
CEC को निलंबित कर मुकदमा दर्ज करेः प्रमोद कुमार
New Delhi: कांग्रेस सांसद और उप नेता राज्यसभा प्रमोद तिवारी ने कहा है कि भगवान श्रीराम के मंदिर में चढ़ावा और चंदा चोरी के बाद ‘‘मोदी सरकार’’ की संविधान तथा लोकतन्त्र की हत्या करके भारतीय जनतापार्टी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के अपवित्र गठबन्धन से ‘‘वोट चोरी’’ करने की घटना रंगे हाथ पकड़ी गयी है, और इस बार गवाह कोई और नहीं बल्कि स्वयं दो चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी हैं।
तिवारी ने कहा है कि उन्होंने बताया है कि भाजपा सरकार को बहुमत दिलाने के लिये 10 माह में 14 बार ऐसे निर्णय लिये गये जिनमें इन दोनों चुनाव आयुक्तों की राय अलग थी। इन निर्णयों को देखने से यह साफ हो जाता है कि इन सभी निर्णयों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने भारतीय जनतापर्टी की मदद की। भाजपा प्रत्याशियों को जिताने में लगभग 12 करोड़ से अधिक मतदाताओं के मताधिकार पर प्रश्न चिह्न लगा है, इससे हरियाणा, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और असम में भाजपा की चुनावी जीत की ‘‘वोट चोरी’’ पकड़ी गयी है।
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हरियाणा, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और असम की जितनी आबादी इस भयंकर वोट चोरी से प्रभावित हुई है वह दुनिया के बहुत से देशों की आबादी से भी अधिक है ।
श्री तिवारी ने कहा है कि यह भारत के लोकतन्त्र और संविधान की हत्या है जो कुछ हुआ है उससे भारत देश की तस्वीर दुनिया में खराब हुई है। इसी को कहते है ‘‘लोकतन्त्र की वेशभूषा में तानाशाही।’’ प्रत्यक्षम् किम् प्रमाणम्।
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एक बनाम दो के बहुमत से यह साफ हो गया है कि इन निर्णयों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार द्वारा असंवैधानिक ढंग से भारतीय जनता पार्टी की मदद की गयी, और इसीलिये इन राज्यों में चुनाव परिणाम बदल गये। तिवारी ने कहा है कि समय आ गया है कि देश की महान जनता जागरूक हो तथा भारतीय जनतापार्टी के षड्यंत्र को समझे, और अहिंसात्मक एवं लोकतांत्रिक ढंग से भाजपा सरकार को उखाड़ फेकें, ताकि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा हो सके और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत करके सर्वोच्च न्यायालय की देख रेख में जांच हो, जिससे सच्चाई देश के सामने आ सकें।
तिवारी ने कहा है कि अब समय आ गया है कि देश में जब भी निष्पक्ष चुनाव हों, तो एक ईमानदार और जनादेश के अनुरूप सरकार का गठन हो क्योंकि आज देश को आजाद कराने वाले और अपने प्राणों का बलिदान करने वाले देश के महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का अपमान हो रहा है, संविधान निर्माता बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर, डा. राजेन्द्र प्रसाद और पं. जवाहर लाल नेहरू का और उनके बनाये सिद्धांतों का अपमान हो रहा है।
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