नई दिल्ली/दुबई। खाड़ी क्षेत्र में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। सोमवार को ईरान पर आरोप है कि उसने दुबई पोर्ट के पास लंगर डाले कुवैत के एक कच्चे तेल से भरे टैंकर पर हमला किया। इस हमले के बाद जहाज में भीषण आग लग गई और उसके बाहरी हिस्से को नुकसान पहुंचा।
ड्रोन और मिसाइल से हमला, तेल रिसाव का खतरा
कुवैत की सरकारी एजेंसी और कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन के हवाले से बताया गया कि टैंकर पर “सीधा और दुर्भावनापूर्ण हमला” किया गया। आशंका जताई गई है कि इस घटना से समुद्र में तेल फैल सकता है, जिससे पर्यावरण को बड़ा नुकसान हो सकता है। दुबई प्रशासन ने पुष्टि की है कि स्थानीय जलक्षेत्र में हुए इस हमले के बाद समुद्री अग्निशमन दल आग बुझाने में जुटे हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, हमले में ड्रोन और विस्फोटक हथियारों का इस्तेमाल किया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस हमले में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। टैंकर पर मौजूद सभी 24 चालक दल के सदस्य सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
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जहाज के पास गिरीं मिसाइलें
समाचार एजेंसी रिपोर्ट के अनुसार, लाइबेरिया के झंडे वाले एक अन्य जहाज ‘एक्सप्रेस रोम’ के पास भी दो अज्ञात मिसाइलें समुद्र में गिरीं। यह घटना रास तनुरा से करीब 22 नॉटिकल मील उत्तर-पूर्व में हुई, जिससे क्षेत्र में और अधिक सतर्कता बढ़ा दी गई है।
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ती घटनाएं
यह हमला होर्मुज जलडमरूमध्य और खाड़ी क्षेत्र में व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाने की हालिया घटनाओं की कड़ी में नया मामला है। इससे अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता और गहरा गई है। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम पर ईरान की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
