More
स्मृति शेष: प्रमिला ताई मेढे मातृशक्ति ही राष्ट्र शक्ति
डॉ अर्चना तिवारी स्त्री ही राष्ट्रनिर्माण की आधारशिला है। इसी ध्येयवाक्य के साथ देश मे लगभग 90 वर्षों से कार्यरत राष्ट्रसेविका समिति भी ठीक उसी प्रकार से भारत की स्त्रियों के विकास में जुटी है। श्रद्धेय प्रमिला ताई जी इस संगठन की चतुर्थ मूल स्तंभ थीं। जिस प्रकार से राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ व्यक्ति निर्माण […]
Read More
कविकुल शिरोमणि गोस्वामी जी के मानस का मर्म
आचार्य संजय तिवारी। आज श्रावण शुक्ल षष्ठी और सप्तमी की संधि सन्निहित है, बाबा तुलसी का अवतरण दिवस।बाबा के अवतरण से जगत को मिले मानस के दुर्लभ मोती स्वरूप अमृत फल। श्रीरामचरित मानस केवल एक पुस्तक भर नहीं है। श्रुति, स्मृति , उपनिषद, इतिहास, विज्ञान और जीवन का यह वह दर्शन है जो भगवान शिव […]
Read More
विशेषज्ञों की चेतावनी: मानसून के समय बढ़ रहा पेट से जुड़ी बीमारियों का खतरा
कानपुर (ब्यूरो)। उत्तर प्रदेश में मानसून ने दस्तक दे दी है। मानसून का मौसम अपने साथ ताजगी और राहत तो लाता है, लेकिन इस दौरान पेट से जुड़ी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। डॉ. साद अनवर, सीनियर कंसल्टेंट, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी एंड जनरल सर्जरी, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, कानपुर के अनुसार इस मौसम में गैस्ट्रोइन्टेस्टाइनल इन्फेक्शन्स जैसे […]
Read More
भाषा की पाठशाला : संसद् और परिषद् में अंतर
संस्कृत का शुद्ध शब्द संसद् है, जिसे हिन्दी में तद्भव रूप में ‘संसद’ भी लिखा जाता है। संसद् शब्द का अर्थ है– जहाँ सभी साथ-साथ बैठते हैं। [सम् + सद् = संसद् ] ‘सम्’ का अर्थ है, बराबर और ‘सद्’ का अर्थ है, बैठना, आसीन होना या वास करना। हम जानते हैं कि संसद् वह […]
Read More