नया लुक डेस्क
ईरान और अमेरिका के बीच इस्लामाबाद में हुई शांति वार्ता के विफल होने के बाद क्षेत्रीय तनाव और सीजफायर टूटने का खतरा बढ़ गया है। इसी बीच ईरान के सुरक्षा प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने रूसी मीडिया को दिए एक विशेष इंटरव्यू में अमेरिका को कड़ा संदेश दिया है। इब्राहिम अजीजी ने कहा कि समझौते की आवश्यकता ईरान से ज्यादा अमेरिका को है। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ईरान की शर्तों को स्वीकार नहीं करता, तो ईरान अपना रास्ता खुद तय करेगा और परिस्थितियों में कोई बदलाव नहीं होगा।
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परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज पर अडिग ईरान
ईरान के सुरक्षा प्रमुख ने दोहराया कि देश अपने परमाणु कार्यक्रम से किसी भी हालत में पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण और उससे जुड़े फैसले ईरान की शर्तों पर ही होंगे। अजीजी ने आरोप लगाया कि अमेरिका की “अत्यधिक मांगों” के कारण इस्लामाबाद वार्ता में कोई सहमति नहीं बन सकी। उन्होंने कहा कि प्रतिबंध हटाने, क्षेत्रीय सुरक्षा और रणनीतिक अधिकारों जैसे मुद्दों पर ईरान कोई समझौता नहीं करेगा।
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अजीजी ने कहा कि ईरान ने पहले भी कठिन हालात का सामना किया है और अब भी वह मजबूत स्थिति में है। उन्होंने दावा किया कि 40 दिनों की “थोपी गई जंग” के बावजूद ईरान की स्थिति कमजोर नहीं हुई है और बाहरी दबाव उसे झुका नहीं सकता। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका और उसके सहयोगी ईरान की मांगों को नहीं मानते, तो इसका असर वैश्विक ऊर्जा बाजार और क्षेत्रीय स्थिरता पर पड़ेगा। वार्ता विफल होने के बाद ईरानी संसद प्रमुख गालिबाफ का भी बयान सामने आया। उन्होंने कहा कि पिछले अनुभवों के कारण ईरान को अमेरिका पर भरोसा नहीं है। हालांकि ईरान की ओर से सकारात्मक पहल की गई थी, लेकिन अमेरिकी पक्ष विश्वास जीतने में असफल रहा।
