श्रीलंका को भारत की सौगातः 2 मॉर्डन हेल्थ यूनिट्स की रखी नींव

 शाश्वत तिवारी

Colombo: भारत और श्रीलंका के बीच विकास एवं कूटनीतिक सहयोग को एक नई ऊंचाई देते हुए श्रीलंका के उत्तरी प्रांत में दो बड़ी स्वास्थ्य परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया है। श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त संतोष झा ने श्रीलंकाई राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके और स्वास्थ्य एवं जनसंचार मंत्री नालिंदा जयतिस्सा के साथ संयुक्त रूप से मन्नार और मुल्लाइतिवु के जिला सामान्य अस्पतालों में दो महत्वपूर्ण स्वास्थ्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की आधारशिला रखी।

भारत सरकार द्वारा प्रदान किए जाने वाले 1.2 अरब श्रीलंकाई रुपये (SLR) के कुल अनुदान (प्रत्येक परियोजना के लिए 60 करोड़ SLR) से इन दोनों आधुनिक चिकित्सा परिसरों का निर्माण किया जा रहा है। कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग ने ‘एक्स’ पर लिखा श्रीलंका के हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर को मिली मजबूती। 1.2 अरब SLR की भारतीय अनुदान सहायता से बनी DGH मन्नार और DGH मुल्लाइतिवु की ये नई सुविधाएं इमरजेंसी केयर को बेहतर बनाएंगी और स्थानीय समुदायों के लिए गैर-संचारी रोगों के इलाज का दायरा बढ़ाएंगी।

 

भारतीय उच्चायोग ने एक बयान में बताया मन्नार परियोजना में दो मंजिला ‘एक्सीडेंट एंड इमरजेंसी यूनिट’ का निर्माण और जरूरी चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति शामिल होगी। इससे क्षेत्र के लोगों को समय पर आपातकालीन सहायता मिल सकेगी और ‘गोल्डन आवर’ (आपातकालीन स्थिति में शुरुआती महत्वपूर्ण समय) के दौरान कीमती जानें बचाई जा सकेंगी।

वहीं मुल्लाइतिवु में चार मंजिला ‘मेडिकल वार्ड कॉम्प्लेक्स’ के निर्माण में सिविल निर्माण कार्य के साथ-साथ ज़रूरी फिटिंग और फिक्स्चर भी शामिल होंगे। यह कॉम्प्लेक्स मरीजों की स्क्रीनिंग बढ़ाने में मदद करेगा, जिससे समय-पूर्व मौतों और अन्य अस्पतालों में रेफर किए जाने वाले मामलों में कमी आएगी।

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बता दें कि भारत अपनी ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति के तहत विभिन्न क्षेत्रों में श्रीलंका की निरंतर मदद करता रहता है। भारतीय उच्चायोग के अनुसार, भारत और श्रीलंका के बीच विकास सहयोग 7.5 अरब अमेरिकी डॉलर से ज़्यादा का है, जिसमें श्रीलंका के सभी 25 ज़िलों में दी गई लगभग 88 करोड़ डॉलर की अनुदान सहायता भी शामिल है।

वहीं दूसरी ओर भारतीय उच्चायोग ने बताया कि भारत सरकार ने नागपट्टिनम-कांकेसंथुराई पैसेंजर फेरी के लिए ‘वायबिलिटी गैप फंडिंग’ को एक और साल के लिए बढ़ा दिया है। यह लगातार तीसरा साल है, जब इसे यह मदद दी जा रही है। अगस्त 2024 में सेवा फिर से शुरू होने के बाद से, इस फेरी से 52,000 से ज़्यादा यात्री यात्रा कर चुके हैं, जिससे भारत और श्रीलंका के बीच कनेक्टिविटी और लोगों के आपसी संबंध मजबूत हुए हैं।

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