
Bengaluru: कर्नाटक में सामने आए अंतरराज्यीय कथित नकली दवा रैकेट की जांच में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिलने का दावा किया गया है। मामले में लंबे समय से फरार चल रहे 35 वर्षीय प्रशांत राजन बाबू को अजरबैजान से भारत लौटने के बाद बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक आरोपी के खिलाफ पहले से लुकआउट नोटिस जारी था। जांच एजेंसियां अब उससे कथित नकली दवाओं के निर्माण, पैकेजिंग और सप्लाई नेटवर्क को लेकर पूछताछ कर रही हैं।
अजरबैजान में छिपे होने का दावा
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामला सामने आने के बाद प्रशांत राजन बाबू फरार हो गया था। जांच के दौरान उसके अजरबैजान में होने की जानकारी सामने आई। सोमवार सुबह जैसे ही वह बेंगलुरु एयरपोर्ट पहुंचा, पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया।
ये भी पढें
चौंकिए मत! साल 2002 के मृत व्यक्ति ने 2013 में कराया जमीन बैनामा
अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के जरिए इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, दवाओं की सप्लाई और कथित तौर पर तैयार किए गए नकली उत्पादों के वितरण के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही है।
फार्महाउस पर छापे में मिली थीं संदिग्ध दवाएं
इस मामले की जांच उस समय तेज हुई थी जब 18 अगस्त को कर्नाटक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने बिदादी टोल गेट के पास एक फार्महाउस पर छापा मारा था। अधिकारियों के मुताबिक कार्रवाई के दौरान करीब पांच करोड़ रुपये मूल्य की संदिग्ध नकली और एक्सपायर्ड दवाएं बरामद की गई थीं। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इन दवाओं को लेकर बड़े स्तर पर नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। बरामद दवाओं में मरीजों और गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती लोगों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाओं के कथित नकली संस्करण भी शामिल बताए गए हैं।
सस्ती दवाओं को महंगे ब्रांड के नाम पर बेचने का आरोप
कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री यूटी खादर की ओर से पहले साझा की गई जानकारी के मुताबिक, जांच में एक ऐसे कथित नेटवर्क का पता चला जो तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश स्थित दवा निर्माण इकाइयों से कम कीमत वाली थोक दवाएं हासिल करता था।
ये भी पढें
आरोप है कि इसके बाद बिदादी स्थित ठिकाने पर दवाओं को नई शीशियों में भरकर दोबारा पैक किया जाता था। कथित तौर पर इन पर महंगे आयातित बहुराष्ट्रीय ब्रांड के लेबल लगाए जाते थे और फिर अस्पतालों तथा क्लीनिकों तक इनकी सप्लाई की जाती थी। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
छह सदस्यीय SIT कर रही जांच
मामले की गहराई से जांच के लिए छह सदस्यीय विशेष जांच दल यानी एसआईटी का गठन किया गया है। जांच के दौरान बेंगलुरु की एक हेल्थकेयर कंपनी के मालिक को भी गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई थी।
अब प्रशांत राजन बाबू की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों का फोकस कथित नेटवर्क की पूरी श्रृंखला का पता लगाने पर है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दवाओं की खरीद, री-पैकेजिंग और वितरण में कौन-कौन लोग शामिल थे और कथित तौर पर इन दवाओं की सप्लाई किन अस्पतालों या चिकित्सा संस्थानों तक हुई।
नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
Google Play Store: https://play.google.com/store/apps/details?id=com.app.nayalooknews
चौंकिए मत! साल 2002 के मृत व्यक्ति ने 2013 में कराया जमीन बैनामा
सचिन से तुलना पर बोले विराट, ‘ईगो आया तो सब खत्म’
OTT Releases: OTT पर इस हफ्ते मनोरंजन की भरमार


One thought on “नकली दवा रैकेट का सरगना अजरबैजान से लौटते ही गिरफ्तार, एयरपोर्ट पर पकड़ा”
Comments are closed.