देश की राजधानी दिल्ली में आयोजित India AI Impact Summit के दौरान हुए शर्टलेस प्रदर्शन को लेकर सियासत गरमा गई है। इस कार्यक्रम में हुई घटना पर प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक वैश्विक मंच को राजनीतिक प्रदर्शन का अखाड़ा बना दिया गया।
प्रधानमंत्री ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि भारत में आयोजित बड़े अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम पर पूरे देश को गर्व होना चाहिए। उनका कहना था कि यह आयोजन देश की तकनीकी क्षमता और वैश्विक नेतृत्व की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पूरा देश इस उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहा है, तब कुछ राजनीतिक दल इसे विवाद में बदलने की कोशिश क्यों कर रहे हैं।
पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि सम्मेलन स्थल पर विदेशी मेहमानों के सामने विरोध प्रदर्शन कर देश की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि यह आचरण राजनीतिक असहिष्णुता और वैचारिक दरिद्रता को दर्शाता है।
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क्या था मामला?
जानकारी के मुताबिक, समिट के दौरान Indian Youth Congress के कुछ कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर बेरोजगारी, महंगाई और व्यापार समझौतों के मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। कुछ प्रदर्शनकारी शर्ट उतारकर कार्यक्रम स्थल के भीतर नारेबाजी करते नजर आए। सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप कर उन्हें हिरासत में ले लिया।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि राजनीतिक विरोध लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस तरह का प्रदर्शन देश की प्रतिष्ठा के अनुरूप नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह आयोजन किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि देश का कार्यक्रम था।
इस घटनाक्रम के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। जहां एक ओर सत्तारूढ़ पक्ष इसे देश की छवि से जोड़ रहा है, वहीं विपक्ष इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हिस्सा बता रहा है।
AI और उभरती तकनीकों को लेकर भारत वैश्विक स्तर पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है। ऐसे में इस तरह की घटनाएं राजनीतिक बहस का केंद्र बन गई हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं।
