New Delhi: दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना के बाद इलाके में रहने वाले छात्रों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। हादसे के बाद कई छात्र अपने पीजी में वापस जाने से बच रहे हैं। ऐसे छात्रों की परेशानी को देखते हुए दिल्ली विश्वविद्यालय ने साउथ कैंपस के आसपास स्थित कॉलेजों में अस्थायी ठहरने की व्यवस्था शुरू की है। जरूरतमंद छात्रों को कॉलेज परिसर में रात गुजारने के साथ-साथ भोजन और दूसरी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी की गई है।
क्लासरूम में बिछाए गए गद्दे
डीयू प्रशासन की ओर से साउथ कैंपस के कई कॉलेजों को प्रभावित छात्रों की मदद के लिए तैयार किया गया है। जरूरत पड़ने पर छात्रों को कॉलेजों के क्लासरूम में ठहराया जा सकेगा। इसके लिए कुछ कमरों में गद्दों की व्यवस्था की गई है, ताकि छात्र रात में सुरक्षित स्थान पर रुक सकें।
ये भी पढें
साउथ कैंपस की निदेशक प्रो. रजनी अब्बी के अनुसार, कैंपस क्षेत्र में करीब 25 कॉलेज हैं। सत्य निकेतन के आसपास कई कॉलेज स्थित हैं, इसलिए इन संस्थानों को प्रभावित छात्रों की सहायता के लिए आगे किया गया है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य हादसे के बाद छात्रों को तत्काल सुरक्षित विकल्प उपलब्ध कराना है।
इन कॉलेजों में छात्रों के रुकने की व्यवस्था
प्रभावित छात्रों के लिए श्री वेंकटेश्वर कॉलेज, मोतीलाल नेहरू कॉलेज, राम लाल आनंद कॉलेज, मैत्रेयी कॉलेज और जीसस एंड मैरी कॉलेज समेत अन्य संस्थानों में ठहरने की व्यवस्था की गई है। जरूरत पड़ने पर इन कॉलेजों में छात्र-छात्राओं को अस्थायी रूप से रुकने की सुविधा दी जाएगी। कॉलेज प्रशासन की ओर से बिस्तर और भोजन जैसी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने की तैयारी भी की जा रही है।

कॉलेजों से मांगी जा रही प्रभावित छात्रों की जानकारी
डीयू प्रशासन ने संबंधित कॉलेजों से उन छात्रों का विवरण मांगा है जो सत्य निकेतन हादसे के बाद अपने पीजी में वापस नहीं जाना चाहते या जिन्हें तत्काल वैकल्पिक ठहरने की जरूरत है। छात्रों की संख्या के आधार पर उनके लिए नजदीकी कॉलेजों में व्यवस्था की जाएगी। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि इस समय छात्रों की सुरक्षा सबसे अहम है और जरूरत के अनुसार उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
ये भी पढें
बिहार-झारखंड में बढ़ी टिरज़ेपाटाइड की मांग, युरपीक की बिक्री में 20.8% मासिक उछाल
दो कॉलेज सोमवार को रहेंगे बंद
सुरक्षा के मद्देनजर श्री वेंकटेश्वर कॉलेज और आर्यभट्ट कॉलेज ने सोमवार को संस्थान बंद रखने का निर्णय लिया है। दोनों कॉलेजों की ओर से इस संबंध में नोटिस भी जारी किया गया है। आसपास की इमारतों और पीजी में रहने वाले छात्रों के बीच बनी असुरक्षा को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
पुराने भवनों और PG व्यवस्था पर उठे सवाल
सत्य निकेतन हादसे के बाद पुराने भवनों को पीजी में बदलने और उनकी सुरक्षा जांच को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जिस इमारत में हादसा हुआ, वह काफी समय से खाली बताई जा रही थी। पिछले वर्ष एक कंपनी ने इसे लीज पर लेकर मरम्मत और नवीनीकरण के बाद पीजी के तौर पर इस्तेमाल करना शुरू किया था। इस साल यहां रहने वाले छात्रों की संख्या भी बढ़ी थी।
नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
Google Play Store: https://play.google.com/store/apps/details?id=com.app.nayalooknews
बिहार-झारखंड में बढ़ी टिरज़ेपाटाइड की मांग, युरपीक की बिक्री में 20.8% मासिक उछाल
प्रतापगढ़ से राष्ट्रीय मंच तक चमका नाम, डॉ. संतोष शुक्ल को मिला आचार्य नरेन्द्र देव सम्मान
UP -112 के सिपाहियों को बड़ी राहत, 12 घंटे की जगह अब 8 घंटे की ड्यूटी

One thought on “PG में लौटने से भयभीत छात्र, DU ने कॉलेजों में बनाया अस्थायी ठिकाना”
Comments are closed.