
नेशनल इंटर कॉलेज में बवाल
Chandauli Salary Dispute: नेशनल इंटर कालेज , सैयदराज में चार महीने से वेतन नहीं मिलने से परेशान परिचारक ने बुधवार को आत्मदाह का प्रयास किया। घटना से विद्यालय परिसर और शिक्षा विभाग में अफरा तफरी मच गई। बच्चे भयभीत होकर स्कूल से बाहर निकल गए। विद्यालय को बंद कर दिया गया।बताया गया कि परिचारक संतोष मिश्र सहित चार कर्मियों का वेतन का वेतन जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) द्वारा रोक दिया गया था, जिससे वह लंबे समय से आर्थिक संकट से जूझ रहा था।
आरोप है कि कई बार अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद वेतन भुगतान नहीं हुआ। निराश होकर परिचारक ज्वलनशील पदार्थ लेकर विद्यालय पहुंचा और आत्मदाह की कोशिश की। मौके पर मौजूद लोगों एवं कर्मचारियों ने तत्काल उसे पकड़ लिया और किसी तरह आग लगाने से रोक दिया। सूचना मिलते ही पुलिस और शिक्षा विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए।
परिचारक ने आरोप लगाया कि वेतन न मिलने के कारण उसके परिवार के सामने भुखमरी जैसी स्थिति पैदा हो गई है। घटना के बाद अधिकारियों ने मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई तथा वेतन प्रकरण का शीघ्र निस्तारण कराने का आश्वासन दिया। घटना को लेकर शिक्षकों और कर्मचारियों में भी भारी नाराजगी देखी गई।
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वेतन संकट बना जानलेवा
चंदौली जिले के सैयदराज स्थित नेशनल इंटर कॉलेज में बुधवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब चार माह से वेतन न मिलने से परेशान एक परिचारक ने विद्यालय परिसर में आत्मदाह का प्रयास किया। घटना से स्कूल में हड़कंप मच गया और दहशत के बीच छात्र-छात्राएं विद्यालय से बाहर निकल आए। स्थिति को देखते हुए विद्यालय को तत्काल बंद कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, विद्यालय के परिचारक संतोष मिश्र समेत चार कर्मचारियों का वेतन पिछले चार महीनों से जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) स्तर पर रुका हुआ है।
वेतन न मिलने के कारण कर्मचारी लंबे समय से आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं। आरोप है कि कई बार संबंधित अधिकारियों से वेतन भुगतान की मांग करने के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला। इसी से आहत होकर बुधवार को संतोष मिश्र ज्वलनशील पदार्थ लेकर विद्यालय पहुंचे और आत्मदाह का प्रयास किया। हालांकि, मौके पर मौजूद शिक्षकों और कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें पकड़ लिया और किसी तरह आग लगाने से रोक दिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और शिक्षा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे।
परिचारक ने अधिकारियों के सामने आरोप लगाया कि चार माह से वेतन न मिलने के कारण उसके परिवार के सामने आर्थिक संकट गहरा गया है और भुखमरी जैसी स्थिति पैदा हो गई है। घटना के बाद अधिकारियों ने मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने तथा लंबित वेतन प्रकरण का शीघ्र निस्तारण कराने का आश्वासन दिया। इस घटना के बाद विद्यालय के शिक्षकों और कर्मचारियों में भी भारी नाराजगी देखने को मिली। कर्मचारियों का कहना है कि समय पर वेतन भुगतान न होने से उनके सामने गंभीर आर्थिक समस्याएं खड़ी हो रही हैं।
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