पाकिस्तान की पंजाब विधानसभा में एक अहम प्रस्ताव पेश किया गया है, जिसमें सेना प्रमुख आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित करने की मांग की गई है। इस प्रस्ताव में विदेश मंत्री इशाक डार का नाम भी शामिल है। यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब ईरान और अमेरिका के बीच हुए अस्थायी युद्धविराम में पाकिस्तान की भूमिका को लेकर चर्चा हो रही है।
विधानसभा में पेश हुआ प्रस्ताव
यह प्रस्ताव सत्तारूढ़ पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) के मुख्य सचेतक राणा अरशद ने पेश किया। उन्होंने कहा कि ईरान, इजराइल और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान के नेतृत्व ने “प्रभावी कूटनीति” का प्रदर्शन किया है।
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कूटनीति की सराहना, खुद की पीठ थपथपाई
प्रस्ताव में कहा गया कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और विदेश मंत्री इशाक डार की कूटनीति ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने का रास्ता तैयार किया है। सदन ने इन नेताओं की भूमिका की सराहना करते हुए उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार के योग्य बताया।
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युद्धविराम और शांति वार्ता की तैयारी
गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में दो सप्ताह का सशर्त युद्धविराम लागू हुआ है, जिससे लंबे समय से जारी तनाव पर अस्थायी विराम लगा है। पाकिस्तान अब दोनों देशों के बीच आमने-सामने की वार्ता की मेजबानी करने जा रहा है, जिसका उद्देश्य इस नाजुक युद्धविराम को मजबूत करना और पश्चिम एशिया में आगे तनाव को रोकना है।
