
Price of silver: चांदी की कीमतों में आई बड़ी गिरावट ने निवेशकों और आम खरीदारों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। रिकॉर्ड स्तर से नीचे आई चांदी के भाव को देखते हुए लोगों के मन में सवाल है कि क्या अभी चांदी खरीदना फायदेमंद रहेगा या फिर धनतेरस तक इंतजार करना चाहिए। बाजार में जारी उतार-चढ़ाव के बीच विशेषज्ञ निवेशकों को जल्दबाजी से बचने और सोच-समझकर फैसला लेने की सलाह दे रहे हैं।
रिकॉर्ड स्तर से नीचे आई चांदी
वायदा बाजार में सोमवार को चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी करीब 1,96,257 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर खुली। कारोबार के दौरान इसकी कीमत बढ़कर 1,97,186 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंची, जबकि बाद में यह लगभग 1,96,625 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास कारोबार करती दिखाई दी।
बताए गए आंकड़ों के मुताबिक, चांदी अपने रिकॉर्ड स्तर से काफी नीचे आ चुकी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इस बदलाव के बाद निवेशकों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि मौजूदा कीमतों पर खरीदारी करना कितना सही होगा। हालांकि, चांदी के भाव में लगातार बदलाव हो रहा है। ऐसे में खरीदारी से पहले ताजा बाजार भाव की जानकारी लेना जरूरी है। वायदा बाजार और स्थानीय सर्राफा बाजार में कीमतें अलग-अलग भी हो सकती हैं।
चांदी की कीमतों में गिरावट की क्या हैं वजहें?
चांदी की कीमतों में कमजोरी के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता, डॉलर की मजबूती और बॉन्ड यील्ड में बदलाव कीमती धातुओं पर दबाव डाल सकते हैं। इसके अलावा, कीमतों में पहले आई तेज बढ़त के बाद निवेशकों की ओर से मुनाफावसूली भी गिरावट की एक वजह हो सकती है।
चांदी का इस्तेमाल केवल निवेश और आभूषणों तक सीमित नहीं है। सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक वाहनों जैसे क्षेत्रों में भी इसकी मांग रहती है। इसलिए औद्योगिक मांग को लेकर बाजार में बनने वाली धारणाएं भी चांदी की कीमतों को प्रभावित कर सकती हैं।वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और भू-राजनीतिक घटनाक्रम का असर भी कीमती धातुओं पर पड़ता है। इन सभी कारणों के चलते चांदी के बाजार में फिलहाल अस्थिरता बनी रह सकती है।
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क्या धनतेरस से पहले चांदी खरीदनी चाहिए?
चांदी की कीमतों में गिरावट के बाद कई खरीदार धनतेरस तक और सस्ता होने की उम्मीद कर रहे हैं। वहीं, कुछ निवेशक मौजूदा भाव को खरीदारी का अवसर मान रहे हैं। लेकिन कीमतें आगे और गिरेंगी या फिर दोबारा तेजी आएगी, इसका निश्चित अनुमान लगाना मुश्किल है।
विशेषज्ञों की सलाह है कि निवेशक अपनी पूरी रकम एक साथ लगाने के बजाय चरणबद्ध तरीके से निवेश करने पर विचार कर सकते हैं। इससे बाजार में अचानक होने वाले उतार-चढ़ाव का जोखिम कुछ हद तक संतुलित करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, यह तरीका भी मुनाफे की गारंटी नहीं देता।
अगर आप धनतेरस के लिए चांदी के सिक्के, बर्तन या आभूषण खरीदना चाहते हैं, तो अपनी जरूरत और बजट के अनुसार फैसला लें। खरीदारी से पहले अलग-अलग दुकानों पर भाव की तुलना करें और शुद्धता की जांच जरूर करें।

सिल्वर ETF में निवेश करने वालों के लिए जरूरी सलाह
सिल्वर ETF में निवेश करने वालों को अपनी वित्तीय स्थिति, निवेश की अवधि और पोर्टफोलियो में चांदी की हिस्सेदारी पर ध्यान देना चाहिए। केवल कीमत गिरने के कारण बार-बार खरीदारी करके औसत लागत कम करने की कोशिश जोखिम बढ़ा सकती है। ETF खरीदने से पहले उसके बाजार भाव और इंडिकेटिव नेट एसेट वैल्यू (iNAV) की तुलना करना भी उपयोगी हो सकता है।
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One thought on “चांदी की कीमतों में भारी गिरावट, अभी खरीदें या रुकें?”
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