
बोले- घरों पर झंडा जरूर फहराएं
तिरंगा स्वतंत्रता सेनानियों के सर्वोच्च त्याग की अमिट पहचान-योगी
उमेश चन्द्र त्रिपाठी
Gorakhpur : भारत के राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सम्मान को नागरिक दायित्व से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गोरखपुर में तिरंगा यात्रा के दौरान कहा कि तिरंगा केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि भारत की आन, बान और शान तथा क्रांतिकारियों और स्वाधीनता संग्राम सेनानियों के सर्वोच्च त्याग की अमिट पहचान है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रध्वज के सम्मान के साथ वंदे मातरम, राष्ट्रगान और देश की विरासत के प्रति सम्मान का भाव हर भारतीय के मन में होना चाहिए।
नगर निगम परिसर स्थित रानी लक्ष्मीबाई पार्क में मुख्यमंत्री ने रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर तिरंगा यात्रा का शुभारंभ किया। इसके पहले उन्होंने यात्रा में शामिल लोगों को संबोधित किया। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में निकली यात्रा में हजारों की संख्या में युवा और नागरिक हाथों में तिरंगा लेकर शामिल हुए। भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारों से पूरा मार्ग राष्ट्रभक्ति के रंग में रंग गया।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आजादी के आंदोलन में अलग-अलग समय पर अलग-अलग स्वरूप के ध्वज स्वतंत्रता संग्राम का प्रतीक बने। 1905 में स्वदेशी आंदोलन से लेकर स्वतंत्रता आंदोलन के विभिन्न चरणों में राष्ट्रीय ध्वज का स्वरूप विकसित हुआ और स्वतंत्र भारत ने धर्मचक्र युक्त तिरंगे को राष्ट्रीय ध्वज के रूप में स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि आज हर भारतीय को अपने घर पर सम्मानपूर्वक तिरंगा फहराने की स्वतंत्रता है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर शुरू हुआ हर घर तिरंगा अभियान इसी भाव को मजबूत कर रहा है। मुख्यमंत्री ने लोगों से इस वर्ष भी अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने और अपने घरों पर तिरंगा फहराने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस वर्ष देश में पांच करोड़ घरों पर तिरंगा फहराने का लक्ष्य रखा गया है। सरकारी, अर्द्धसरकारी और निजी संस्थानों, उद्योगों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों तथा घरों में तिरंगा लहराकर राष्ट्र के प्रति सम्मान व्यक्त किया जाए। मुख्यमंत्री ने तिरंगा यात्रा में शामिल लोगों से तिरंगे के साथ सेल्फी लेकर अभियान को आगे बढ़ाने का भी आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश को आजादी आसानी से नहीं मिली। मंगल पांडेय से लेकर रानी लक्ष्मीबाई, तात्या टोपे और गोरखपुर के बंधू सिंह जैसे वीरों ने स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया। चौरीचौरा की घटना और काकोरी की क्रांतिकारी घटना ने स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि काकोरी की घटना में क्रांतिकारियों ने अंग्रेजी शासन का धन कब्जे में लेकर उसे देश की आजादी के संघर्ष में इस्तेमाल किया।
इसे केवल डकैती के रूप में देखना क्रांतिकारियों के योगदान को कम करके आंकना है। राम प्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह, अशफाक उल्ला खां, राजेंद्र नाथ लाहिड़ी और अन्य क्रांतिकारियों के बलिदान को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज इन वीरों को सम्मान देना उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
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उन्होंने कहा कि क्रांतिकारियों ने जाति-पाति से ऊपर उठकर राष्ट्र को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। तिरंगा यात्रा इसी राष्ट्र प्रथम की भावना और अमर बलिदानियों के सम्मान का प्रतीक है। भारत के राष्ट्रीय प्रतीकों का अपमान नहीं,बल्कि उनका सम्मान प्रत्येक नागरिक का दायित्व होना चाहिए।
रानी लक्ष्मीबाई पार्क से शुरू हुई यात्रा टाउनहॉल, गोलघर और यातायात तिराहा होते हुए रेलवे स्टेशन के सामने स्थित महाराणा प्रताप की प्रतिमा तक पहुंची। यहां माल्यार्पण के साथ तिरंगा यात्रा का समापन हुआ।
पूरे मार्ग में युवाओं, विभिन्न धर्म समुदाय व्यापारियों, और नागरिकों ने हाथों में तिरंगा लेकर भारत माता की जय और वंदे मातरम के उद्घोष किए। जगह जगह फूल बरसाए गये। यात्रा मार्ग पर पड़ने वाले सभी महापुरुषों महात्मा गांधी, सरदार वल्लभ भाई पटेल, डॉ राजेंद्र प्रसाद और महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर मुख्यमंत्री ने माल्यार्पण
किगा।
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