पान मसाला थोक व्यापारियों की कालाबाजारी पर कोई अंकुश नहीं

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  • सिगरेट के दामों में भी हुई बेतहाशा बढ़ोत्तरी
  • बढ़े हुए दामों को लेकर दुकानदारों और ग्राहकों में हो रही नोंकझोंक

नया लुक डेस्क

लखनऊ। केंद्रीय बजट में तम्बाकू उत्पादों में 40 फीसदी बढ़ोत्तरी की घोषणा होते ही पान मसाला और सिगरेट के थोक विक्रेताओं की बल्ले बल्ले हो गई है। यह दुकानदार 160 रुपए में मिलने वाला मसाला 250 रूपये में बेंच रहे है। थोक विक्रेताओं से लेकर फुटकर गुमटी वाले दुकानदार पांच रुपए में मिलने वाला मसाला सात और आठ रुपए में बेंच रहे है। कुछ ऐसा ही हाल सिगरेट में भी देखने को मिल रहा है। महंगा माल लेकर फुटकर दुकानदारों ने सिगरेट के दामों में भी दो से पांच रुपए बढ़ा दिए है। बढ़े हुए दामों को लेकर दुकानदारों और ग्राहकों में नोंकझोंक का सिलसिला बदस्तूर जारी है। ऐसा तब है जब बढ़े हुए दामों को एक अप्रैल से लागू किए जाने का निर्देश दिया गया है।

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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक फरवरी को बजट पेश किया। बजट में तम्बाकू उत्पादों में 40 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी किए जाने की घोषणा की गई। इसकी जानकारी होते ही पान मसाला और सिगरेट के थोक व्यापारियों ने निर्धारित समय से पहले ही इनके दामों में बेतहाशा बढ़ोत्तरी कर अपने खजाने को भरना चालू कर दिया। राजधानी के पान दरीबा, बाराबिरवा के महेश ट्रेडर्स, बंगला बाजार के शैलेन्द्र, सुनील और अमित समेत अन्य थोक विक्रेताओं ने पुराने प्रिंट रेट के मसालों को डंप करके इसकी कालाबाजारी शुरू कर दी। फुटकर दुकानदारों की माने तो यह थोक विक्रेता दुकानों से माल न बेचकर गोदामों से माल की बिक्री कर रहे है। इन थोक विक्रेताओं ने दामों में इस कदर बढ़ोतरी कर दी है कि महंगा माल खरीदकर फुटकर दुकानदार और महंगा बेचने को मजबूर है। बढ़े हुए दामों को लेकर फुटकर दुकानदारों और ग्राहकों में नोंकझोंक आसानी से देखी जा सकती है। दिलचस्प बात यह है कि सरकार में बैठे अफसरानों को थोक व्यापारियों की यह ब्लैक मार्केटिंग दिखाई ही नहीं पड़ रही है।

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मसाला के फुटकर दुकानदारों के मुताबिक जो कमला पसंद पान मसाले का पैकेट 160 रुपए में मिलता था वह अब 250 से 260 रुपए में मिल रहा है। इसी प्रकार 130 वाला राजश्री 180 में, 145 वाला राजश्री गोल्ड 220 से 230, 155 वाला एसएनके 200 रुपए में मिल रहा है। सिग्नेचर पान मसाला तो मार्केट से गुम ही हो गया है। इसी प्रकार 87 रुपए में मिलने वाली छोटी गोल्ड सिगरेट 110 में और 155 में मिलने वाली बड़ी गोल्ड 220 से 230 रुपए में बेचकर थोक विक्रेता आम आदमी की जेब पर डाका डाल रहे है। सरकार खुलेआम ब्लैक मार्केटिंग कर रहे इन थोक व्यापारियों पर कब अंकुश लगाएगी। यह सवाल फुटकर दुकानदारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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