मंहगाई की तरह जेल में भी सुविधाओं के दामों में हुई बढ़ोत्तरी

  • फिरोजाबाद जेल में अधिकारी मस्त बंदी त्रस्त
  • कमाई का कोई भी मौका नहीं छोड़ना चाह रहे अफसर
  • मुलाकात में भी हो रही जेल में जमकर वसूली
  • अलाव और विशेष चाय भी बनी अफसरों की आमदनी का जरिया

लखनऊ। तू डाल डाल तो मैं पात पात… यह कहावत फिरोजाबाद जिला जेल के अधिकारियों पर एकदम फिट बैठती है। जेल में सत्ता परिवर्तन होने के बाद भ्रष्टाचार घटने के बजाए और बढ़ गया है। पूर्व में इस जेल में मशक्कत के लिए 1200 रुपए प्रति बंदी लिया जाता था। यह अब बढ़कर तीन से पांच हजार रुपए प्रति बंदी हो गया है। यही नहीं जेल बंदियों को ठंड से बचाने के लिए जलने वाले अलाव की लकड़ी मनमाफिक दामों में खरीदकर अलाव जलाने की खानापूर्ति की जा रही है। हकीकत यह है कि जेल में अलाव सिर्फ कागजों पर जल रहे है। कुछ ऐसा ही हाल विशेष चाय का भी है। जेल अधिकारी कमाई का कोई मौका छोड़ना नहीं चाह रहे है। इस जेल में लूट मची हुई है।

मिली जानकारी के मुताबिक जेल में आने वाले नए बंदी से अच्छी बैरेक और काम नहीं करने के एवज में मशक्कत (हाते) के नाम पर अवैध वसूली की जाती है। पहले हाते के लिए 1200 रुपए प्रति बंदी वसूल किए जाते थे। जेल में सत्ता परिवर्तन होने के बाद अब इसको बढ़ाकर तीन से पांच हजार रुपए प्रति बंदी कर दिया है। महंगाई की तरह जेल में भी बंदियों से सुविधा के नाम पर होने वाली वसूली को भी बढ़ा दिया गया है। जेल प्रशासन की इस अवैध वसूली से बंदी काफी त्रस्त है। मजे की बात यह है कि विभाग में इन बंदियों का दर्द सुनने वाला कोई नहीं है। इसी वजह से बंदियों को अधिकारियों की अवैध वसूली और उत्पीड़न से जूझना पड़ रहा है।

ये भी पढ़े

मनाली में बर्फ पर अंडरगारमेंट में रील बनाती महिला इन्फ्लुएंसर का वीडियो वायरल, मंत्री विक्रमादित्य सिंह भड़के

सूत्रों का कहां है कि बंदियों को कड़ाके की ठंड से बचाने के लिए शासन ने व्यापक इंतजाम किए है। शासन ने ठंड में बंदियों को विशेष चाय वितरित किए जाने की व्यवस्था सुनिश्चित की है। इसके साथ ही जेल के अंदर बैरकों के बाहर अलाव जलने के भी निर्देश दिए गए। अधिकारियों की कमाई के चलते शासन की यह व्यवस्था कागजों में ही सिमट कर रह गई है। अलाव के नाम में जेल प्रशासन के अधिकारी मनमाने दामों पर लकड़ी जरूर खरीद रहे है। लेकिन अलाव जलाने के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति ही की जा रही है। इसी प्रकार ठंड में मिलने वाली विशेष चाय के नाम पर बंदियों उबला हुआ पानी परोसा जा रहा है। इसमें चीनी और दूध नाममात्र का ही होता है। इस चाय को पीने के बजाए बंदी कैंटीन में मनमाने दाम पर बिक रही चाय का ही इस्तेमाल कर रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि जेल में बंदियों के पास कड़ाके की ठंड से बचने के पर्याप्त संख्या में कंबल तक उपलब्ध नहीं हैं। उधर इस संबंध में जब आगरा जेल परिक्षेत्र के डीआईजी जेल पी एन पांडेय से बात करने का प्रयास किया गया तो कई प्रयासों के बाद भी उनका फोन नहीं उठा।

ये भी पढ़े

ऐसा अनोखा बच्चा कि देखकर फूल गए मां बाप के हाथ पांव, इतने सिर और इतने हाथ पैर के साथ जन्मा बच्चा

जांच हो तो दूध का दूध पानी सामने आ जाएगा

फिरोजाबाद जेल में कमाई के चक्कर में अनाप शनाप दामों में दैनिक उपयोग की वस्तुओं की खरीद फरोख्त की जा रही है। अधिकारियों और ठेकेदारों की साठ गांठ से सरकारी राजस्व का चुना लगाया जा रहा है। इसकी जांच कराई जाए तो दूध का दूध पानी सामने आ जाएगा। सूत्रों की माने तो जेल में नौ की लकड़ी नब्बे रुपए में खरीदी जा रही है। इस सच की पुष्टि जेल में दैनिक इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं के बिलों से आसानी से की जा सकती है। दिलचस्प बात यह है कि इस जेल में कोई स्थाई जेलर तैनात ही नहीं है। तीन माह की अस्थाई ड्यूटी पर तैनात किए गए जेलर ने करीब आठ माह से जेल पर कब्जा जमा रखा है। उधर विभाग के आला अफसर इस मसले पर कुछ भी बोलने से बचते नजर आए।

homeslider Politics Raj Dharm UP

PDA की बढ़ती ताकत से अवसाद में भाजपा: अखिलेश

BJP ने तोड़ दिए भ्रष्टाचार और लूट के सारे रिकॉर्ड भाजपा को सत्ता से बाहर करना हो गया जरूरी लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि 2027 में विधानसभा चुनाव जीतकर सरकार बनानी है। पूरी तैयारी के साथ काम करना है। बूथ स्तर पर जीतना होगा। भाजपा सरकार ने उत्तर […]

Read More
homeslider Raj Dharm UP Uttar Pradesh

सुरक्षाकर्मियों के बजाए आधुनिक उपकरण खरीद पर जोर!

कारागार विभाग में चल रहा कमीशन का खेल सुरक्षाकर्मियों पर निगरानी रखने के लिए लगाए जा रहे ‘सेंसर उपकरण’  फरारी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए नया प्रयोग राकेश कुमार  लखनऊ। जेल में निरुद्ध बंदियों की फरारी रोकने के लिए सुरक्षाकर्मियों की संख्या बढ़ाए जाने के बजाए आधुनिक उपकरणों की खरीद पर जोर दिया […]

Read More
homeslider International

भारतीय उच्चायोग ने श्रीलंका में लगाई ‘बुद्धं शरणं गच्छामि’ प्रदर्शनी

कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग ने बक पूर्णिमा पोया के अवसर पर वेलिसारा के मूलगंधकुटी पिरिवेन महा विहार में ‘बुद्धं शरणं गच्छामि’ प्रदर्शनी का आयोजन किया। इस प्रदर्शनी में आधुनिक भारतीय कला के महान कलाकारों की पेंटिंग्स दिखाई गई, जिनमें भगवान बुद्ध के जीवन और उनकी शिक्षाओं के महत्वपूर्ण प्रसंगों को बड़ी खूबसूरती से दर्शाया गया […]

Read More