
राहुल गांधी की सुप्रीम कोर्ट में याचिका, SIR पर रोक और अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग; जानें 10 बड़े मुद्दे
New Delhi : मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सियासी और कानूनी चर्चा तेज हो गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और इंडिया ब्लॉक के अन्य नेताओं की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया और पारदर्शिता से जुड़े कई सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ताओं ने अदालत से SIR प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगाने से लेकर कथित नियम उल्लंघनों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने तक की मांग की है।
याचिका में कहा गया है कि मतदाता सूची तैयार करने और उसमें संशोधन की प्रक्रिया कानून के मुताबिक होनी चाहिए। साथ ही, पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने की स्थिति में उन्हें उचित सूचना और अपना पक्ष रखने का अवसर मिलना चाहिए। हालांकि, ये याचिकाकर्ताओं की मांगें हैं। इन पर सुप्रीम कोर्ट का अंतिम फैसला क्या होगा, यह अदालत की सुनवाई के बाद ही स्पष्ट होगा।
राहुल गांधी की याचिका में क्या हैं 10 बड़ी मांगें?
1. SIR से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक हों
याचिकाकर्ताओं ने चुनाव आयोग से SIR से संबंधित फाइलें, बैठकों का विवरण, आपत्तियों के रिकॉर्ड और 24 जून 2025 को प्रक्रिया शुरू करने से जुड़े ECINET तथा ERONET के एक्सेस लॉग पेश करने का निर्देश देने की मांग की है।
2. फैसलों की कानूनी वैधता की जांच
याचिका में SIR से जुड़े निर्णयों की संवैधानिक और कानूनी समीक्षा करने का अनुरोध किया गया है। इसमें संविधान के अनुच्छेद 324 और मुख्य चुनाव आयुक्त एवं अन्य चुनाव आयुक्त अधिनियम, 2023 का हवाला दिया गया है।
3. जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई
मतदाता सूची तैयार करने या उसमें संशोधन के दौरान कथित कानूनी उल्लंघन करने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की गई है। इसमें जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 32 के तहत कार्रवाई का अनुरोध भी शामिल है।
4. शिकायतों का निपटारा
चुनाव आयोग को संबंधित शिकायतों पर निर्णय लेने और अपने फैसलों का उचित रिकॉर्ड रखने का निर्देश देने की मांग की गई है।
5. फॉर्म-6 नियमों के अनुसार हो
नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए ऑनलाइन फॉर्म-6 को निर्धारित नियमों और आधिकारिक प्रारूप के अनुरूप रखने का अनुरोध किया गया है।
6. स्वतंत्र समिति से जांच
SIR प्रक्रिया का ऑडिट कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में तकनीकी विशेषज्ञों और प्रतिष्ठित नागरिकों वाली स्वतंत्र समिति गठित करने की मांग की गई है।
7. हटाए गए नामों का विवरण मिले
याचिकाकर्ताओं ने मतदाता सूची से हटाए गए नामों, उन्हें हटाने के कारणों और उम्र तथा लिंग के आधार पर आंकड़ों का बूथवार विवरण सार्वजनिक करने का अनुरोध किया है। पात्र मतदाताओं के नाम दोबारा जोड़ने की प्रभावी व्यवस्था की मांग भी की गई है।
8. बिना नोटिस नाम नहीं हटें
किसी मतदाता का नाम हटाने से पहले कानूनी प्रक्रिया के तहत नोटिस देने और सुनवाई का उचित अवसर सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
9. SIR पर अंतरिम रोक
याचिका में अदालत से अनुरोध किया गया है कि मामले में उठाए गए मुद्दों पर फैसला आने तक संबंधित राज्यों में चल रही SIR प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगाई जाए।
10. मताधिकार की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त निर्देश
याचिकाकर्ताओं ने अदालत से ऐसे अन्य आवश्यक आदेश जारी करने का अनुरोध किया है, जिनसे चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और पात्र नागरिकों के मतदान के अधिकार की रक्षा हो सके।
अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर नजर
इस याचिका के जरिए मतदाता सूची के पुनरीक्षण में पारदर्शिता, कानूनी प्रक्रिया और नागरिकों के मताधिकार से जुड़े मुद्दे उठाए गए हैं। अब इन मांगों पर अदालत का रुख और आगे की सुनवाई महत्वपूर्ण होगी। याचिका में की गई मांगों को अदालत का आदेश नहीं माना जाना चाहिए।
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