Religion
क्या है हनुमान् और बजरंगबली का वास्तविक अर्थ, जानें व्याकरण की भाषा में
कमलेश कमल व्याकरणिक दृष्टि से देखें, तो ‘हनुमत्’ से ‘हनुमान्’ शब्द की निर्मिति है। जैसे ‘धीमत्’ से ‘धीमान्'(बुद्धिमान्), ‘विद्वत्’ से ‘विद्वान्’; उसी तरह ‘हनुमत्’ से ‘हनुमान्’। अब इस ‘हनुमान्’ शब्द को देखें, तो ‘हनु’ और ‘मान्’ दो शब्द मिलते हैं। चूँकि कोई दो वर्ण नहीं मिल रहे हैं और न ही कोई विकार उत्पन्न हो […]
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मानवता के कल्याण के लिए समर्पित था महावीर स्वामी का विचार
ऋचा सिंह| हमारे देश में अनेक ऐसे संत ज्ञानी महापुरुष हुए हैं जिन्होंने न केवल भारत वरन पूरे विश्व में अपने ज्ञान का प्रकाश फैलाया है महावीर स्वामी उनमें से एक थे। जैन अनुश्रुतियों और परंपराओं के अनुसार जैन धर्म की उत्पत्ति और विकास में 24 तीर्थंकर सम्मिलित हैं इनमें से 22 तीर्थंकरों की ऐतिहासिकता […]
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ज्योतिष का कैंसर से संबंध
ज्योतिष में पापी ग्रह राहु को कैंसर का कारक माना जाता है। ज्योतिष के अनुसार, जन्म कुंडली में जब एक भाव पर ही अधिकतर पाप ग्रहों का प्रभाव होता है, विशेषकर शनि, राहु और मंगल का तो उस भाव से संबंधित अंग में कैंसर होने की आशंका होती है। मुख्य रूप से राहु के उस […]
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ज्योतिष शास्त्र में सोना, चांदी, तांबा या लोहा किस पाए में हुआ है आपका जन्म, क्या होते हैं पाये और कौन सा पाया माना जाता है शुभ?
कुछ लोगों ने अपने बड़े बुजुर्ग या पंडितों से पैरों के तांबे, चांदी, सोने या लोहे के होने की बात सुनी होगी। इसका मतलब आपकी कुंडली से है। कुंडली में लग्न से चंद्रमा किस भाव में है उससे पाये का पता चलता है। मनुष्य की कुंडली में 12 भाव होते हैं जिन्हें चार भागों में […]
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कुंडली बताती है मरने के बाद कौन सा लोक मिलेगा
भगवान श्री कृष्ण ने गीता में कहा है कि आत्मा कभी मरती नहीं है। आत्मा शरीर बदलती है और जब तक मोक्ष प्राप्ति नहीं होती है तब तक आत्मा जीवन और मृत्यु के चक्र में रहती है। आत्मा का लक्ष्य है परमात्मा से मिलन यानि मोक्ष की प्राप्ति। लेकिन अपने कर्मों के बंधन में फंसकर […]
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