शिव अंश रूप में विख्यात हैं दंतेवाड़ा के आठ भैरव भाई

4 भैरव मूर्तियों को चुरा ले गए हैं तस्कर

चोरी गई एक भी मूर्ति वापस नहीं ला पाई पुलिस

हेमंत कश्यप/जगदलपुर 

Eight Bhairavas of Dantewada : दक्षिण बस्तर में दंतेश्वरी शक्तिपीठ के पीछे आठ भैरव भाई निवास करते हैं। इन्हें भगवान शिव का अंश माना जाता है। इनकी आठ मूर्तियां लगभग 900 साल पहले संगम किनारे स्थापित की गई थीं। उनमें से टुंडाल भैरव सहित 3 मूर्तियों को तस्कर उठा ले गए हैं। इसके बावजूद इन दुर्लभ प्रतिमाओं की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हो पाए हैं।

धार्मिक मान्यता के अनुसार शक्तिपीठों में माता दर्शन पश्चात भैरव दर्शन अनिवार्य माना गया है, लेकिन जानकारी के अभाव में दंतेश्वरी शक्तिपीठ पहुंचने वाले श्रद्धालु 8 भैरव भाईयों के निवास क्षेत्र और उनकी मूर्तियों के दर्शन नहीं कर पाते।

यह हैं 8 भैरव भाई

दंतेश्वरी शक्तिपीठ दंतेवाड़ा के प्रधान जिया हरेन्द्र नाथ ठाकुर बताते हैं कि डंकनी-शंकनी नदी संगम क्षेत्र में भैरव की 8 प्रतिमाएं थीं। यह प्रतिमाएं 11 वीं शताब्दी की बताई गई है। भैरव बाबा कुटुंब के 8 भाई-लिंगा भैरव, वन भैरव, जटा भैरव, चिना भैरव, मटकुल भैरव, टुंडाल भैरव, पाट भैख और घाट भैरव हैं। दंतेश्वरी मंदिर और छोटी माता के नाम से चर्चित भुवनेश्वरी मंदिर में भैरम देव की एक-एक प्रतिमा है। वहीं नदी के दूसरे किनारे भैरम बाबा मंदिर में 4 प्रतिमा थीं। इनमें से दो प्रतिमा गायब हैं। इसके अलावा नदी किनारे ध्वस्त मंदिर में टुंडाल भैरम की प्रतिमा थी। जियापारा में पेड़ के नीचे भी एक भैरव प्रतिमा है। इन प्रतिमाओं को स्थानीय अलग-अलग नामों से पूजते हैं।

संरक्षित है भैरव मंदिर

डंकनी और शंकनी नदी के संगम के पश्चिम में भैरव मंदिर है। यह मंदिर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग द्वारा संरक्षित है। मंदिर के गर्भगृह बाबा भैरव और मुख्य द्वार के पास भैरवी की विशाल प्रतिमा है। मंदिर के भीतर बेताल की कई मूर्तियां है।

शिवालय में 6 प्रकार के शिवलिंग

भैरव मंदिर की एक विशेषता यह भी है कि मंदिर परिसर के भीतर 6 शिवलिंग है और सभी की आकृति अलग-अलग है। एक ही जगह 6 प्रकार के शिवलिंग पूरे छत्तीसगढ़ में और कहीं नजर नहीं है। मंदिर के समीप ही वनदुर्गा का मंदिर है। ग्रामीण इन्हें डालखाई कहते हैं। माता को विभिन्न प्रकार को पत्तियाँ अर्पित की जातीं है।

नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें  

Google Play Store: https://play.google.com/store/apps/details?id=com.app.nayalooknews

ये भी पढें 

छिंदगांव: जहां माता पार्वती ने इंद्राणी को इंद्र से मिलाया

चिंगीतरई में कलश जैसा अदभूत शिवलिंग

जुनवानी में भगवान राम ने की थी हरि-ओम की प्राण स्थापना

23 को नहीं 24 अगस्त को व्रत रखेंगे वैष्णव, कल है पुत्रदा एकादशी

अखिलेश यादव का बड़ा बयान, बोले- सपा कभी गठबंधन नहीं तोड़ेगी, BJP से है मुख्य मुकाबला

वंदे मातरम् विवाद पर BJP का कांग्रेस पर हमला

 

Spread the love

One thought on “शिव अंश रूप में विख्यात हैं दंतेवाड़ा के आठ भैरव भाई”

Comments are closed.

homeslider Religion Uttar Pradesh

दामोदर द्वादशी आज, भगवान विष्णु के दामोदर स्वरूप की होगी पूजा

दामोदर द्वादशी आज  Damodar Dwadashi 2026 : श्रद्धालु आज मनायेंगे दामोदर द्वादशी, वर्ष 2026 में दामोदर द्वादशी (श्रावण शुक्ल द्वादशी) 24 अगस्त 2026, सोमवार को है। भगवान विष्णु को कई नामों से जाना जाता है, उनका एक नाम दामोदर भी है। इसी नाम पर भगवान विष्णु के लिए द्वादशी व्रत किया जाता है, जिसे दामोदर […]

Spread the love
Read More
Crime News homeslider

Gosaiganj: महिला की संदिग्ध हालात में मौत, दुष्कर्म के बाद हत्या कर शव फेंकें जाने की आंशका

पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर बहेड़ा गांव के पास हुई हुई घटना का मामला पुलिस का दावा शरीर पर कोई जाहिरा घाव के निशान नहीं मिले शव की पहचान नहीं हो सकी, पुलिस मामले की छानबीन में जुटी ए अहमद सौदागर Lucknow :  राजधानी में महिलाओं के साथ दुस्साहसिक घटनाओं का सिलसिला बरकरार है जो थमने […]

Spread the love
Read More
Religion

छिंदगांव: जहां माता पार्वती ने इंद्राणी को इंद्र से मिलाया

तीनों ने मिलकर नदी किनारे की शिवलिंग की स्थापना इंद्र और पार्वती के सानिध्य की वजह से नाम पड़ा इंद्रावती हेमंत कश्यप/जगदलपुर Chhindgaon Shivling : इंद्रावती नदी के किनारे स्थित छिंदगांव का शिवलिंग हजारों साल पुराना है। लोग मान्यता है कि शबरी नामक युवती के प्रेम में आसक्त इंद्र को समझा बुझाकर माता पार्वती ने […]

Spread the love
Read More