड प्रोजेक्ट्स द्वारा प्रस्तुत इस वर्ष के 2023 ग्लोबल एनर्जी प्राइज़ के प्राप्तकर्ता। चीनी वैज्ञानिक हैं, चीनी वैज्ञानिक हैं। बीजिंग इंस्टीट्यूट ऑफ नैनोएनर्जी एंड नैनोसिस्टम्स के संस्थापक निदेशक, Zhong Lin Wang, “गैर-पारंपरिक ऊर्जा” की श्रेणी में विजेता के रूप में उभर कर सामने आए। इसके अलावा, Shanghai Jiao Tong  युनिवर्सिटी के प्रोफेसर, Ruzhu Wangwas को “एनर्जी एप्लीकेशन के नए तरीके” श्रेणी में एक अवार्ड से सम्मानित किया गया। ग्लोबल एनर्जी प्राइज़ 2023 (Global Energy Prize 2023) के पुरस्कार विजेताओं द्वारा किया गया अभूतपूर्व शोध ऑफ-ग्रिड एनर्जी सप्लाई और एनर्जी एफिशंसी की प्रगति में योगदान देता है। अंतर्राष्ट्रीय अवार्ड समिति (IAC) के प्रमुख, Rae Kwon Chung ने बताया, कि इन फील्ड की सफलता का ऊर्जा संक्रमण के भविष्य के लिए अत्यंत महत्व है और एक बार फिर यह एनर्जी के क्षेत्र में बुनियादी विज्ञान और इसके व्यावहारिक एप्लीकेशन के बीच घनिष्ठ संबंध पर बल देता है।

चीन के दो वैज्ञानिकों को 430,000 USD प्राप्त

चीन के Ruzhu Wang को यह अवार्ड सॉर्शन कूलिंग के क्षेत्र में उनके अग्रणी शोध के सम्मान में दिया गया है। उनका अभूतपूर्व काम अत्यधिक एफिशंट कूलिंग प्राप्त करने के लिए निम्न-श्रेणी की थर्मल ऊर्जा के उपयोग में पर्याप्त प्रगति करने के बारे में है। इसके अलावा, उनके महत्वपूर्ण योगदानों ने डीह्यूमिडिफ़ायर-आधारित हीट पंप के विकास में सहायता की है, जिससे कूलिंग और हीटिंग दोनों एप्लीकेशन के लिए एनर्जी दक्षता दोगुनी हो गयी। दूसरा अवार्ड Zhong Lin Wang को उनके अभूतपूर्व आविष्कार, ट्राइबोइलेक्ट्रिक नैनोजेनरेटर्स के लिए दिया गया, जोकि स्वायत्त प्रणालियों, IoT, रोबोटिक्स,AI और बड़े पैमाने पर ब्लू एनर्जी हार्वेस्टिंग में एप्लीकेशन्स के साथ एक अत्याधुनिक एनर्जी प्रौद्योगिकी है। उसकी उल्लेखनीय उपलब्धि “गैर-परंपरागत एनर्जी” की श्रेणी के अंतर्गत आती है। ग्लोबल एनर्जी प्राइज में तीन अलग-अलग नामांकनों में अवार्ड शामिल होते हैं, और 430,000 USD की प्राइज़ की राशि को विजेताओं के बीच आनुपातिक आधार पर वितरित किया जाता है। इस वर्ष दो पुरस्कार विजेताओं में, पुरस्कार राशि को समान रूप से विभाजित किया जाएगा।

Ljubivoje Popovic को परंपरागत एनर्जी के क्षेत्र में मानज डिप्लोमा प्राप्त हुआ

इस वर्ष पारंपरिक ऊर्जा नामांकन में कोई पुरस्कार प्राप्तकर्ता नहीं था, क्योंकि कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच कोई भी उम्मीदवार IAC से अपेक्षित संख्या में वोट प्राप्त करने में सफल नहीं हो सका। नोबेल शांति प्राइज़ के प्राप्तकर्ता राय क्वोन चुंग की अध्यक्षता वाली IAC में चीन, हंगरी, भारत, जापान, रूस, सिंगापुर, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, स्विट्जरलैंड, संयुक्त अरब अमीरात और संयुक्त राज्य अमेरिका सहित 11 देशों के 16 सम्मानित वैज्ञानिक शामिल हैं। इस वर्ष विजेता की अनुपस्थिति के कारण, वैश्विक एनर्जी संघ ने इस फील्ड में वार्षिक मानद डिप्लोमा प्रदान करने का निर्णय लिया है। इस सम्मान के योग्य प्राप्तकर्ता सर्बियाई अनुभवी शोधकर्ता Ljubivoje Popovic हैं, जिनकी उच्च-वोल्टेज और अतिरिक्त-उच्च वोल्टेज केबल लाइनों की विशेषताओं को निर्धारित करने के लिए एक पद्धति के विकास में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए सराहना की जाती है।

2002 से एनर्जी के क्षेत्र में नवाचार को सपोर्ट

वैश्विक एनर्जी संघ अंतर्राष्ट्रीय एनर्जी अनुसंधान और परियोजनाओं के विकास के लिए संगठित एक गैर-सरकारी संगठन है, जिसका उद्देश्य एनर्जी के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देना और सपोर्ट करना है, साथ ही अंतरराष्ट्रीय सहयोग को प्रोत्साहित करना है। 2002 में अपनी स्थापना के बाद से ही, संगठन प्रशंसनीय ग्लोबल एनर्जी प्राइज़ के पीछे प्रेरणा स्रोत रहा है। कुछ वर्षों से, ग्लोबल एनर्जी प्राइज़ ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनायी है, जिसके कारण इसकी स्थिति एक प्रतिष्ठित वैश्विक अवार्ड के रूप में मजबूत हुई है। इसका प्राथमिक मिशन सदैव ऐसे वैज्ञानिकों को सम्मानित करना और प्रोत्साहित करना रहा है जिन्होंने निरंतर विकास से संबंधित वैश्विक मुद्दों पर अपनी वैज्ञानिक उपलब्धियों और व्यवस्थित शोध के माध्यम से असाधारण परिणाम हासिल किए हैं। अवार्ड ईंधन और एनर्जी के क्षेत्र के भीतर न केवल एक खुले संवाद की सुविधा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है बल्कि उद्योग और वैज्ञानिक समुदाय के बीच सहयोग के लिए एक एकीकृत प्लेटफॉर्म भी बनाता है।

 

International

ओली सरकार की वापसी से चीन की होगी ‘बल्ले-बल्ले ‘ या भारत से और करीब आएगा नेपाल

नेपाल के मौजूदा प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहाल प्रचंड संसद में विश्वास प्रस्ताव के दौरान बहुमत हासिल करने में असफल रहे हैं। प्रचंड ने विश्वास प्रस्ताव में बहुमत न मिलने की वजह से अपने पद से इस्तीफा भी दे दिया है। अब केपी शर्मा ओली का प्रधानमंत्री बनना तय है। उमेश चन्द्र त्रिपाठी काठमांडू। नेपाल में […]

Read More
International

बिहार की 2,600 साल पुरानी संरचना राजगीर की साइक्लोपियन दीवार ढही

रंजन कुमार सिंह चीन की दीवार से भी प्राचीन है यह दीवार महाभारत काल में राजा बृहद्रथ ने रखी थी इस दीवार की नींव बिहार में भारी बारिश के कारण राजगीर में स्थित देश की सबसे पुरानी साइक्लोपियन दीवार के कुछ हिस्से ढह गए हैं, जिससे 2,600 वर्ष पुरानी इस संरचना के रखरखाव पर प्रश्नचिह्न […]

Read More
International

नेपाल के गृहसचिव ने आज एक भव्य समारोह में भारत-नेपाल सीमा पर स्थित नेपाल के बेलहिया में इंट्रीग्रेटेड चेक प्वाइंट का फीता काटकर किया भव्य उद्घाटन

उमेश चन्द्र त्रिपाठी भैरहवा नेपाल । भारतीय सीमा से सटे नेपाल के बेलहिया में आज नेपाल के गृहसचिव एक नारायण आर्याल ने आज नवनिर्मित इंट्रीग्रेटेड चेक प्वाइंट का फीता काटकर भव्य उद्घाटन किया। समारोह की अध्यक्षता रूपंदेही जिले के प्रमुख जिलाधिकारी गणेश आर्याल ने की। इस अवसर पर डीआईजी कुबेर कांडयात, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश […]

Read More