- कई वकीलों के जले चेम्बर, कई महत्वपूर्ण फाइलों के जलने की आशंका, कोई जनहानि नहीं
नया लुक संवाददाता
लखनऊ। दो दिन पहले धू-धूकर जल उठी राजधानी में आग की लपटें अभी ठीक से बुझी भी नहीं थी कि एक पॉश इलाके में आग लग गई। कैसरबाग में शुक्रवार सुबह अचानक आग लगने की घटना सामने आई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार आग अधिवक्ताओं के चेम्बर तक पहुंच गई और देखते ही देखते कई चेम्बर इसकी चपेट में आ गए। राहत की बात यह है कि इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं मिली है। बताते चलें कि बुधवार की शाम विकासनगर इलाके की झुग्गी-झोपड़ियों में आग लग गई थी जिसमें ढेर सारी धन-जन हानि हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक घटना सुबह के समय हुई जब अधिकांश लोग अपने काम के लिए निकलने की तैयारी कर रहे थे। अचानक धुआं उठता देख आसपास के लोगों ने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी। सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया गया। आसपास के लोगों का कहना है कि आग काफी तेजी से पसरी, जिससे चेम्बरों में रखे जरूरी दस्तावेज और सामान जलकर नष्ट हो गए। कई अधिवक्ताओं का कहना है कि उनके महत्वपूर्ण केस फाइल्स और रिकॉर्ड को नुकसान पहुंचा है, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
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कैसे लगी थी आग, क्या कह रहे हैं जिम्मेदार
विकासनगर में आग लगने का सटीक कारण अभी भी साफ नहीं है। चीफ़ फ़ायर ऑफ़िसर इस मामले की जांच कर रहे हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि फ़ायर विभाग और पुलिस को जानकारी देने में देरी हुई। प्रशासन का कहना है कि दुर्घटना सिलेंडर फटने की वजह से हुई। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को तुरंत मदद का भरोसा दिया है। जाँच पूरी होने के बाद और जानकारी दी जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर लखनऊ की झुग्गी-झोपड़ी वाले इलाकों में सुरक्षा मानकों की कमी को उजागर किया है। DG फ़ायर सर्विसेज़, सुजीत पांडेय के अनुसार आग के बीच सिलेंडरों की मौजूदगी की वजह से फ़ायरफ़ाइटर्स को थोड़ी मुश्किल का सामना करना पड़ा।
सूबे के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने घटनास्थल का दौरा कर हालात देखा और दुर्घटना की उच्च-स्तरीय जांच के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को हर सम्भव सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने चिकित्सा सुविधाओं, अस्थायी आश्रय और भोजन व पानी की आपूर्ति की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। डीएम विशाख जी. ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया और मुख्य अग्निशमन अधिकारी को आग लगने के वास्तविक कारण की जांच करने का जिम्मा सौंपा।
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विकासनगर की तपिश में अभी भी झुलस रही है राजधानी
दो दिन पहले राजधानी के विकासनगर में लगी आग के चलते सरकार को विपक्षी पार्टियों की तपिश का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि लखनऊ के विकासनगर में गैस सिलेंडर फटने से झुग्गी बस्ती में लगी भीषण आग का समाचार हृदयविदारक है। इस अग्नितांडव में सैकड़ों परिवारों की जीवन भर की कमाई और आशियाने जलकर राख हो गए हैं। कई लोगों के लापता होने की खबर दुःखद है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी सभी प्रभावित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करती है। ईश्वर से प्रार्थना है कि वे लापता लोगों को सुरक्षित रखें और पीड़ितों को इस कठिन समय में संबल प्रदान करें। हम घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हैं। साथ ही यह भी पता लगाने की कोशिश करेंगे कि इसमें सरकार के लोग तो शामिल नहीं है। कहीं ऐसा तो नहीं किसी पूंजीपति के प्लॉट को खाली कराने के लिए प्रशासन ने ऐसा कुचक्र रचा हो।
सपा के पूर्व विधायक सतीश निगम ने कहा कि विकास नगर सेक्टर-12, रिंग रोड किनारे बसी अवैध झुग्गी बस्ती में लगी भीषण आग ने पूरे इलाके को जलाकर राख कर दिया। यह आग स्वाभाविक आग नहीं है, इसमें प्रशासनिक मिलीभगत की बू आ रही है। प्लॉट किसी न किसी पूंजीपति का होगा, उसके प्लॉट को खाली कराने के लिए प्रशासन ने आग का खेल खेला। बताते चलें कि इस आग तांडव में करीब 1200 झोपड़ियों जलकर खाक हो गईं। झोपड़ियों में रखे लगभग 100 गैस सिलेंडर एक के बाद एक धमाके के साथ फटे, जिसकी आवाज पूरे क्षेत्र में गूंजती रही। आग की लपटें और धुएं का गुबार पांच किलोमीटर दूर तक दिखाई दिया।
