
Stock Market: भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार को कमजोर शुरुआत के बाद गिरावट के साथ कारोबार खत्म किया। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन घरेलू बाजार पर वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और विदेशी निवेशकों की बिकवाली का दबाव देखने को मिला। कारोबार समाप्त होने पर सेंसेक्स 307.24 अंक यानी 0.40 प्रतिशत टूटकर 76,957.27 अंक पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 95.25 अंक यानी 0.39 प्रतिशत गिरकर 24,080.40 अंक पर पहुंच गया।
BCI पर सोमवार को कुल 4,680 शेयरों में कारोबार हुआ। इनमें 1,855 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि 2,571 शेयरों में गिरावट रही। 254 शेयरों में कोई खास बदलाव नहीं हुआ। बाजार में बढ़ी अनिश्चितता का असर इंडिया VIX पर भी नजर आया। इंडिया VIX 3.65 प्रतिशत बढ़कर 11.07 के स्तर पर पहुंच गया।
मिडकैप शेयरों ने दिखाई मजबूती
बड़े शेयरों में दबाव के बावजूद मिडकैप सेगमेंट ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.24 प्रतिशत की बढ़त के साथ 64,224.75 पर बंद हुआ। इसके विपरीत निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.74 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 19,931.65 पर बंद हुआ।
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सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से नौ शेयर बढ़त में रहे, जबकि 21 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। सन फार्मा, ICICI बैंक, एक्सिस बैंक, SBI, बजाज फिनसर्व, TCS और BEL में तेजी देखने को मिली। दूसरी ओर अदाणी पोर्ट्स, ITC, भारती एयरटेल, HDFC बैंक, इंफोसिस और कोटक बैंक समेत कई प्रमुख शेयरों पर दबाव रहा।
बाजार गिरने के पीछे ये पाँच बड़े कारण
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने भारतीय बाजार की चिंता बढ़ाई। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े भू-राजनीतिक तनाव के बीच ब्रेंट क्रूड की कीमत 2.33 प्रतिशत बढ़कर 90.19 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई। महंगे तेल से भारत के आयात बिल और महंगाई पर दबाव बढ़ने की आशंका रहती है।
अमेरिकी फेड की ब्याज दरों को लेकर चिंता
निवेशकों के बीच अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी मौद्रिक नीति को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है। ब्याज दरों में बदलाव की आशंका से अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और डॉलर में मजबूती देखने को मिली, जिसका असर उभरते बाजारों पर पड़ सकता है।
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रुपये पर दबाव
तेल की महंगाई और वैश्विक तनाव के बीच भारतीय रुपया भी कमजोर हुआ। रुपया 13 पैसे की गिरावट के साथ 95.56 रुपये प्रति डॉलर के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। कमजोर रुपया विदेशी निवेशकों के लिए भारतीय बाजार की लागत और जोखिम को प्रभावित कर सकता है।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली ने भी बाजार पर दबाव बनाया। शुक्रवार को FII ने भारतीय शेयर बाजार में करीब 5,039.80 करोड़ रुपये की बिकवाली की थी। विदेशी पूंजी के लगातार बाहर निकलने से प्रमुख इंडेक्स पर दबाव बढ़ सकता है।
कमजोर वैश्विक संकेत
एशियाई बाजारों में भी सोमवार को कमजोरी देखने को मिली। जापान का निक्केई 225, दक्षिण कोरिया का कोस्पी, शंघाई का SSE कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग लाल निशान में रहे। इससे घरेलू निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई।
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