उत्तराखंड में गोल्डन कार्ड की विसंगतियों को दूर करे सरकार

कोटद्वार। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की ज़िला पौड़ी गढ़वाल इकाई की देर शाम बैठक कोटद्वार में संपन्न हुईं। बैठक में वक्ताओं ने प्रांतीय कार्यकारिणी के आहवान पर शिक्षक व राज्य के सभी विभागों के कर्मचारियों की मांगों पर अमल नहीं करने की हठधर्मिता पर आंदोलनात्मक रणनीति अपनाने पर विचार किया गया बैठक में परिषद के नव नियुक्त पदाधिकारियों को फूल माला पहनाकर स्वागत किया गया व संग़ठन की 18 सूत्रीय मांगों पर भी गहन चर्चा की गई। संगठन के प्रांतीय संयुक्त मंत्री डॉ महाबीर सिंह बिष्ट ने कहा कि सरकार को गोल्डन कार्ड की विसंगतियों को दूर करते हुए कैंसर , न्यूरों एवं हार्ट जैसी बीमारियों के इलाज हेतु मैक्स , जौली ग्रान्ट , सी एम आई जैसे बड़े अस्पतालों को चिन्हित करते हुए शामिल किया जाय। तभी गोल्डन कार्ड लाभदायी सिद्ध होगा।

प्रांतीय उपाध्यक्ष राकेश तिवारी ने कर्मचारियों व अधिकारियों की ए सी पी की दस, सोलह व छब्बीस साल वाली पूर्ववर्ती व्यवस्था लागू करने व अन्य कर्मचारियों की भांति शिक्षकों को चयन व प्रोन्नत वेतनमान में एक अतिरिक्त वेतनवृद्धि देने की मांगों को जायज ठहराया, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी संघ के प्रांतीय अध्यक्ष संतन सिंह बिष्ट ने अन्य राज्यों पंजाब, राजस्थान की जगह पुरानी पेंशन योजना(ओ पी एस) की बहाली करने, पशुपालन विभाग के मनोज जोशी ने पुलिस कर्मचारियों की भांति अन्य विभागों के कर्मचारियों को वर्दी भत्ता देने की मांग की।

वक्ताओं ने आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने से पूर्व वेतन विसंगति दूर करने की सरकार से मांग की। डिप्लोमा पशु चिकित्सा सेवा संघ के प्रदेश अध्यक्ष हर्षमोहन नेगी ने कहा कि अगर सरकार शीघ्र ही उनकी मांगों को पूरा नहीं करती तो परिषद ने आगामी 15 जनवरी से आंदोलनात्मक रणनीति तैयार की है। पूरे प्रदेश में सभी विभागों के कर्मचारियों के कार्यालयों में जाकर 15 से 31 जनवरी तक गेट मीटिंग, 7 फरवरी को प्रत्येक जनपद के व 21 फरवरी को राजधानी देहरादून में धरना-प्रदर्शन, 22 फरवरी से 31 मार्च तक परिषद द्वारा प्रदेश के सभी विधायको व मुख्यमंत्री को ज्ञापन देना, 13 मार्च को राजधानी देहरा दून में परेड ग्राउंड से लेकर सचिवालय तक रैली का कार्यक्रम प्रस्तावित है।

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