उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से जुड़ी एक बड़ी प्रशासनिक खबर सामने आई है। प्रदेश की प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्था किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) पर लखनऊ नगर निगम ने 67 करोड़ रुपये के हाउस टैक्स बकाया होने का दावा किया है। नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार यह राशि लंबे समय से लंबित है और अब इसे लेकर सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
मंगलवार को नगर निगम की एक विशेष टीम सीधे KGMU के वाइस चांसलर कार्यालय पहुंची, जहां विश्वविद्यालय के करीब 60 भवनों का विस्तृत हाउस टैक्स बिल सौंपा गया। निगम अधिकारियों का कहना है कि कई बार नोटिस भेजे जाने के बावजूद टैक्स का भुगतान नहीं किया गया, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
नगर निगम का क्या कहना है?
नगर निगम के अनुसार, केजीएमयू परिसर में मौजूद अस्पताल भवन, शैक्षणिक ब्लॉक, हॉस्टल और अन्य संरचनाएं नगर निगम की कर सीमा में आती हैं। ऐसे में इन सभी पर नियमानुसार हाउस टैक्स देय है। निगम अधिकारियों का कहना है कि टैक्स न चुकाने के कारण अब यह बकाया राशि बढ़कर 67 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।
सूत्रों के मुताबिक, KGMU प्रशासन इस बिल की तकनीकी और कानूनी समीक्षा कर रहा है। विश्वविद्यालय का पक्ष है कि कुछ भवनों को लेकर टैक्स छूट या पुनर्मूल्यांकन की मांग पहले भी की जा चुकी है। हालांकि, इस पूरे मामले पर केजीएमयू प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक लिखित बयान जारी नहीं किया गया है।
पहले से विवादों में रहा है KGMU
गौरतलब है कि बीते कुछ महीनों में KGMU लगातार सुर्खियों में रहा है। हाल ही में संस्थान की एक महिला डॉक्टर ने यौन शोषण और जबरन धर्मांतरण का दबाव डालने का आरोप लगाया था। इस मामले में आरोपी डॉक्टर रमीज की गिरफ्तारी हुई थी और उसे विश्वविद्यालय से निलंबित भी किया गया था।
इसके अलावा, डॉक्टर रमीज का नाम दिल्ली ब्लास्ट केस से जुड़ी आरोपी डॉक्टर शाहीन से कथित संबंधों को लेकर भी सामने आया था। इस पूरे प्रकरण की जांच अब एसटीएफ को सौंपी गई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि रमीज का किसी संगठित नेटवर्क से कोई संबंध था या नहीं।
नगर निगम की यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि अब सरकारी और अर्ध-सरकारी संस्थानों से भी बकाया टैक्स वसूलने के लिए प्रशासन सख्ती बरत रहा है। आने वाले दिनों में यदि भुगतान नहीं हुआ, तो निगम आगे की कानूनी कार्रवाई भी कर सकता है।
