घरेलू शेयर बाजार ने मंगलवार को कमजोर शुरुआत के साथ निवेशकों को निराश कर दिया। शुरुआती कारोबार में बीएसई का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और एनएसई का निफ्टी दोनों ही गिरावट के साथ खुले। बाजार खुलने के कुछ ही मिनटों में सेंसेक्स 500 से ज्यादा अंक टूट गया, जबकि निफ्टी भी 150 अंकों से अधिक नीचे फिसल गया। बाजार में यह गिरावट ऐसे समय आई है जब पिछले कारोबारी सत्र में शेयर बाजार ने मजबूत बढ़त दर्ज की थी। सोमवार को निवेशकों में सकारात्मक माहौल देखने को मिला था, लेकिन मंगलवार को बाजार का रुख पूरी तरह बदल गया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स की अधिकांश कंपनियों के शेयर लाल निशान में कारोबार करते दिखाई दिए।
सबसे ज्यादा दबाव आईटी सेक्टर में देखने को मिला। प्रमुख आईटी कंपनियों जैसे इन्फोसिस, टीसीएस और एचसीएल टेक के शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई। इन कंपनियों में बिकवाली का असर पूरे बाजार पर पड़ा, क्योंकि आईटी सेक्टर का सूचकांकों में बड़ा योगदान होता है। आईटी के अलावा बैंकिंग, ऑटो और एफएमसीजी सेक्टर में भी कमजोरी देखी गई। कई बड़ी कंपनियों के शेयर दबाव में रहे, जिससे बाजार का कुल प्रदर्शन प्रभावित हुआ। हालांकि कुछ चुनिंदा शेयरों में मामूली बढ़त देखने को मिली, लेकिन यह तेजी बाजार को संभालने के लिए पर्याप्त नहीं थी।
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विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक संकेतों की कमजोरी, निवेशकों की सतर्कता और मुनाफावसूली के कारण बाजार में गिरावट आई है। जब बाजार लगातार ऊंचे स्तर पर पहुंचता है, तो निवेशक अपने मुनाफे को सुरक्षित करने के लिए शेयर बेचते हैं, जिससे गिरावट देखने को मिलती है। बाजार की मौजूदा स्थिति निवेशकों के लिए सतर्क रहने का संकेत है। हालांकि, लंबे समय के निवेशकों के लिए इस तरह की गिरावट को अवसर के रूप में भी देखा जाता है। सही रणनीति और धैर्य के साथ निवेश करने से भविष्य में अच्छे रिटर्न की संभावना बनी रहती है।
