
Pakistan Cousin Marriage : दुनिया के कई देशों में रिश्तेदारी के भीतर शादी को लेकर अलग-अलग सामाजिक परंपराएं हैं, लेकिन पाकिस्तान उन देशों में शामिल है जहां कजिन मैरिज यानी चचेरे, ममेरे, फुफेरे और मौसेरे भाई-बहनों के बीच विवाह का चलन सबसे ज्यादा देखा जाता है। हाल ही में सामने आई एक बड़ी वैज्ञानिक रिसर्च ने इस परंपरा को लेकर एक ऐसा खुलासा किया है जिसने दुनिया भर के वैज्ञानिकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। एक नए अध्ययन के अनुसार पाकिस्तान में लगभग 34 हजार ऐसे लोग पाए गए हैं जिनके शरीर में कम से कम एक जीन पूरी तरह निष्क्रिय हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद उनकी सेहत पर कोई गंभीर नकारात्मक प्रभाव नहीं देखा गया। इस स्थिति को वैज्ञानिक भाषा में “ह्यूमन नॉकआउट” कहा जाता है।
पाकिस्तान में कजिन मैरिज कितनी आम है?
वर्ल्ड पॉपुलेशन रिव्यू की रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान में करीब 61 प्रतिशत से अधिक विवाह रक्त संबंधों के भीतर होते हैं। यही कारण है कि यह देश कजिन मैरिज के मामलों में दुनिया के शीर्ष देशों में गिना जाता है। हालांकि मेडिकल विशेषज्ञ लंबे समय से चेतावनी देते रहे हैं कि निकट संबंधियों के बीच विवाह से बच्चों में आनुवांशिक बीमारियों और जन्मजात विकारों का खतरा बढ़ सकता है। लेकिन हालिया रिसर्च ने इस विषय को एक नए दृष्टिकोण से देखने का अवसर दिया है।
क्या होता है ह्यूमन नॉकआउट?
मानव शरीर में प्रत्येक जीन की दो प्रतियां होती हैं, जिनमें एक माता और दूसरी पिता से मिलती है। जब किसी व्यक्ति को दोनों माता-पिता से एक जैसा आनुवांशिक बदलाव मिलता है और किसी जीन की दोनों प्रतियां निष्क्रिय हो जाती हैं, तो उस स्थिति को ह्यूमन नॉकआउट कहा जाता है। आमतौर पर माना जाता है कि किसी महत्वपूर्ण जीन का निष्क्रिय होना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है, लेकिन पाकिस्तान की इस स्टडी में कई ऐसे लोग मिले जिनके कुछ जीन पूरी तरह बंद थे, फिर भी वे सामान्य जीवन जी रहे थे।
दुनिया की सबसे बड़ी जीनोमिक स्टडी में शामिल पाकिस्तान
वैज्ञानिक जर्नल नेचर में प्रकाशित इस अध्ययन में 1.73 लाख से अधिक लोगों के जीनोम का विश्लेषण किया गया। इसे दक्षिण एशिया की सबसे बड़ी जीनोमिक रिसर्च में से एक माना जा रहा है। शोधकर्ताओं का उद्देश्य यह समझना था कि इंसानी जीन कैसे काम करते हैं और कौन से जीन बीमारी या स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं। इस अध्ययन के दौरान लगभग 6,500 ऐसे जीनों की पहचान की गई जो कुछ लोगों में पूरी तरह निष्क्रिय पाए गए।
वैज्ञानिकों को क्यों मिली नई उम्मीद?
रक्त संबंधों में विवाह के कारण एक ही प्रकार के जेनेटिक बदलाव अगली पीढ़ियों तक पहुंचने की संभावना बढ़ जाती है। इससे वैज्ञानिकों को दुर्लभ आनुवांशिक परिवर्तनों को पहचानने और उनका अध्ययन करने में मदद मिलती है। विशेषज्ञों का कहना है कि सामान्य आबादी में ऐसे जीन परिवर्तन ढूंढना बेहद मुश्किल होता है, लेकिन कजिन मैरिज वाले समुदायों में यह अपेक्षाकृत आसान हो जाता है। यही कारण है कि पाकिस्तान जीनोम रिसोर्स आज वैश्विक मेडिकल रिसर्च के लिए एक महत्वपूर्ण स्रोत बनकर उभरा है।
दवा निर्माण में कैसे मिलेगी मदद?
इस रिसर्च का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इससे नई दवाओं के विकास का रास्ता खुल सकता है। अध्ययन में पाया गया कि जिन लोगों में CIDEB नामक जीन नहीं था, उनमें फैटी लिवर जैसी बीमारियों का जोखिम कम था। इससे वैज्ञानिकों को यह संकेत मिला कि भविष्य में इस जीन को लक्षित कर नई दवाएं विकसित की जा सकती हैं। इसी तरह कुछ जीन ऐसे भी पाए गए जिनकी अनुपस्थिति से किडनी संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। इससे डॉक्टरों और फार्मा कंपनियों को संभावित दुष्प्रभावों को पहले से समझने में मदद मिलेगी।
चूहों और इंसानों में क्यों अलग हैं नतीजे?
अब तक ज्यादातर जेनेटिक रिसर्च चूहों पर आधारित रही है। लेकिन वैज्ञानिकों का मानना है कि कई बार चूहों और इंसानों के जीन अलग तरीके से काम करते हैं। इस स्टडी में RXFP1 और PRDM9 जैसे जीनों के बारे में ऐसे तथ्य सामने आए जो पहले की धारणाओं से अलग थे। जिन लोगों में ये जीन नहीं थे, उनमें अपेक्षित स्वास्थ्य समस्याएं नहीं दिखीं। यही वजह है कि वैज्ञानिक अब मानव-आधारित जीनोमिक रिसर्च को अधिक महत्व दे रहे हैं।
नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
खबरों में अपडेट रहना हमारी आदत है और सबसे आगे रहना मेरा जुनून। अब नया लुक ऐप भी ले आया है। आप सभी से अनुरोध है कि आप इसे अपना प्यार, दुलार और आशीर्वाद दें। आप सभी से निवेदन है कि मेरा न्यूज ऐप अपने अपने फोन में इंस्टॉल कर लीजिए। मैं आप सभी का आभारी रहूंगा…. https://play.google.com/store/apps/details?id=com.app.nayalooknews
ये भी पढ़े
प्रतिष्ठित वैश्विक स्थलों पर सजेगा योग का मंच, भारतीय मिशनों ने झोंकी ताकत
अयोध्या राम मंदिर में दान पात्र से चोरी, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल


One thought on “Pakistan Cousin Marriage: कजिन मैरिज की परंपरा ने वैज्ञानिकों को क्यों किया हैरान?”
Comments are closed.