
UNGA 2026 : संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र के दौरान रिलायंस फाउंडेशन, भारत में संयुक्त राष्ट्र और ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ORF) ने पांचवें ‘इंडिया डे’ का आयोजन किया। 24 सितंबर को आयोजित इस कार्यक्रम में भारत के तकनीकी और विकास मॉडल पर चर्चा हुई। खास तौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य, महिला नेतृत्व और समावेशी विकास को लेकर भारत के अनुभवों को वैश्विक स्तर पर साझा करने पर जोर दिया गया।
AI और विकास पर हुआ मंथन
कार्यक्रम के उच्चस्तरीय सत्र ‘रप्चर्स एंड रैम्पार्ट्स’ (Ruptures & Ramparts) में AI, जलवायु कार्रवाई और वैश्विक विकास के लिए नए सहयोग मॉडल पर चर्चा हुई। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ जमैका, सूरीनाम और घाना के मंत्रियों ने भी बदलती वैश्विक परिस्थितियों में विकासशील देशों के बीच सहयोग की जरूरत पर अपने विचार रखे। एस. जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र की भूमिका और वैश्विक सहयोग के महत्व पर जोर दिया। कार्यक्रम में इस बात पर भी चर्चा हुई कि विकासशील देश तकनीक और नवाचार के जरिए किस तरह अपनी चुनौतियों का समाधान कर सकते हैं।
‘मानव भाषा समझने वाला AI’ बनाने पर जोर
ग्रामीण विकास विभाग के सचिव रोहित कंसल ने भारत की ताकत बड़े पैमाने पर तैयार किए गए इंफ्रास्ट्रक्चर और आम लोगों तक तकनीक की पहुंच को बताया। उन्होंने AI को लोगों की जरूरतों के अनुरूप बनाने और उसके जरिए आम नागरिकों तक सेवाएं पहुंचाने पर जोर दिया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की सचिव पुण्या सलीला श्रीवास्तव ने तकनीक और स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर को साथ लेकर चलने की जरूरत बताई। वहीं, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सचिव संतोष कुमार सारंगी ने कहा कि AI ऊर्जा क्षेत्र को अधिक कुशल और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
वैश्विक साझेदारी को बताया जरूरी
रिलायंस फाउंडेशन के एग्जीक्यूटिव लीड बी. श्रीनिवासन ने कहा कि AI और विकास अब केवल व्यक्तियों, संस्थानों या देशों तक सीमित विषय नहीं रह गए हैं। उन्होंने बड़े स्तर पर सहयोग और साझेदारी की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि मानवीय संवेदनशीलता और सामूहिक प्रयासों के जरिए विकास के नए मॉडल तैयार किए जा सकते हैं। भारत में संयुक्त राष्ट्र के रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर स्टीफन प्रीस्नर ने 2030 के सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की समयसीमा नजदीक आने का उल्लेख करते हुए भारत में सफल रहे समाधानों को दुनिया के दूसरे हिस्सों तक पहुंचाने की आवश्यकता बताई। ORF के अध्यक्ष समीर सरन ने कहा कि ‘इंडिया डे’ का उद्देश्य तकनीक, नवाचार, साझेदारी और संस्थानों के माध्यम से लोगों की सेवा के नए तरीके तलाशना है।
AI से लेकर महिला नेतृत्व तक चार सत्र
कार्यक्रम में चार विषयगत सत्र आयोजित किए गए। इनमें AI, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, महिलाओं के नेतृत्व में विकास, स्वास्थ्य और समावेशी विकास जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। AI के जिम्मेदार इस्तेमाल, उसके नियमन, डेटा गवर्नेंस और सार्वजनिक सेवाओं में तकनीक के उपयोग को लेकर भी विशेषज्ञों ने विचार साझा किए।
‘भारत के AI रिवॉल्यूशन’ पर विशेष प्रकाशन जारी
इस अवसर पर ‘व्हेन सिलिकॉन मीट्स द सॉयल: इंडियाज AI रिवॉल्यूशन’ (When Silicon Meets the Soil: India’s AI Revolution) नाम से एक विशेष प्रकाशन भी जारी किया गया। इसमें भारत के AI इकोसिस्टम से जुड़े 12 विकसित मामलों और छह उभरते प्रयोगों को शामिल किया गया है।
प्रकाशन में बताया गया है कि भारत किस तरह AI आधारित समाधानों को किसानों, स्वास्थ्यकर्मियों और स्थानीय समुदायों तक बड़े पैमाने पर पहुंचाने की दिशा में काम कर रहा है। कार्यक्रम के जरिए भारत के तकनीकी नवाचार और विकास के ऐसे मॉडल को वैश्विक मंच पर सामने रखा गया, जिन्हें अन्य विकासशील देश भी अपनी जरूरतों के अनुसार अपना सकते हैं।
नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
खबरों में अपडेट रहना हमारी आदत है और सबसे आगे रहना मेरा जुनून। अब नया लुक ऐप भी ले आया है। आप सभी से अनुरोध है कि आप इसे अपना प्यार, दुलार और आशीर्वाद दें। आप सभी से निवेदन है कि मेरा न्यूज ऐप अपने अपने फोन में इंस्टॉल कर लीजिए। मैं आप सभी का आभारी रहूंगा…। https://play।google।com/store/apps/details?id=com।app।nayalooknews
खुद का भविष्य जानने के दस तरीके
एशियन गेम्स में भारत ने गाड़े झंडे, 11 वें दिन दो और गोल्ड
वंदे मातरम् को समर्पित होगा 23वां राष्ट्रीय पुस्तक मेला
अरुणाचल के चांगलांग में उग्रवादी हमला, एक जवान शहीद और चार घायल

