- 2029 और 2034 लोकसभा चुनाव में भी पंकज चौधरी के मुकाबले में कोई नहीं ?
- पंकज चौधरी के लिए 2027 का विधानसभा चुनाव सबसे बड़ी चुनौती
उमेश चन्द्र त्रिपाठी
महराजगंज। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री और महराजगंज लोकसभा सीट से 7 बार के सांसद पंकज चौधरी ने यूपी बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पद की कमान संभाल ली है। पंकज चौधरी सात बार के सांसद हैं और कुर्मी बिरादरी के बड़े नेताओं में गिने जाते हैं। उनके प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। समर्थकों का मानना है कि संगठन और सरकार के बीच संतुलन साधने के लिए पार्टी ने एक अनुभवी और जमीनी नेता पर भरोसा जताया है। पंकज चौधरी कुर्मी समाज के चौथे अध्यक्ष हैं। इससे पहले विनय कटियार, ओम प्रकाश सिंह और स्वतंत्र देव सिंह कुर्मी समाज से प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। पार्टी के भीतर माना जा रहा है कि ओबीसी राजनीति और पूर्वांचल में संगठन को और मजबूत करने के लिहाज से यह एक अहम फैसला लिया गया है।
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पार्षद से सांसद तक का सफर
पंकज चौधरी ने राजनीति की शुरुआत 1989 में नगर निगम गोरखपुर के पार्षद के रूप में की थी। उसी चुनाव में वे उप सभापति भी चुने गए। इसके बाद 1991 में महज 27 साल की उम्र में उन्हें महराजगंज लोकसभा सीट से बीजेपी ने टिकट दिया। कुर्मी बहुल इस जिले में जातीय समीकरण उनके पक्ष में बैठे और वे पहली बार सांसद बनकर देश की सबसे बड़ी पंचायत संसद पहुंचे। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।
चुनावी जीत का रिकॉर्ड बनाया
1991 से 2024 तक पंकज चौधरी का चुनावी रिकॉर्ड बेहद मजबूत रहा है। 1999 और 2009 के लोकसभा चुनाव को छोड़ दें तो उन्होंने 1991, 1996, 1998, 2004, 2014, 2019 और 2024 में महराजगंज लोकसभा सीट से जीत दर्ज की। 2024 के लोकसभा चुनाव में पहली बार उन्हें अपने गढ़ में कड़ी चुनौती मिली थी। कांग्रेस गठबंधन ने फरेंदा से विधायक और उनके ही समाज से आने वाले वीरेंद्र चौधरी को मैदान में उतारा था। इससे कुर्मी, पटेल और सैंथवार मतदाताओं में बंटवारा देखने को मिला। इसके बावजूद पंकज चौधरी ने कांग्रेस प्रत्याशी को 35,451 मतों से हराकर लगातार दूसरी हैट्रिक और कुल सातवीं बार महराजगंज में कमल खिलाया।
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हर सियासी दौर में बीजेपी के साथ
पंकज चौधरी को पार्टी का निष्ठावान कार्यकर्ता माना जाता है। सियासी हवा चाहे जितनी विपरीत रही हो, वे हर दौर में मजबूती से बीजेपी के साथ खड़े रहे। तराई के इस जिले में पार्टी का जनाधार बढ़ाने में उनकी अहम भूमिका रही है। कार्यकर्ताओं के बीच उनकी छवि एक सहज, सरल और सुलभ नेता की रही है, जो विपक्ष के सियासी चक्रव्यूह को भी अपने व्यवहार से तोड़ने में माहिर माने जाते हैं।
जिला पंचायत पर मजबूत पकड़
पंकज चौधरी के राजनीतिक रसूख का अंदाजा महराजगंज जिला पंचायत से भी लगाया जा सकता है। जब महराजगंज को गोरखपुर से अलग कर जिला बनाया गया, तभी से जिला पंचायत पर चौधरी परिवार का प्रभाव बना रहा। सबसे पहले उनके बड़े भाई स्वर्गीय प्रदीप चौधरी जिला पंचायत अध्यक्ष बने। इसके बाद दो बार उनकी माता उज्ज्वल चौधरी इस पद पर आसीन रहीं। इसके बाद भी जिला पंचायत की सत्ता का रिमोट कंट्रोल पंकज चौधरी के हाथ में ही रहा। सपा और बसपा के शासन काल में भी कोई उन्हें यहां से हटा नहीं सका। पंकज चौधरी वर्तमान में केंद्र सरकार में वित्त राज्य मंत्री हैं। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में 2021 में उन्हें पहली बार मंत्री बनाया गया था। इसके बाद 2024 में तीसरे कार्यकाल में भी उन पर भरोसा जताया गया। करीब साढ़े तीन दशक के राजनीतिक सफर में पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा और संगठनात्मक क्षमता का इनाम अब प्रदेश अध्यक्ष पद के रूप में मिल गया है।
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पंकज चौधरी की पारिवारिक पृष्ठभूमि
- जन्मतिथि: 15 नवंबर 1964
- शिक्षा: स्नातक
- पिता: भगवती प्रसाद चौधरी
- माता: उज्ज्वला चौधरी
- पत्नी: भाग्यश्री चौधरी
- पुत्र : रोहन चौधरी
- पुत्री: श्रुति चौधरी
- व्यवसाय: उद्योग और कृषि
राजनीतिक सफर
- 1989: नगर निगम गोरखपुर के पार्षद और उप सभापति
- 1991, 1996, 1998, 2004, 2014, 2019, 2024: महराजगंज से लोकसभा सांसद
- 1999 और 2009 : लोकसभा चुनाव में पराजय
- 2021 : मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री
- 2024 : मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में फिर से वित्त राज्य मंत्री
यूपी बीजेपी के अब तक के प्रदेश अध्यक्ष
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- माधव प्रसाद त्रिपाठी : 1980
- कल्याण सिंह : 1984
- राजेंद्र कुमार गुप्ता : 1990
- कलराज मिश्रा : 1991
- राजनाथ सिंह : 1997
- ओम प्रकाश सिंह : 2000
- कलराज मिश्रा: 2000
- विनय कटियार : 2002
- केशरी नाथ त्रिपाठी : 2004
- डॉ. रमापति राम त्रिपाठी : 2007
- सूर्य प्रताप शाही : 2010
- लक्ष्मीकांत वाजपेई : 2012
- केशव प्रसाद मौर्य : 2016
- महेंद्र नाथ पांडे : 2017
- स्वतंत्र देव सिंह : 2019
- भूपेंद्र सिंह चौधरी : 2022 से अब तक
