दून मेडिकल कॉलेज में विद्यार्थियों के लिये एंटी-रैगिंग जागरूकता कार्यक्रम का किया गया आयोजन

देहरादून। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में प्राचार्या डॉ. गीता जैन की अध्यक्षता में एमबीबीएस एवं एमडी/एमएस विद्यार्थियों हेतु एंटी-रैगिंग जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में रैगिंग-विरोधी संवेदनशीलता, मानवीय मूल्यों, व्यावसायिक नैतिकता तथा सुरक्षित एवं सम्मानजनक शैक्षणिक वातावरण के प्रति जागरूकता विकसित करना था। कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए प्राचार्या डॉ. गीता जैन ने स्पष्ट किया कि संस्थान में रैगिंग के प्रति “जीरो टॉलरेंस” की नीति लागू है। रैगिंग से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत पर कठोर अनुशासनात्मक एवं कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने विद्यार्थियों से सकारात्मक, सहयोगात्मक एवं गरिमामय परिसर संस्कृति बनाए रखने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में अधिवक्ता कविता शर्मा ने रैगिंग की परिभाषा, उसके दुष्परिणाम एवं विधिक प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। पुलिस मुख्यालय देहरादून से पुलिस उपाधीक्षक श्री योगेंद्र चंद ने रैगिंग से संबंधित प्रचलित कानूनों, दंडात्मक प्रावधानों तथा विद्यार्थियों के अधिकारों पर प्रकाश डाला। विधि विशेषज्ञ डॉ. बैजनाथ (पेट्रोलियम एवं ऊर्जा अध्ययन विश्वविद्यालय, देहरादून) ने वरिष्ठ एवं कनिष्ठ विद्यार्थियों के मध्य स्वस्थ एवं सकारात्मक संबंध स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम में एंटी-रैगिंग समिति के सदस्य — डॉ. गजाला रिज़वी (पैथोलॉजी), डॉ. जया नवानी (मनो रोग विभाग), डॉ. आरती नेगी (माइक्रोबायोलॉजी), डॉ. गौरव गुप्ता (बायोकेमिस्ट्री) तथा डॉ. कुलदीप सिंह (पीडियाट्रिक्स) उपस्थित रहे। समापन अवसर पर सभी विद्यार्थियों ने रैगिंग मुक्त परिसर बनाए रखने का संकल्प लिया। संस्थान प्रशासन ने पुनः स्पष्ट किया कि राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में रैगिंग के लिए कोई स्थान नहीं है तथा प्रत्येक छात्र-छात्रा की गरिमा, सुरक्षा एवं सम्मान सर्वोपरि है।

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