12 ज्योतिर्लिंगों में पहला सोमनाथ मंदिर क्यों है खास? जानिए इतिहास

Somnath Temple History

Somnath Temple History :  भारत की सनातन संस्कृति में  सोमनाथ मंदिर का विशेष स्थान है। यह मंदिर सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं बल्कि भारतीय आस्था, संघर्ष और पुनर्जागरण का जीवंत प्रतीक माना जाता है। गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र में स्थित यह मंदिर देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में पहला ज्योतिर्लिंग माना जाता है। सदियों से यह मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रहा है। इन दिनों सोमनाथ मंदिर अमृत महोत्सव को लेकर चर्चा में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस भव्य आयोजन में शामिल हो रहे हैं। यह उत्सव मंदिर के नए परिसर के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर मनाया जा रहा है। खास बात यह है कि मंदिर के 90 मीटर ऊंचे शिखर पर पहली बार कुंभाभिषेक किया जाएगा, जिसके लिए देशभर के 11 पवित्र तीर्थों का जल लाया गया है।

सोमनाथ मंदिर की धार्मिक मान्यताएं

धार्मिक कथाओं के अनुसार चंद्रदेव ने इसी स्थान पर भगवान शिव की कठोर तपस्या की थी। भगवान शिव ने प्रसन्न होकर उन्हें श्राप से मुक्ति दी थी, जिसके बाद इस स्थान का नाम ‘सोमनाथ’ पड़ा। यह भी मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी अंतिम लीला इसी पवित्र भूमि पर पूरी की थी। पुराणों में बताया गया है कि सोमनाथ मंदिर चार अलग-अलग चरणों में बना। पहले इसे चंद्रदेव ने सोने से बनवाया, फिर रावण ने चांदी से, भगवान श्रीकृष्ण ने लकड़ी से और बाद में राजा भीमदेव ने पत्थरों से इसका निर्माण कराया।

सोमनाथ मंदिर की वास्तुकला और खासियत

सोमनाथ मंदिर की भव्यता लोगों को दूर से ही आकर्षित करती है। मंदिर का शिखर करीब 155 फीट ऊंचा है और इसके ऊपर लगा स्वर्ण कलश लगभग 10 टन वजनी बताया जाता है। मंदिर का ध्वजदंड करीब 27 फीट ऊंचा है। मंदिर का निर्माण कैलाश महामेरु प्रसाद शैली में किया गया है, जो भारतीय स्थापत्य कला का शानदार उदाहरण माना जाता है। मंदिर में गर्भगृह, सभामंडप और नृत्यमंडप बने हुए हैं। सोमनाथ मंदिर की एक खास बात यह भी है कि यहां लगा ध्वज दिन में कई बार बदला जाता है और इसे बेहद शुभ माना जाता है।

सोमनाथ मंदिर पर कब-कब हुए हमले?

इतिहास में सोमनाथ मंदिर को कई बार विदेशी आक्रमणकारियों ने निशाना बनाया। सबसे बड़ा हमला 1026 ईस्वी में  iग़ज़नी का महमूद  ने किया था। उसने मंदिर को लूटकर यहां से भारी मात्रा में सोना और खजाना अपने साथ ले गया। इसके बाद भी मंदिर पर कई बार हमले हुए। 1311 में अलाउद्दीन खिलजी के आदेश पर मंदिर को नुकसान पहुंचाया गया। 1326 में मुहम्मद बिन तुगलक ने हमला किया।

1395 में जफर खान ने मंदिर को निशाना बनाया।

1451 में महमूद बेगड़ा ने भी यहां लूटपाट की।

17वीं सदी में औरंगजेब ने मंदिर तुड़वाने का आदेश दिया।

इतिहासकारों के अनुसार मंदिर पर कुल 17 बार हमले हुए, लेकिन हर बार इसका पुनर्निर्माण किया गया। यही वजह है कि सोमनाथ मंदिर सनातन धर्म की अटूट शक्ति का प्रतीक बन गया।

ये भी पढ़े

PM मोदी की पश्चिम एशिया संकट पर अपील, आत्मनिर्भरता पर जोर, राहुल गांधी का तीखा पलटवार

सोमनाथ मंदिर से जुड़े रहस्य

सोमनाथ मंदिर को लेकर कई रहस्यमयी बातें भी कही जाती हैं। मान्यता है कि प्राचीन मंदिर लकड़ी के 56 खंभों पर टिका था। कहा जाता है कि मंदिर में स्थापित शिवलिंग बिना किसी सहारे के हवा में स्थित था। मंदिर की छत सोने से जड़ी हुई थी और यहां 40 मन वजनी सोने का घंटा लगा हुआ था। इतिहास में यह भी दर्ज है कि महमूद गजनवी यहां से करीब 6 टन सोना लूटकर ले गया था।

आजादी के बाद कैसे हुआ पुनर्निर्माण?

भारत की आजादी के बाद सरदार  वल्लभभाई पटेल ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया। 1947 में मंदिर निर्माण का कार्य शुरू हुआ। 8 मई 1950 को मंदिर की आधारशिला रखी गई और 11 मई 1951 को देश के पहले राष्ट्रपति Rajendra Prasad ने इसका उद्घाटन किया। आधुनिक सोमनाथ मंदिर का निर्माण 1961 में पूरा हुआ और बाद में 1995 में इसे राष्ट्र को समर्पित कर दिया गया। आज सोमनाथ मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं बल्कि भारत की संस्कृति, आत्मसम्मान और सनातन परंपरा की सबसे बड़ी पहचान बन चुका है। लाखों श्रद्धालु हर साल यहां दर्शन करने पहुंचते हैं और इसे भारतीय सभ्यता की अमर गाथा मानते हैं।

नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें  

खबरों में अपडेट रहना हमारी आदत है और सबसे आगे रहना मेरा जुनून। अब नया लुक ऐप भी ले आया है। आप सभी से अनुरोध है कि आप इसे अपना प्यार, दुलार और आशीर्वाद दें। आप सभी से निवेदन है कि मेरा न्यूज ऐप अपने अपने फोन में इंस्टॉल कर लीजिए। मैं आप सभी का आभारी रहूंगा….https://play.google.com/store/apps/details?id=com.app.nayalooknews

ये भी पढ़े

सोने की खरीदारी टालने की अपील पड़ गई भारी, ज्वेलरी शेयरों में मची भगदड़

Spread the love

homeslider National Uttar Pradesh

बृजभूषण से सुलह के बाद बाबा रामदेव का बड़ा बयान

New Delhi: योग गुरु बाबा रामदेव और भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के बीच पिछले कुछ दिनों से चल रही जुबानी जंग अब खत्म होती नजर आ रही है। दोनों नेताओं की मुलाकात की तस्वीरें सामने आने के बाद विवाद के सुलझने के संकेत मिले हैं। रामदेव ने भी इस दिशा में स्पष्ट […]

Spread the love
Read More
New Delhi
homeslider National Politics

चंदा चोरी के बाद अब वोट चोरी भी हुई साबित

CEC को निलंबित कर मुकदमा दर्ज करेः प्रमोद कुमार New Delhi: कांग्रेस सांसद और उप नेता राज्यसभा प्रमोद तिवारी ने कहा है कि भगवान श्रीराम के मंदिर में चढ़ावा और चंदा चोरी के बाद ‘‘मोदी सरकार’’ की संविधान तथा लोकतन्त्र की हत्या करके भारतीय जनतापार्टी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के अपवित्र गठबन्धन से […]

Spread the love
Read More