- 40 दिन में दो मांगें पूरी नहीं हुईं तो ‘नकली हिंदू’ घोषित करने का ऐलान
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में शुक्रवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने दो बड़ी मांगें रखकर सियासी और धार्मिक हलकों में हलचल मचा दी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि मुख्यमंत्री के पास 40 दिन का समय है, जिसमें या तो गाय को ‘राज्यमाता’ घोषित किया जाए और गोमांस के निर्यात पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए, अन्यथा 10–11 मार्च को लखनऊ में आयोजित संत समागम में मुख्यमंत्री योगी को ‘नकली हिंदू’ घोषित किया जाएगा।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति उन्हें 1966 के दौर की याद दिलाती है, जब तत्कालीन सरकार ने करपात्री जी महाराज को परेशान किया था। उनका आरोप है कि आज वही काम योगी सरकार और कुछ प्रभावशाली धार्मिक चेहरे मिलकर उनके साथ कर रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि उनसे सरकार की ओर से 24 घंटे के भीतर शंकराचार्य होने का प्रमाण मांगा गया था, जिसे उन्होंने उपलब्ध करा दिया। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि सरकार ने 15 दिन बीत जाने के बाद भी उनके प्रमाण को खारिज नहीं किया, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि उनका दावा सही है। उन्होंने कहा कि अब सवाल सरकार और मुख्यमंत्री पर है कि वे स्वयं को असली हिंदू साबित करें।
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सीएम योगी पर सीधा निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि यदि 40 दिनों के भीतर गोवंश हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध, मांस निर्यात पर पूरी तरह रोक और गाय को राज्यमाता का दर्जा नहीं दिया गया, तो संत समाज के सामने मुख्यमंत्री की धार्मिक प्रतिबद्धता पर सवाल खड़े किए जाएंगे।
मांस निर्यात को लेकर उन्होंने गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि देश के कुल मांस निर्यात में यूपी की हिस्सेदारी 40 प्रतिशत से अधिक है। भैंस के मांस के नाम पर निर्यात होने वाले मांस में गोवंश शामिल होने का संदेह जताते हुए उन्होंने कहा कि बिना डीएनए जांच के यह तय करना असंभव है कि वास्तव में क्या निर्यात किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह किसी पद या व्यक्तिगत प्रतिष्ठा की लड़ाई नहीं है, बल्कि सनातन धर्म और गौ माता की रक्षा का प्रश्न है। प्रयागराज स्नान विवाद पर उन्होंने कहा कि वह मुद्दा अब पीछे छूट चुका है और असली बहस अब “असली हिंदू बनाम नकली हिंदू” की है।
