Solar Eclipse: धरती के सबसे ठंडे और एकांत महाद्वीप अंटार्कटिका में 17 फरवरी को ऐसा खगोलीय नज़ारा दिखाई दिया, जिसने वहां मौजूद वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। यह एक दुर्लभ अंगुलाकार सूर्यग्रहण था, जिसे आमतौर पर ‘रिंग ऑफ फायर’ कहा जाता है। बर्फ से ढकी अनंत सफेदी के बीच जब आसमान में सूर्य ने सुनहरी अंगूठी का रूप लिया, तो दृश्य किसी कल्पना से कम नहीं था।
यह सूर्यग्रहण सुबह के समय शुरू हुआ। धीरे-धीरे चंद्रमा सूर्य के सामने आकर उसकी रोशनी को ढकने लगा। हालांकि उस समय चंद्रमा अपनी कक्षा के सबसे दूर बिंदु, यानी एपोजी पर था। यही कारण रहा कि वह सूर्य को पूरी तरह से ढक नहीं पाया। परिणामस्वरूप सूर्य का मध्य भाग अंधकारमय दिखा, जबकि उसके चारों ओर एक पतली, चमकदार और नारंगी आभा वाली अंगूठी बन गई—जिसे वैज्ञानिक भाषा में एन्नुलर सोलर इक्लिप्स कहा जाता है।
यह ‘रिंग ऑफ फायर’ लगभग दो मिनट तक बना रहा। कॉन्सॉर्डिया रिसर्च स्टेशन से इसे देखने वाले वैज्ञानिकों के अनुसार यह दृश्य करीब 2 मिनट 1 सेकंड तक स्पष्ट दिखाई दिया। इस दौरान रोशनी सामान्य से कम हो गई, लेकिन पूर्ण अंधकार नहीं छाया। आसमान में हल्की-सी धुंधली रोशनी और बर्फ पर पड़ती सुनहरी किरणों ने पूरे वातावरण को अलौकिक बना दिया।
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चारों ओर फैली बर्फ, तेज़ हवाएं और शून्य के करीब तापमान—इन सबके बीच यह दृश्य किसी रहस्यपूर्ण चित्र जैसा प्रतीत हो रहा था। वैज्ञानिकों ने विशेष सोलर ग्लासेस के माध्यम से इस घटना को सुरक्षित तरीके से देखा और रिकॉर्ड भी किया। यह ग्रहण न केवल खगोल विज्ञान के लिए महत्वपूर्ण था, बल्कि भावनात्मक रूप से भी बेहद खास रहा।
हालांकि इस सूर्यग्रहण की आंशिक झलक दक्षिणी अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्सों में भी देखी गई, लेकिन पूर्ण ‘रिंग ऑफ फायर’ का सबसे स्पष्ट और प्रभावशाली रूप अंटार्कटिका के दूरस्थ क्षेत्र में ही दिखाई दिया। कम जनसंख्या और साफ आसमान के कारण यह नजारा और भी दुर्लभ बन गया।
जो लोग इस घटना के साक्षी बने, उन्होंने इसे अपने जीवन के सबसे सुंदर पलों में से एक बताया। बर्फीली खामोशी के बीच आकाश में जलती हुई सूर्य की अंगूठी यह याद दिलाती है कि प्रकृति और ब्रह्मांड का सौंदर्य सीमाओं से परे है।
