पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: लोकतंत्र के पर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 का पहला चरण राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नागरिकों, खासकर युवाओं और महिलाओं से बड़ी संख्या में मतदान करने की अपील की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि लोकतंत्र के इस पर्व में हर नागरिक को अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए।
पीएम मोदी का यह संदेश ऐसे समय आया है जब राज्य में चुनावी माहौल पूरी तरह गरमाया हुआ है। उन्होंने खास तौर पर पहली बार वोट डालने वाले युवाओं और महिलाओं को आगे आने का आग्रह किया, जिससे मतदान प्रतिशत में बढ़ोतरी हो सके।
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 क्यों अहम है पहला चरण?
पहला चरण राजनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसमें उत्तर बंगाल की सभी 54 सीटें शामिल हैं। यही क्षेत्र 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के उभार का गढ़ बना था। इसके अलावा 2021 के विधानसभा चुनाव में भी इसी क्षेत्र ने बीजेपी को मजबूत विपक्ष के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई थी।
पिछले चुनाव के आंकड़ों पर नजर डालें तो बीजेपी और TMC के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली थी। इस बार भी दोनों पार्टियां इस क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए पूरी ताकत झोंक रही हैं।
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कितने मतदाता और कैसी सुरक्षा व्यवस्था?
निर्वाचन आयोग के मुताबिक, पहले चरण में 3.60 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें करीब 1.75 करोड़ महिलाएं शामिल हैं, जबकि 465 थर्ड जेंडर मतदाता भी इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा बनेंगे।
सुरक्षा के लिहाज से भी इस बार रिकॉर्ड इंतजाम किए गए हैं। केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की लगभग 2,450 कंपनियां, यानी करीब 2.5 लाख जवान तैनात किए गए हैं। इसके अलावा 8,000 से ज्यादा मतदान केंद्रों को अति संवेदनशील घोषित किया गया है।
चुनाव आयोग ने मालदा, मुर्शिदाबाद, उत्तर दिनाजपुर, कूचबिहार, बीरभूम और पूर्व बर्धमान जिलों को विशेष निगरानी में रखा है, ताकि मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से पूरी हो सके।
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किन सीटों पर टिकी हैं सबकी नजरें?
इस चुनाव में कुछ सीटें ऐसी हैं जहां मुकाबला बेहद दिलचस्प होने वाला है
भवानीपुर: यहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का मुकाबला बीजेपी के सुवेंदु अधिकारी से है।
खड़गपुर सदर: बीजेपी के दिलीप घोष और टीएमसी के प्रदीप सरकार आमने-सामने हैं।
मुर्शिदाबाद: यहां बीजेपी और टीएमसी के बीच सीधी टक्कर देखने को मिल रही है।
बहरामपुर: कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी अपनी वापसी की कोशिश में हैं।
इन सीटों के नतीजे राज्य की राजनीति की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
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पिछली बार क्या रहा था प्रदर्शन?
2021 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 77 सीटें जीतकर मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई थी। वहीं, टीएमसी ने बहुमत हासिल कर सत्ता पर कब्जा बरकरार रखा था। इस बार बीजेपी सत्ता परिवर्तन का दावा कर रही है, जबकि टीएमसी का कहना है कि बीजेपी का प्रदर्शन और कमजोर रहेगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार मुकाबला पहले से ज्यादा कड़ा हो सकता है और छोटे-छोटे वोट अंतर भी बड़े परिणाम तय कर सकते हैं।
