
Rubio अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो भारत की चार दिवसीय आधिकारिक यात्रा (23-26 मई) पर हैं। उन्होंने यहां हैदराबाद हाउस में अपने भारतीय समकक्ष डॉ. एस. जयशंकर के साथ उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठक की। बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच होने वाली बहुप्रतिक्षित ट्रेड डील पर विस्तृत चर्चा हुई, जिसकी पुष्टि रूबिया के बयान से भी हुई है, जहां उन्होंने जल्द ही डील होने की बात कही है।
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यह मुलाकात राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के नए प्रशासन के तहत भारत-अमेरिका के बीच रणनीतिक और आर्थिक तनावों (विशेषकर टैरिफ नीतियों) के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और आपसी व्यापार को बढ़ाने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रही।
हैदराबाद हाउस में प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता और संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दोनों नेताओं ने व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा की। इस दौरान रूबियो ने उम्मीद जताई कि दोनों देशों के बीच लंबित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (ट्रेड डील) को जल्द ही अंतिम रूप दे दिया जाएगा। दोनों देशों ने रक्षा क्षेत्र में तकनीकी हस्तांतरण और भारत के ‘मेक इन इंडिया’ दृष्टिकोण के तहत रक्षा सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। भारत के 2047 तक 100 गीगावॉट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने के लक्ष्य को देखते हुए दोनों पक्षों के बीच ऊर्जा सहयोग पर विस्तार से बात हुई। रूबियो ने स्पष्ट किया कि अमेरिका भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
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द्विपक्षीय वार्ता में महत्वपूर्ण खनिज, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), सेमीकंडक्टर और रणनीतिक तकनीकों के आदान-प्रदान पर विशेष ध्यान दिया गया। दोनों नेताओं ने आतंकवाद विरोधी अभियानों, काउंटर-नार्कोटिक्स, पश्चिम एशिया संकट और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की। विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार विदेश मंत्री जयशंकर ने अपने प्रारंभिक वक्तव्य में कहा अब हमारी एक व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी है, जिसका आसान शब्दों में मतलब यह है कि हमारा आपसी सहयोग बहुत गहरा और बहुत विस्तृत है। यह एक ऐसा रिश्ता है, जिसका असर और प्रभाव दुनिया के दूसरे क्षेत्रों पर भी पड़ता है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि कई मुद्दों पर और दुनिया के कई हिस्सों में हमारे हित एक-दूसरे से मेल खाते हैं।
डॉ. जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर रूबियो के साथ मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा हमने अपनी ‘व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी’ के हर पहलू की समीक्षा की जिसमें व्यापार एवं ऊर्जा, रक्षा एवं सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिज और एआई, परमाणु तथा लोगों से लोगों के बीच संपर्क, आतंकवाद-रोधी और नशीले पदार्थों की रोकथाम से जुड़े सहयोग के मुद्दे शामिल रहे। आपसी हित के क्षेत्रीय, वैश्विक और बहुपक्षीय मुद्दों पर भी बातचीत हुई। इसके अलावा डॉ० जयशंकर अमेरिका की ‘स्वतंत्रता की घोषणा’ के 250 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित ‘अमेरिका राष्ट्रीय दिवस’ के स्वागत समारोह में रूबियो के साथ शामिल हुए। इसके बाद दोनों नेता अब ऑस्ट्रेलिया तथा जापान के अपने समकक्षों के साथ 26 मई को होने वाली ‘क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक’ में शामिल होंगे।
शाश्वत तिवारी

