- अधीक्षकों के सेवानिवृत होने से पहले होने लगी सेटिंग गेटिंग
- 31 जनवरी को चार जेल अधीक्षक हो रहे सेवानिवृत
लखनऊ। बाजार लगी नहीं लुटेरे हाजिर हो गए… यह कहावत कारागार विभाग के अधिकारियों पर एक दम फिट बैठती है। अधीक्षक अभी सेवानिवृत हुए नहीं की जेल अधीक्षकों ने तैनाती के लिए गोट बिछाना शुरू कर दिया है। प्रयासरत अधीक्षकों का मंसूबा पूरा हो पाएगा या नहीं यह तो आने वाला समय बताएगा। फिलहाल तैनाती को लेकर सेटिंग गेटिंग का खेल जोरशोर से जारी है। कांसगंज जेल अधीक्षक कानपुर नगर तो मऊ जेल अधीक्षक सीतापुर जेल जाने की तैयारी में है। इन दोनों जेलों को कमाऊ जेल माना जाता है। मिली जानकारी के मुताबिक आगामी 31 जनवरी को कानपुर नगर जेल अधीक्षक बीडी पांडे, सीतापुर जेल अधीक्षक सुरेश कुमार सिंह, देवरिया जेल अधीक्षक प्रेम सागर शुक्ला और अम्बेडकरनगर जेल अधीक्षक शशिकांत मिश्रा सेवानिवृत हो रहे है। इन अधीक्षकों के सेवानिवृत होने से पहले ही कुछ जेल अधीक्षकों ने खाली हो रहे पदों पर तैनाती के लिए सेटिंग गेटिंग का खेल शुरू कर दिया है। कमाऊ जेलों पर तैनाती के लिए अधीक्षक कोई कोर कसर बाकी नहीं रखना चाह रहे हैं।
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सूत्रों का कहना है कि मुजफ्फरनगर में बतौर जेलर तैनात रहे राजेश कुमार सिंह ने अधीक्षक पद पर प्रोन्नत होने के बाद बुलंदशहर जेल जाने की फ़िराक़ में लगे हुए थे लेकिन एक प्रभावी अधीक्षक ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया था। सत्तारूढ़ पार्टी के कद्दावर मंत्री और नेता का संरक्षण प्राप्त इस अधीक्षक को स्थानांतरण सत्र के बाद कांसगंज जेल पर तैनात किया गया। करीब आठ माह पूर्व कासगंज जेल पर तैनात हुए अधीक्षक इन दिनों कानपुर नगर जेल पर तैनात होने की जुगत लगाने में जुटे हुए है। पिछली बार हुई चूक के कारण वह इस बार कोई कोर कसर बाकी नहीं रखना चाहते है। इसी प्रकार आगरा जेल से महिला सहायक अधीक्षक की विशेष ड्यूटी मऊ जेल पर लगाया गया है। इस अधीक्षक को सीतापुर जेल भेजे जाने की तैयारी है। उधर इस संबंध में जब प्रमुख सचिव कारागार अनिल गर्ग से बात करने का प्रयास किया गया तो उनका फोन नहीं उठा।
