ए अहमद सौदागर
लखनऊ । कृष्णानगर थाना क्षेत्र में युवक से दस साल पहले हुई ठगी का केस दर्ज हुआ है। दरअसल युवक को विंटेज बाइक का शौक परवान चढ़ा तो उसने गुरुग्राम की एजेंसी से इंडियन चीफ विंटेज बाइक निकाली। इसके लिए वीआईपी नंबर उसने 4.50 रुपए में खरीदा था। अब जब उसने अपनी विंटेज बाइक बेची तो कागज ट्रांसफर के समय पता चला कि इस नंबर का कोई वाहन ही नहीं है। यह देख युवक के होश उड गए और उसने थाने पहुंचकर पुलिस को तहरीर दी। पुलिस केस दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।
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पुलिस के मुताबिक, आलमबाग के आजाद नगर गोपालपुरी रहने वाला इदरीश सिद्दीकी है। उनके साथ 10 साल पहले कूटरचित सरकारी दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी की गई थी। इदरीश ने बताया कि एक युवक ने घर आकर रुपए लिए और पंजाब के फरीदकोट से फर्जी रजिस्ट्रेशन कराकर मोटरसाइकिल के कागज थामा दिए थे। RC थमा दी। 10 साल फर्जी RC पर बाइक चलाने के बाद जब वह बाइक बेचने गए तब ठगी का पता चला। 27 फरवरी 2015 को गुड़गांव स्थित टेक्नो ऑटोमोबाइल प्राइवेट लिमिटेड से इंडियन चीफ विंटेज मोटरसाइकिल खरीदी थी। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच कर आरोपी की तलाश की जा रही है।
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