वित्तपोषित योजनाओं के प्रस्ताव समय पर उपलब्ध कराएं: मुख्य सचिव

Untitled 6 copy 22

देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने आज सचिवालय में पूंजीगत व्यय, केंद्र पोषित योजनाओं, बाह्य सहायता प्राप्त परियोजनाओं, नाबार्ड पोषित योजनाओं और विभिन्न विभागों की व्यय योजनाओं की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि पूंजीगत व्यय, केंद्र पोषित व नाबार्ड द्वारा वित्तपोषित योजनाओं के प्रस्ताव समय पर शासन को उपलब्ध कराए जाएं। प्रतिपूर्ति से जुड़े सभी दावे निर्धारित समयसीमा के भीतर किए जाएं। उन्होंने कहा कि जो विभाग अच्छा और प्रभावी कार्य कर रहे हैं, उन्हें अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध कराई जानी चाहिए। उन्होंने सभी परियोजनाओं को समय पर पूर्ण करने के लिए स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित कर नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने वित्त एवं नियोजन विभाग को कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए स्वतंत्र तृतीय पक्ष मूल्यांकन की एक मजबूत व्यवस्था विकसित करने को कहा। साथ ही, लापरवाही पाए जाने पर उत्तरदायित्व तय करते हुए संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। जिन परियोजनाओं में तृतीय पक्ष मूल्यांकन का प्रावधान नहीं है, उनमें तत्काल यह व्यवस्था लागू करने को कहा गया।

सिंचाई विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि प्रदेश की वर्तमान लगभग 15 प्रतिशत सिंचित भूमि को आगामी पांच वर्षों में बढ़ाकर 30 प्रतिशत किया जाए। इसके लिए नए बैराज, नहरों और अन्य सिंचाई संरचनाओं के निर्माण पर कार्य करने के निर्देश दिए गए। पायलट परियोजना के रूप में लगाए गए फव्वारा सिंचाई तंत्र को प्रदेशभर में लागू करने तथा लघु सिंचाई योजनाओं के अंतर्गत उच्च गुणवत्ता वाले प्रस्ताव तैयार करने पर भी जोर दिया गया। पेयजल योजनाओं को लेकर मुख्य सचिव ने जल संस्थान और जल निगम को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं को शून्य कार्बन उत्सर्जन की दिशा में विकसित किया जाए। उन्होंने सौर ऊर्जा संयंत्रों को बैटरी प्रणाली से जोड़ने, जलवायु परिवर्तन निधि के उपयोग और सौर ऊर्जा को ऊर्जा स्रोत के रूप में अपनाने के लिए ठोस प्रस्ताव तैयार करने को कहा। साथ ही, सभी सीवेज शोधन संयंत्रों की चौबीसों घंटे वास्तविक समय निगरानी की व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए।

Spread the love

Srishti Kandari death case
Crime News Uttarakhand

सृष्टि कंडारी मौत मामला: FIR के बाद CB-CID करेगी जांच, ससुराल पक्ष पर लगे गंभीर आरोप

Srishti Kandari death case : उत्तराखंड के देहरादून जिले के डोईवाला क्षेत्र में सरकारी शिक्षिका सृष्टि कंडारी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला लगातार गहराता जा रहा है। शादी के कुछ ही महीनों बाद हुई इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतका के परिवार ने ससुराल पक्ष पर दहेज, मानसिक […]

Spread the love
Read More
BKTC Inquiry
Uttarakhand

बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे को लेकर विवाद, शिकायत के बाद BKTC ने शुरू की जांच

शिकायत के बाद BKTC ने जांच के दिए आदेश, रिपोर्ट आने तक आरोपों की पुष्टि नहीं BKTC Inquiry :  उत्तराखंड के विश्वप्रसिद्ध श्री बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की गणना को लेकर लगाए गए कथित अनियमितता के आरोपों ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। हाल ही में अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े […]

Spread the love
Read More
Untitled 4 copy
homeslider Uttarakhand

“इस्तीफा नहीं दूंगी” बयान पर घमासान: ममता बनर्जी को लेकर वरिष्ठ वकील का बड़ा संवैधानिक दावा

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के “मैं इस्तीफ़ा नहीं दूँगी, मैं हारी नहीं हूँ” वाले बयान पर, सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के प्रेसिडेंट, सीनियर एडवोकेट विकास सिंह ने कहा कि “संविधान के अनुसार, जहाँ तक पद पर बने रहने की बात है,  हमारे सामने पहले भी ऐसे हालात आए हैं जहाँ मुख्यमंत्री ने […]

Spread the love
Read More