
चौकीदार हत्याकांड का हुआ खुलासा, तीन आरोपित गिरफ्तार, बाल अपचारी पुलिस संरक्षण में
एक आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर, पुलिस तलाश में जुटी
घटना में इस्तेमाल चाकू, तीन लोहे की सरिया व दो मोटरसाइकिलें बरामद
गनेशपुर मजरा परसहिया गांव में हुई घटना का मामला
ए अहमद सौदागर
Lucknow : 25 वर्षीय चौकीदार सतीश यादव की हत्या उसी के छोटे भाई भाड़े के हत्यारों से करवाई थी। बुधवार को थानाध्यक्ष महिगवां की टीम ने सर्विलांस की मदद से खुलासा करते हुए तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मृतक के नाबालिग भाई को पुलिस संरक्षण में लेकर पूछताछ कर रही है। इस घटना में शामिल एक आरोपित अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर है। थानाध्यक्ष के मुताबिक फरार आरोपित की तलाश में उनकी टीम उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त चाकू, तीन लोहे की सरिया व दो मोटरसाइकिलें बरामद हुई है। DSP उत्तरी अमित कुमार आनंद ने हत्याकांड का खुलासा करने वाली टीम को 25 हजार रुपए इनाम दिया है।
सतीश यादव के पिता शिव बालक ने अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
DCP उत्तरी अमित कुमार आनंद ने बताया कि महिगवां थाना क्षेत्र स्थित गनेशपुर मजरा परसहिया गांव निवासी शिव बालक का 25 वर्षीय बेटा सतीश यादव सोतल पुरवा रोड स्थित प्लाटिंग क्षेत्र में अजरा फिरदौस पुत्री शमशेर खान निवासी जनपद बलिया गोरखपुर के निर्माणाधीन मकान में रात के समय चौकीदारी करता था।
उन्होंने बताया कि 31 अगस्त 2026 की देर रात करीब दो बजे अज्ञात लोगों ने धारदार हथियार से ताबड़तोड़ वारकर बेरहमी से कत्ल कर दिया था।
यह सनसनीखेज मामला पुलिस के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं थी।
थानाध्यक्ष महिगवां राधेश्याम मौर्य की आसपास में लगे CCTV फुटेज और सर्विलांस टीम की मदद से कातिलों की तलाश में जुटी थी कि इसी दौरान मृतक के छोटे भाई की कुछ बातें विरोधाभास सामने आई। संदेह होने पर बाल अपचारी को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो वह अपना जुर्म इक़बाल करते हुए कहा कि उसका भाई सतीश यादव दबंग किस्म का था और आए दिन मारपीट करता रहता था। इसी से परेशान होकर बड़े भाई सतीश यादव की हत्या करने के लिए योजना बनाई और 31 अगस्त की रात किराए के हत्यारों से हत्या करवाने की बात स्वीकार किया है।

इस सनसनीखेज मामले का राजफाश करते हुए थानाध्यक्ष महिगवां राधेश्याम मौर्य की टीम ने बुधवार को तीन हत्यारोपियों सैरपुर थाना क्षेत्र स्थित फर्रूखाबाद गांव निवासी 21 वर्षीय दीपक रावत पुत्र शम्भू रावत, महिगवां थाना क्षेत्र स्थित पहाड़पुर गांव निवासी रचित रावत पुत्र मूलचंद व सैरपुर थाना क्षेत्र स्थित फर्रूखाबाद गांव निवासी 22 वर्षीय आनन्द कुमार पुत्र कमल प्रसाद को गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना में शामिल बलबीर नाम का आरोपी अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है। पुलिस मृतक के छोटे भाई को संरक्षण में लेकर पूछताछ कर रही है। पुलिस को इनके पास से घटना में इस्तेमाल चाकू, तीन लोहे की सरिया व दो मोटरसाइकिलें बरामद हुई है। डीसीपी उत्तरी अमित कुमार आनंद ने हत्याकांड का खुलासा करने वाली टीम को 25 हजार रुपए का इनाम दिया है।
किराए पर बड़े भाई की हत्या कराने के लिए लाया था नाबालिग

88 हजार रुपए पर दिया था कत्ल करने का ठेका, 58 हजार रुपए दिया था एडवांस
DCP उत्तरी अमित कुमार आनंद के मुताबिक पकड़े गए आरोपित ने पूछताछ में बताया कि सतीश यादव को उसकी नानी की ओर से पैतृक संपत्ति मिली थी, जिसे वह बेचकर एशो-आराम में खर्च कर घर की पुस्तैनी जमीन को भी बेचने की फिराक में था। उन्होंने बताया इसके लिए मृतक आए दिन पिता सहित घरवालों से लड़ाई-झगड़ा करता रहता था।
बाल अपचारी ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि उसका भाई सतीश दबंग किस्म का था इसी से परेशान होकर बड़े भाई की हत्या करने की योजना बनाई। हत्या को अंजाम देने के लिए उसने अपने परिचित दीपक, रचित, आनन्द व बलबीर की सहायता ली और 31 अगस्त की रात मौत की नींद सुलवाने के बाद मौके से भाग निकला था।
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